टीवी जर्नलिज्‍म की दुनिया का गोयबल्‍स – अर्नब गोस्‍वामी, भगतसिंह के पोस्‍टरों को ISIS के पोस्‍टर बताकर चलायी खबर

अर्नब गोस्‍वामी व उसका चैनल रिपब्लिक टीवी इस मामले में बाकी सारे टीवी चैनलों से भी आगे है। अफवाहों के जरिए झूठ फैलाने और नफरत फैलाने के कारोबार को अब वह नई ऊँचाइयों पर लेकर जा रहा है।...

आजकल व्‍हाटसएप्‍प, फेसबुक जैसे माध्‍यमों पर बहुत सारी अफवाहें रोज उड़ती रहती हैं। टीवी पर भी इस तरह की अफवाहें उड़ती हैं पर उनकी संख्‍या कम रहती हैं व वो “आकर्षक पैकेज” में रखकर फैलायी जाती हैं। पर संघी चापलूस अर्नब गोस्‍वामी व उसका चैनल रिपब्लिक टीवी इस मामले में बाकी सारे टीवी चैनलों से भी आगे है। अफवाहों के जरिए झूठ फैलाने और नफरत फैलाने के कारोबार को अब वह नई ऊँचाइयों पर लेकर जा रहा है।

ताजा घटना परसों की है जब दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय के डूसू (DUSU) सेक्रेटरी अंकित सांगवान ने अपने मोबाइल से कुछ फोटो लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज करवायी कि दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय के ‘डेल्‍ही स्‍कूल ऑफ इकॉनोमिक्‍स’ में ISIS के समर्थन में नारे लिखे हुए हैं। एक दीवार पर स्‍प्रे पेंट से लिखे हुए कुछ नारों की फोटो भी उसने सब्मिट की। इसके बाद सभी अखबारों व टीवी चैनलों ने ये खबर चलायी।

सभी ने वही बताया जो अंकित सांगवान का दावा था व वही फोटो दिखायी जो अंकित सांगवान ने सब्मिट की थी। लेकिन संघ के तलवे चाटने वाले रिपब्लिक टीवी को इसे सनसनीखेज बनाना था तो उसने इन फोटो के साथ-साथ दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय के बाहर एक दीवार पर चिपकाये गये दिशा छात्र संगठन के पोस्‍टरों को भी अपनी रिपोर्ट में शामिल कर लिया। इन पोस्‍टरों में क्‍या लिखा है, वो देखकर आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं कि ये ISIS से कितने सम्‍बधित हैं पर अर्नब गोस्‍वामी के चैनल का रिपोर्टर लगातार इन पोस्‍टरों को हाइलाइट कर करके टीवी पर चिल्‍ला रहा है कि ये ISIS के पोस्‍टर हैं। पोस्‍टरों पर ये नारे थे

1. शिक्षा है सबका अधिकार, बन्द करो इसका व्यापार! (Everyone has the right to Education, Stop it’s commercialization)

2. भगत सिंह के सपनों को साकार करो! ( Come forward to realize Bhagat Singh’s dreams)

3. Dare to fight, dare to win!

4. Flee not, Change the world.

5. लड़ो पढ़ाई करने को, पढ़ो समाज बदलने को। (Fight for education, educate to galvanize change in society)

6. दिशा का रास्‍ता, भगतसिंह का रास्‍ता

अब आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं कि इन नारों से क्‍योंकर अर्नब गोस्‍वामी जैसे दो कौड़ी के एंकरों को दिक्‍कत हो सकती है। दिशा छात्र संगठन इस मामले में रिपब्लिक टीवी को कानूनी नोटिस तो भेज ही चुका है पर हमें ये भी समझना होगा कि फासीवादियों के तलवे चाटने वाले ये टीवी चैनल आगे आने वाले समय में इससे भी ज्‍यादा अफवाहों का सहारा लेंगे और प्रगतिशील, क्रांतिकारी व्‍यक्तियों व संगठनों के खिलाफ इस तरह की झूठी खबरें फैलाकर उन्‍हें बदनाम करने की साजिशें रचेंगे। इनका इतिहास ही झूठ का रहा है।

आपको जी न्‍यूज के सुधीर चौधरी का इतिहास तो याद ही होगा जब उसने दिल्‍ली के एक स्‍कूल की शिक्षिका के खिलाफ झूठी खबर चलायी और उसे वेश्‍यावृत्ति करवाने वाली करार दिया। उसके बाद उस शिक्षिका को लोगों द्वारा बूरी तरह मारा गया पर जब जांच हुई तब पता चला कि सुधीर चौधरी के साथ काम करने वाले एक पत्रकार का उस महिला से कोई व्‍यक्तिगत झगड़ा था।

अब ये लोग अपने खिलाफ उठने वाली हर आवाज को खामोश करने के लिए अफवाहों का सहारा ले रहे हैं। अम्‍बानी, अडानी की दलाली कर देश की जनता को लगातार गरीबी, बेरोजगारी में धकेल रही मोदी सरकार चाहती है कि उनका विरोध ना हो और इसलिए जो लोग इनका विरोध करते हैं, उन्‍हें ही जनता के बीच बदनाम करने के लिए रिपब्लिक टीवी जैसे हजारों गोयबल्‍स खड़े किये जा रहे हैं।

अन्‍य अखबारों व टीवी चैनलों  पर इस मुद्दे का कवरेज जिसमें  दिशा छात्र संगठन के  पोस्‍टरों का कोई जिक्र नहीं है

1. Hindustan times 

2. अमर उजाला

3. आज तक

4. आउटलुक

5. The Economic times

6. जी न्‍यूज

7. Huffington Post

Pro-ISIS and pro-Maoist slogans have been spotted on the walls at Delhi University –Republic TV

साभार - बर्बरता के विरुद्ध

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