तीन सालों में सभी बैंकों को निगल जाएगा पेटीएम ?

तो क्‍या तीन सालों में बंद हो जायेंगी देश की सभी बैंक शाखाएं? अगले तीन सालों में भौतिक रूप से अप्रासंगिक हो जाएंगे बैंक: अमिताभ कांत...

तो क्‍या तीन सालों में बंद हो जायेंगी देश की सभी बैंक शाखाएं?

अगले तीन सालों में भौतिक रूप से अप्रासंगिक हो जाएंगे बैंक: अमिताभ कांत

Amitabh Kant at IAMA I #12IDS : India's Mobile Data Consumption Highest In World, more than US and China put together!

क्या पेटीएम अगले तीन सालों में देश की सभी बैंकों को निगल जाएगा और देश की सभी बैंक शाखाएं बंदहो जाएंगी ? जी हां,ऐसा हो भी सकता है और ऐसे संकेत किसी और ने नहीं बल्कि नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत ने स्वयं दिए हैं कि अगले तीन सालों में बैंक भौतिक रूप से अप्रासंगिक हो जाएंगे।

पेटीएम अगले तीन सालों में देश की सभी बैंकों को निगल जाएगा... ऐसी शंकाएं उठना शुरू हो गई हैं। दरअसल नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत ने गुरूवार को एक कार्यक्रम में कहा कि... भौतिक रूप से बैंक और उनकी शाखाओं में जाना अगले तीन साल में अप्रासंगिक हो जायेगा, क्योंकि डाटा खपत और डाटा विश्लेषण से वित्तीय समावेश को और गति मिलेगी। जिस समय अमिताभ कांत ने ये बात कही उस समय पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा भी मौजूद थे।

अमिताभ कांत ने कहा कि बैंकों की शाखाओं में जाना खत्म हो जायेगा...इसका कारण बड़े पैमाने पर डाटा का उपयोग तथा डाटा विश्लेषण है... जो वित्तीय समावेश को मजबूत बनायेगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नई दिल्ली में एक परिचर्चा में भाग लेते हुए अमिताभ कांत ने कहा कि भारत एकमात्र देश है... जहां एक अरब से अधिक लोगों को आधार कार्ड (बायोमेट्रिक) जारी किये गये हैं।

अमिताभ कांत ने कहा कि अगले तीन साल में भारत में एक अरब से अधिक स्मार्टफोन होगा।

नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने यह भी कहा कि देश में मोबाइल डाटा खपत अमेरिका और चीन के संयुक्त डाटा खपत से अधिक है।

परिचर्चा में भाग लेते हुए पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा ने कहा कि दुनिया में नया बैंकिंग मॉडल भारत से आयेगा और पेटीएम भारत मॉडल का शुरूआती उदाहरण होगा।

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