तेजस्वी का वार : नीतीश और सुशील मोदी बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा Donald Trump से माँग रहे हैं क्या?

सीधे मोदी जी को कहने में डर लगता है क्या? नीतीश चाचा, चंद्रबाबु नायडू जी की तरह रीढ़ की हड्डी सीधी रख बतियाईयें। बिहार का हक़ माँग रहे है कौनो भीख नहीं।...

तेजस्वी का वार :  नीतीश और सुशील मोदी बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा Donald Trump से माँग रहे हैं क्या?

नई दिल्ली, 30 मई। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर अब सियासत तेज हो गई है। विशेष राज्य का दर्जा पर नीतीश कुमार के बयान के बाद अब बिहार के अन्य नेताओं के बीच भी होड़ लग गई है। मंगलवार को नीतीश कुमार ने राज्य को विशेष सहायता की मांग के लिए केंद्रीय वित मंत्री अरुण जेटली को ख़त लिखा, इसके तुरंत बाद मोदी सरकार में सहयोगी और लोजपा प्रमुख केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने विशेष राज्य के दर्जे की मांग का समर्थन किया है। उधर नीतीश के पूर्व सहयोगी और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने इस “विशेष राज्य का दर्जा” पॉलिटिक्स पर कई करारे प्रहार करते हुए पूछा, ”नीतीश कुमार और सुशील मोदी बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा Donald Trump से माँग रहे है क्या?”

तेजस्वी यादव ने कल से लेकर आज तक धड़ाधड़ कई ट्वीट किए। उन्होंने लिखा -

“नीतीश कुमार और सुशील मोदी बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा Donald Trump से माँग रहे है क्या?

जनता को बेवक़ूफ़ समझा है क्या?

सीधे मोदी जी को कहने में डर लगता है क्या?

नीतीश चाचा, चंद्रबाबु नायडू जी की तरह रीढ़ की हड्डी सीधी रख बतियाईयें।

बिहार का हक़ माँग रहे है कौनो भीख नहीं।”

इससे पहले उन्होंने नीतीश कुमार, रामविलास पासवान और सुशील मोदी को लपेटते हुए ट्वीट किया,

“नीतीश कुमार,रामबिलास पासवान और सुशील मोदी बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा विपक्ष से माँग रहे हैं या फिर किसी अदृश्य भूत-प्रेत से..

केंद्र और राज्य मे आपकी सरकार है। फिर ये माँगने की नौटंकी, किससे?

जनादेश चोरी करने के बाद भी ये अवसरवादी लोग विकास नहीं करने के बहाने ढूँढ रहे है।“

इससे पहले तेजस्वी ने नीतीश को निशाना बनाते हुए ट्वीट किया,

“आपने हमारा जनादेश चोरी कर लिया अब हमारी विशेष राज्य की माँग के बहाने बीजेपी पर प्रेशर पॉलिटिक्स करना चाह रहे है।

कुछ विकासवा कीजियेगा या नहीं या हरदम सहयोगियों संग ई ब्लैकमेलिंग वाला खेला ही चलता रहेगा?

आपने विशेष राज्य के मुद्दे पर मेरे पहले वाले पत्र का जवाब आज तक नहीं दिया।“

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