क्षय रोग का इलाज और रोकथाम संभव, पर टीबी के मरीजों में भारत है दुनिया में अव्वल

क्या आप जानते हैं कि दुनिया भर के दो तिहाई टीबी के मरीज सिर्फ आठ देशों में हैं और इनमें भारत अव्वल है ?...

क्षय रोग का इलाज और रोकथाम संभव, पर टीबी के मरीजों में भारत है दुनिया में अव्वल
Photo with courtesy WHO
क्षय रोग का इलाज और रोकथाम संभव पर टीबी के मरीजों में भारत है दुनिया में अव्वल

नई दिल्ली, 18 अक्तूबर। क्या आप जानते हैं कि दुनिया भर के दो तिहाई टीबी के मरीज सिर्फ आठ देशों में हैं और इनमें भारत अव्वल है ?

जी हाँ, विश्व स्वाथ्य संगठन की एक फैक्ट शीट के मुताबिक आठ देशों में दुनिया भर के दो तिहाई टीबी मरीज हैं। इनमें सबसे ज्यादा भारत में फिर चीन, इंडोनेशिया, फिलीपींस, पाकिस्तान, नाइजीरिया, बंग्लादेश और दक्षिणी अफ्रीका में हैं।

फैक्ट शीट के मुताबिक क्षय रोग या तपेदिक (टीबी) दुनिया भर में मौत के शीर्ष 10 कारणों में से एक है।

फैक्ट शीट के मुताबिक क्षय रोग (टीबी) बैक्टीरिया (माइकोबैक्टेरियम तपेदिक) के कारण होता है जो अक्सर फेफड़ों को प्रभावित करता है। क्षय रोग का इलाज संभव है और रोकथाम संभव है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की फैक्टशीट के मुताबिक टीबी का इलाज 4 एंटी मिक्राबियल के 6 महीने के इलाज से संभव है, लेकिन यह इलाज स्वयं नहीं करना चाहिए, यह किसी प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ता या डॉक्टर की निगरानी में ही करना चाहिए। बिना डॉक्टर के खुद इलाज करने पर उपचार मुश्किल हो सकता है और रोग फैल सकता है। फैक्टशीट के मुताबिक यदि दवाएं उचित तरीके से योग्य डॉक्टर के निर्देशन में ली जाएं तो टीबी के अधिकांश मामले ठीक हो सकते हैं।

(नोट – यह समाचार चिकित्सकीय परामर्श नहीं हैयह आम जनता में जागरूकता के उद्देश्य से किए गए अध्ययन का सार है। आप इसके आधार पर कोई निर्णय नहीं ले सकतेचिकित्सक से परामर्श करें। )

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