सबसे कठिन है बच्चों में टीबी की जांच

2017 में लगभग एक मिलियन बच्चे टीबी से बीमार हुए और दो लाख तीस हजार बच्चे ( एचआईवी संबंधित टीबी समेत) टीबी से मौत के काल में समा गए।...

सबसे कठिन है बच्चों में टीबी की जांच

नई दिल्ली, 20 अक्तूबर। देश में क्षयरोग (टीबी) की गंभीर समस्‍या है। जी हाँ, विश्व स्वाथ्य संगठन की एक फैक्ट शीट के मुताबिक आठ देशों में दुनिया भर के दो तिहाई टीबी मरीज हैं। इनमें सबसे ज्यादा भारत में फिर चीन, इंडोनेशिया, फिलीपींस, पाकिस्तान, नाइजीरिया, बंग्लादेश और दक्षिणी अफ्रीका में हैं।

भारत में हर वर्ष करीब 22 लाख क्षयरोगी बढ़ जाते हैं, इनमें से करीब आठ लाख क्षयरोगी स्‍मीयर पॉजीटिव, अर्थात् ऐसे होते हैं जिनसे यह बीमारी दूसरों को होने का बहुत अधिक खतरा होता है। इसके एक रोगी से एक वर्ष में औसतन 10-15 लोगों को संक्रमण होता है।

फेफड़ों की टीबी के लक्षण

फेफड़ों की टीबी के सामान्य लक्षण हैं रक्त के साथ खांसी और बलगम आना, छाती में दर्द, कमजोरी, वजन का असामान्य रूप से कम होना, बुखार और रात में पसीना आना।

कई देशों में अभी भी टीबी को डायग्नोज़ करने के लिए लंबी प्रक्रिया स्पुतम स्मीयर माइक्रोस्कोपी sputum smear microscopy प्रयोग की जाती है। इसमें प्रशिक्षित लैब तकनीशियन रोगी के थूक का नमूना लेकर माइक्रोस्कोपी से जांच करते हैं कि इसमें टीबी बैक्टीरिया मौजूद हैं या नहीं।

माइक्रोस्कोपी की समस्या यह है कि टीबी मामलों की केवल आधा संख्या का पता लगा पाती है और दवा प्रतिरोध का पता नहीं लगा सकता।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2010 में टीबी के तेजी से परीक्षण के लिए Xpert एमटीबी / आरआईएफ® Xpert MTB/RIF® विधि की सिफारिश की। उसके बाद से इसका उपयोग काफी बढ़ गया है।

परीक्षण Xpert एमटीबी / आरआईएफ® एक साथ टीबी का भी पता लगाता है और टीबी की सबसे महत्वपूर्ण दवा rifampicin के प्रति प्रतिरोध की भी जांच करता है।

इसके जरिए दो घंटे में टीबी की जांच की जा सकती है। इस जांच को विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से टीबी के सामान्य लक्षण वाले सभी मरीजों की प्राथमिक जांच के लिए अनुशंसित किया गया है।

बहु दवा प्रतिरोधी (multi-drug resistant एमडीआर) और बड़े पैमाने पर दवा प्रतिरोधी टीबी  (drug-resistant TB) के साथ-साथ एचआईवी से जुड़े टीबी का निदान जटिल और महंगा हो सकता है। 

वर्ष 2016 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चार नए टेस्ट को टीबी की जांच के लिए मंजूरी दी।

ऐसे स्वास्थ्य केंद्र जहाँ Xpert एमटीबी / आरआईएफ का उपयोग नहीं किया जा सकता है, वहां एक तेज़ आणविक परीक्षण rapid molecular test की अनुशंसा की गई। जबकि तीन अन्य टेस्ट को प्रथम और द्वितीय चरण की टीबी के प्रति प्रतिरोध का निदान करने के लिए अनुशंसा की गई।

बच्चों में टीबी की जांच करना सबसे कठिन है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक बच्चों में टीबी का निदान करने के लिए अभी तक केवल एक्सपर्ट एमटीबी / आरआईएफ ही सामान्य तौर पर उपलब्ध है।

2017 में लगभग एक मिलियन बच्चे टीबी से बीमार हुए और दो लाख तीस हजार बच्चे ( एचआईवी संबंधित टीबी समेत) टीबी से मौत के काल में समा गए।

भारत सरकार के REVISED NATIONAL TUBERCULOSIS CONTROL PROGRAMME की वेबसाइट https://nikshay.in/Home/Index# पर रजिस्टर करके टीबी के विषय में उचित जानकारी ली जा सकती है। निक्षय भारत सरकार द्वारा मई 2012 में शुरू किया गया पोर्टल है।  99 DOTS टोल फ्री नंबर 1800116666 है।

(नोट – यह समाचार चिकित्सकीय परामर्श नहीं हैयह आम जनता में जागरूकता के उद्देश्य से किए गए अध्ययन का सार है। आप इसके आधार पर कोई निर्णय नहीं ले सकतेचिकित्सक से परामर्श करें। )

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