सुल्तानपुर पुलिस डकैती के शिकार पीड़ित परिवार ने राजधानी में मांगा इंसाफ

योगी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ पूर्वांचल से रिहाई मंच करेगा अभियान की शुरुआत...

योगी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ पूर्वांचल से रिहाई मंच करेगा अभियान की शुरुआत

योगीराज में दलित, पिछड़े और मुसलमान सुरक्षित नही- मंच

पुलिस के अंदर के अपराधी तत्वों के हौसले बुलंद।

लखनऊ 24 फरवरी 2018। रिहाई मंच ने पूरे सूबे में बढ़ रहे पुलिस उत्पीड़न पर सवाल उठाते हुए कहा है कि एक तो प्रदेश में अपराधियों के हौसले वैसे ही बुलंद हैं दूसरे तरफ पुलिसकर्मी भी अपराधी की भूमिका अदा कर रहे हैं। मंच ने उन्नाव में दलित लड़की को सरेआम जिंदा जला देने की घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि योगी सरकार में दलित पिछड़े और मुसलमान सुरक्षित नहीं हैं।

मंच ने कहा है कि इसके खिलाफ पूरे सूबे में अभियान चलाया जाएगा। अभियान के पहले चरण में पूर्वांचल के आज़मगढ़, बलिया, मऊ, गाजीपुर, जौनपुर, अम्बेडकर नगर समेत अन्य जिलों में दलित उत्पीड़न, फ़र्ज़ी मुठभेड़ और साम्प्रदायिक हिंसा के खिलाफ अभियान चलाएगा। मंच ने सुल्तानपुर पुलिसिया उत्पीड़न के परिवार के साथ प्रेस कांफ्रेंस में यह बातें मीडिया को बतायीं।

सुल्तानपुर पुलिस द्वारा रात में घर में दबिश के नाम पर डकैती डालकर लाइसेंसी बंदूक, रायफल डबल बैरल बन्दूक, दो मोटरसाइकिल और सीसीटीवी कैमरा तोड़कर उठा ले जाने से पीड़ित परिवार ने सरकार और आला पुलिस अधिकारियों से न्याय की मांग करते हुए प्रेस कांफ्रेंस किया।

यूपी प्रेस क्लब में रिहाई मंच द्वारा आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पीड़ित परिवार के पीड़ित सिराज उर्फ गुड्डू ने बताया कि 20-21 फरवरी 2018 की में रात को करीब 12 बजे उनकी अनुपस्थिति में कोतवाल सुल्तानपुर नगर एके सिंह ने अपने 30- 35 पुलिसकर्मियों के साथ घर मे घुस गए और सबसे पहले सीसीटीवी कैमरे और उसका पूरा सिस्टम तोड़ने के बाद उनकी पत्नी श्रीमती आफ़ीफ़ा अकबरी और 8 वर्षीय बेटे फरहान को बुरी तरह मार पीटा। जिससे उनकी पत्नी बेहोश हो गईं।

सिराज ने बताया कि उनके घर में लूटपाट करने के बाद उनके भाई मिराज अहमद उर्फ पप्पू के घर मे भी पुलिस घुस गई। प्रेस कांफ्रेंस में मेराज अहमद ने बताया कि उनके घर में पुलिस ने उनकी पत्नी रुख्सीदा बानो और 5 साल के बेटे फैसल और 8 वर्षीय बेटी ऐश मुहम्मदी को मारापीटा और घर में लगा सीसीटीवी कैमरा तोड़ दिया और उनकी लायसेंसी रायफल और उनके ससुर की लायसेंसी बंदूक और दो मोटरसाइकिल भी लूट ले गए और घर में सो रहे मिराज के दोस्त फहीम को उठा ले गए और थाने में बुरी तरह से पिटाई की और धमकी दी कि घटना के बारे में कुछ बताया या शिकायत की तो उसका एनकाउंडर कर दिया जायेगा या हत्या या डकैती में फसा दिया जाएगा।

सिराज अहमद ने आगे बताया कि जनवरी 2015 में शहर के मशहूर व्यवसायी हाजी मुन्ना सेठ हत्याकांड में वह गवाह हैं जिसमें शहर के अपराधी जलीस अहमद, रेशू सिंह, राहुल, सौरभ सिंह, रुखसार, दिलशाद, इकसार अहमद और सिराज अभियुक्त हैं। सिराज अहमद ने आरोप लगाया कि पुलिस इन हत्यारोपियों को बचाना चाहती है जिसके कारण अपराधियों से मिलकर उनके खिलाफ साजिश रच रही है, उनको और उनके परिवार को डराकर समझौते के लिये मजबूर करना चाहती है।

सिराज अहमद ने बताया कि जब उनके एक परिचित ने फोन पर पुलिस अधीक्षक सुल्तानपुर अमित वर्मा से बात की तो पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सिराज जलीस गैंग का शातिर और वांछित अपराधी है और उसके गैंगेस्टर भी लग चुका है। सिराज अहमद ने बताया कि हाजी मुन्ना हत्याकांड की चार्टशीट के मुताबिक जलीस के जिस साथी सिराज उर्फ पप्पू पुत्र मंसूर अहमद ग्राम लोलेपुर कोतवाली नगर को आरोपी बनाया गया है, वो दूसरा आदमी है जबकि मेरा परिचय और पता सिराज अहमद उर्फ गुड्डू पुत्र मुहम्मद इसराइल मोहल्ला घरहा खुर्द सिरवारा रोड कोतवाली नगर सुल्तानपुर है और मैं हाजी मुन्ना हत्याकांड में उपरोक्त सिराज उर्फ पप्पू के खिलाफ गवाह हूं।

सिराज ने बताया कि जब कोतवाल से उनके एक परिचित ने फोन पर बात की तो उन्होंने बताया कि सिराज अहमद रामकल्प साहू पुत्र स्व घूरे साहू निवासी सिरवारा रोड घरहा खुर्द सुल्तानपुर पर हुए जानलेवा हमले में वांछित है और उसी मामले में सिराज के घर पर दबिश दी गई। बातचीत जिसका ऑडियो प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुनाया गया, में कोतवाल एके सिंह स्वीकार करते हैं कि सिराज राम कल्प साहू के मामले के अलावा किसी दूसरे मामले में वांछित नही हैं जबकि खुद एसपी अपने बातचीत में जिसका ऑडियो प्रेस कांफ्रेंस में सुनाया गया, कह रहे हैं कि जिस सिराज के घर दबिश दी गयी है वह जलीस गैंग का सदस्य है। पीड़ित परिवार ने मांग की दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके कार्यवाही की जाए।

रिहाई मंच के अध्यक्ष एड.मुहम्मद शुऐब ने कहा कि पुलिस द्वारा इन दोनों घरों से सीसीटीवी कैमरा उठा ले जाना साबित करता है कि अपने डकैती जैसे अपराध को मिटाने के लिए ऐसा किया है। कोतवाल का उपरोक्त बयान कि सिराज उर्फ गुड्डू राम कल्प साहू मामले में वांछित है साबित करता है कि कोतवाल अनुचित दबाव डालकर सिराज उर्फ गुड्डू को हाजी मुन्ना हत्याकांड के अपराधियों को बचाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पूरे सूबे में जिस तरह से फ़र्ज़ी एनकाउंडर करने की छूट योगी सरकार ने दे दी है उससे पुलिस के अंदर के अपराधी तत्वों के हौसले बुलंद हैं जिसे कप्तान व कोतवाल के अंतर्विरोध बयान में देखा जा सकता है।

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