‘लोकतंत्र पर बढ़ते सरकारी हमले' विषय संगोष्ठी के मुख्य वक्ता होंगे पूर्व आईपीएस विकास नारायण राय

अगर कर्नल पुरोहित बेगुनाह थे तो सेना 9 साल चुप्पी क्यों साधे रखी और अगर सेना को उनके जासूसी के बारे में पता था तो कर्नल पुरोहित को बताना चाहिए कि अभिनव भारत देश के खिलाफ क्या षड्यंत्र कर रहा था।...

हाइलाइट्स

समझौता बम विस्‍फोट की जांच करने वाली एसआईटी के प्रमुख रहे हैं हरियाणा कैडर के रिटायर्ड आइपीएस विकास नारायण राय

गौरी लंकेश की शहादत को याद करते हुए बाटला हाउस फ़र्ज़ी मुठभेड़ की नौवीं बरसी पर होगा आयोजन

लखनऊ 12 सितंबर 2017. रिहाई मंच 19 सितम्बर को ढाई बजे यूपी प्रेस क्लब में 'लोकतंत्र पर बढ़ते सरकारी हमले' विषय पर गोष्ठी का आयोजन कर रहा है। गोष्ठी के मुख्य वक्ता हरियाणा कैडर के पूर्व आईपीएस विकास नारायण राय होंगे। इस गोष्ठी का आयोजन गौरी लंकेश की शहादत को याद करते हुए बटला हाउस फ़र्ज़ी मुठभेड़ की नौवीं बरसी पर होगा।

रिहाई मंच अध्यक्ष मुहम्मद शुऐब ने कहा कि देश में साम्प्रदायिकता और आतंकवाद के विभिन्न मामलों में देश की सुरक्षा और जांच एजेंसियों का रवैया सरकार के मातहत बदल रहा है। कर्नल पुरोहित की ज़मानत, जेल से उनके निकलते वक्त तीन-तीन सेना की गाड़ियों का जाना और फिर सेना की वर्दी में पुरोहित ताजा उदाहरण हैं।

जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि समझौता बम धमाके की जांच करने वाली एसआईटी के प्रमुख रहे रिटायर्ड आईपीएस विकास नारायण राय 19 सितम्बर को गोष्ठी के मुख्य वक्ता होंगे, जिनसे इस मसले पर गंभीर चर्चा हो सकेगी। उन्होंने कहा कि मिलिट्री इंटेलिजेंस के अफसर कर्नल पुरोहित पर आतंकवाद से जुड़ी बैठकों में हिस्सा लेना और विस्फोटक मुहैया कराने जैसे आरोप थे, जिनका गंभीर दुराचरण के लिए कोर्ट मार्शल भी हुआ। जिस तरह पुरोहित की जमानत को उनकी बेगुनाही के बतौर प्रचारित किया जा रहा है वहीं पिछले दिनों सदन में भी समझौता बम विस्फोट की पुनः जांच की मांग भाजपा सदस्यों द्वारा की गई उससे सरकार की मंशा साफ हो जाती है। ठीक इसी तरह इसी मामले में प्रज्ञा ठाकुर की जमानत का रास्ता भी साफ किया गया था।

उन्होंने कहा कि अगर कर्नल पुरोहित बेगुनाह थे तो सेना 9 साल चुप्पी क्यों साधे रखी और अगर सेना को उनके जासूसी के बारे में पता था तो कर्नल पुरोहित को बताना चाहिए कि अभिनव भारत देश के खिलाफ क्या षड्यंत्र कर रहा था।

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