वाहन चलाते समय फोन इस्तेमाल 94 फीसदी मानते हैं खतरनाक 

एक अध्ययन के अनुसार 94 फीसदी लोग यह मानते तो हैं कि गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल खतरनाक है, किंतु इनमें से 47 फीसदी इस बात को स्वीकार भी करते हैं कि वे गाड़ी चलाते समय खुद भी फोन सुनते हैं। ...

नई दिल्ली, 29 अप्रैल। सड़कों पर वाहन चलाते हुए फोन का इस्तेमाल आम बात है। कार में लोग जहां फोन कान में लगाए रहते हैं वहीं अब तो स्कूटी, बाईक चलाते हुए भी फोन पर बात करने का शगल दिखाई देता है।

एक अध्ययन के अनुसार 94 फीसदी लोग यह मानते तो हैं कि गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल खतरनाक है, किंतु इनमें से 47 फीसदी इस बात को स्वीकार भी करते हैं कि वे गाड़ी चलाते समय खुद भी फोन सुनते हैं।

दिल्ली, कानपुर, कोलकाता, मुंबई सहित आठ शहरें में किए 'डिस्ट्रैक्ट ड्राइविंग इन इंडिया’ अध्ययन में ऐसे ही कई पहलू सामने आए हैं।

मोबाइल फोन, इस्तेमाल और व्यवहार पर रिपोर्ट जारी करते हुए वोडाफोन के निदेशक पीबालाजी व सेव लाईफ फाउन्डेशन के निदेशक साजी चेरियन द्वारा किया गया।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के संयुक्त सचिव अभय डेमले ने भी सड़क पर सुरक्षित आवाजाही पर बल देने हुए ''रोड़ सेफ’’ मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया।

यह ऐप गाड़ी चलाते हुए वाहन चालक का ध्यान भंग न हो व सुरक्षित ड्राइविंग के सुझाव देगा।

अध्ययन में दोपहिया वाहन चालक, तिपहिया वाहन चालक, चार-पहिया और ट्रक, बस सभी वाहनों के चालकों में 34 फीसदी ने बताया कि वे वाहन चलाने के दौरान फोन पर बात करते समय अचानक ब्रेक लगाते हैं, जबकि 20 फीसदी उत्तरदाताओं ने बताया कि वे वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने के कारण सड़क दुर्घटना का शिकार होने से बचे हैं।

सर्वेक्षण के परिणाम दर्शाते हैं कि 96 फीसदी यात्री अपने आप को असुरक्षित महसूस करते हैं अगर वाहन चालक गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता है। देश में सड़क सुरक्षा की स्थिति में सुधार लाने के लिए इस ऐप में डिस्ट्रैक्शन फ्री ड्राइविंग, फोन आने पर, एसएमएस, पुश नोटिफिकेशन को स्वत: ही बंद करने जैसे उपाय हैं। यदि वाहन की गति 10 किलोमीटर प्रति घण्टा से अधिक तो यह तुरंत सक्रिय हो जाएगा। सड़क सुरक्षा के सुझाव तथा यातायात सम्बन्धी जुर्माने एवं अपराधों की जानकारी भी देता है।

परिवहन मंत्रालय के संयुक्त सचिव अभय डेमले ने कहा,

''भारत सरकार सड़क दुर्घटनाओं एवं मौतों की संख्या को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। लोकसभा द्वारा मोटर वाहन संशोधन विधेयक पारित किया गया है। मानसून सत्र में विधेयक पर विचार संभव है, इस विधेयक में खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाने और विशेष रूप से ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने के लिए कठोर दंड का प्रावधान है। हम वाहन चालकों से आग्रह करते हैं कि ड्राइविंग की सुरक्षित प्रथाओं को अपनाएं।’’

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