राशन के साथ पोषण व स्वाथ्य भी जरूरी है : जेम्स हेरेंज

विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर मनिका में ग्राम स्वराज मजदूर संघ द्वारा हाई स्कूल मैदान से रैली निकाली गयी तथा प्रखंड कार्यालय परिसर में सम्मेलन का आयोजन किया गया।...

अतिथि लेखक
राशन के साथ पोषण व स्वाथ्य भी जरूरी है : जेम्स हेरेंज

विशद कुमार

रांची। आज राशन वितरण में हो रही गड़बड़ी तथा खाद्य सुरक्षा कानून के तहत समय पर राशन देने की मांग को लेकर, विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर मनिका में ग्राम स्वराज मजदूर संघ द्वारा हाई स्कूल मैदान से रैली निकाली गयी तथा प्रखंड कार्यालय परिसर में सम्मेलन का आयोजन किया गया।

सम्मेलन में को संबोधित करते हुए नरेगा वॉच के राज्य संयोजक जेम्स हेरेंज ने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून लागू है, उसके बाद राशन के लाभार्थियों को राशन के लिए परेशान होना पड़ रहा है, क्योंकि राशन डीलर द्वारा हमेशा राशन की काला बाजारी की जा रही है, तो दूसरी ओर राशन में कटौती की जा रही है, तो खाद्य सुरक्षा कानून का उल्लंघन कर रहे हैं, तो वही दूसरी ओर लोगों को आपने पेट भरने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ रहा है, कई ऐसे परिवार हैं, जो भूखमरी के शिकार हो रहे हैं, इसलिए राशन के साथ-साथ पोषण व स्वास्थ्य जरूरी है।

लाल बिहारी सिंह ने कहा कि मनिका में तो राशन डीलर राशन को लूट रहे हैं, मगर उसकी शिकायत कई बार राज्य खाद्य आयोग से लेकर जिले के उच्च अधिकारियों से किया गया, मगर डीलर पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, जिसके कारण डीलर के हौसले बढ़ते जा रहे हैं और राशन को लूट रहे हैं।

उन्होंने कहा कि तरह-तरह के बहाना बनाकर राशन के लाभुकों को गुमरा कर रहें, जिसके कारण कई परिवार के लोगों को खाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ रहा है।

आदिम जनजाति के नेता महावीर परहिया ने कहा कि आदिम जनजाति परिवार के सभी सदस्यों को डाकिया योजना के राशन घर-घर पहुचाना है, मगर आदिम जनजाति परिवार को घर-घर राशन नहीं पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डीलर द्वारा हमेशा राशन में 7 से 8 किलो प्रतिवार को राशन का कटौती किया जाता है, ऐसे में आदिम जनजाति परिवार का परेशान होना पड़ रहा है, इसकी शिकायत भी जिला से लेकर प्रखंड के अधिकारियों तक की गई, मगर कोई भी कार्रवाई नहीं, जिसके डीलर काफी मनमानी कर रहे हैं, उन्होंने कहा हम लोगों को राशन तौल कर नहीं बल्कि डब्बा से नाप कर देता है, हमेशा कम राशन देता है। उन्होंने कहा कि राशन कम देने पर जब आपत्ति की जाती है, तो डीलर द्वारा हमेशा धमकी दिया जाता है, जाता है, जहां जाना है, जाओ हमें कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

प्रोफेसर ज्यां द्रेज ने कहा कि राशन केवल देने से लोगों को पोषण पूरा नहीं होता, इसके साथ-साथ लोगों साफ पानी, संतुलित भोजन देने की जरूरत है, क्योंकि आज संतुलित आहार नहीं मिलने से कई बच्चे और महिलाएं कुपोषण के शिकार हो रहे हैं, इसके लिए जब पूर्ण पोषण की बात नहीं, तो तक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून काम मतलब यह नहीं कि केवल राशन देना है, इसका यह भी उद्देश्य था कि लोगों इस कानून के अंतर्गत महिला और बच्चे और कमजोर वर्ग के लोगों के पूर्ण पोषण मिल सके, ताकि किसी भी व्यक्ति की मौत भूख या कुपोषण से न हो। उन्होंने कहा कि राशन वितरण पॉस्क मशीन को बंद कर देना चाहिए, क्योंकि राशन वितरण में  काफी गड़बड़ियां इस मशीन से हो रही हैं।

सम्मेलन को शीला देवी, रीता देवी, सुखमणी कुवंर, सुमित्रा देवी सहित कई लोगों कहा कि मनिका में राशन डीलर का आतंक है, लूट मची हुई है, मगर साहेब लोग कोई भी कार्रवाई नहीं करते हैं।

सम्मेलन में धीरज व मनोज द्वारा गीत प्रस्तुत किया गया। सम्मेलन में ग्राम स्वराज मजदूर संघ के अध्यक्ष कमलेश उरांव, पचाठी सिंह, एनसीडीएचआर से मिथिलेश कुमार, राजेंद्र सिंह, नन्हकू सिंह, दिव्य प्रकाश, अमर दयाल सिंह, महादेव सिंह, साबिलनाथ पैकरा सहित कई लोग उपस्थित थे। सम्मेलन का संचालन दिलीप रजक ने किया।

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