मोदी सरकार को कांग्रेस ने बताया डाटा लीक सरकार

अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नमो एप’ पर सवाल उठाए और कहा कि जब श्री मोदी के पास सरकारी एप मौजूद था तो उन्हें अलग से ‘नमो एप’ बनाने की जरूरत नहीं होनी चाहिए थी...

नई दिल्ली 26 मार्च। मोदी सरकार पर लोगों की निजता पर प्रहार करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने कहा है कि जिस तरह से लोगों की निजी जानकारियां लीक हो रहीं हैं उसे देखते हुए इसे ‘डाटा लीक सरकार’ कहा जाना चाहिए।

पार्टी की नियमित प्रेस कांफ्रेंस में पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नमो एप’ पर सवाल उठाए और कहा कि जब श्री मोदी के पास सरकारी एप मौजूद था तो उन्हें अलग से ‘नमो एप’ बनाने की जरूरत नहीं होनी चाहिए थी। प्रधानमंत्री के लिए अधिकृत ‘एप पर वार्तालाप के लिए 14 बिंदुओं को रखा गया है लेकिन ‘मोदी एप’ में 22 बिंदु शामिल किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि ‘मोदी एप’ से 50 लाख से ज्यादा लोग जुड़े हैं और उन सबकी सारी निजी सूचनाएं सीधे अमेरिकी कंपनियों को पहुंच रही हैं। इस खुलासे से पहले फरवरी में बैंकों के दस हजार ग्राहकों का डाटा लीक होने की खबर आयी। इससे पहले 2016 में 32 लाख डेबिट कार्ड की सूचनाएं गायब हो गयी। आधार का डाटा भी लीक हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब निजी डाटा ही सुरक्षित नहीं है तो बैंकों में रखा लोगों का पैसा कैसे सुरक्षित रह सकता है।

श्री सिंघवी ने डाटा लीक मामले में सेवानिवृत्त न्यायाधीश बी एन श्रीकृष्ण के नेतृत्व वाली विशेषज्ञ समिति का हवाला देते हुए कहा

सरकारी और निजी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर और अभूतपूर्व रूप से निजी डाटा को जुटाया जा रहा है और उसका इस्तेमाल किया जा रहा है। इस तरह से 50 लाख भारतीयों का डाटा एकत्रित किया गया है।’’

सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस के एप से डाटा ‘सिंगापुर सर्वर’ को भेजे जाने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि यह मोदी सरकार की ‘नमो एप’ के बारे में हुए खुलासे से ध्यान भटकाने का प्रयास है। यह पूछने पर कि कांग्रेस ने अपना मोबाइल एप क्यों हटाया है, उन्होंने कहा कि इसका बहुत उपयोग नहीं हो रहा था, क्योंकि जिस मकसद से इसे तैयार किया गया था वह मकसद कांग्रेस की वेबसाइट से पूरा हो रहा था।

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