क्या अहमदाबाद पुलिस नहीं चाहती भारत पाक मैत्री ? शांति यात्रा निकाल रहे कार्यकर्ता गिरफ्तार

आतंकवाद से पीड़ित है पाकिस्तान भी... सरहद पर कम होगा तनाव तो बचे पैसे किसानों पर खर्च किया जा सकते हैं... सीमा पर नहीं मरने चाहिए हमारे जवान - जिग्नेश मेवानी...

क्या अहमदाबाद पुलिस नहीं चाहती भारत पाक मैत्री ? शांति यात्रा निकाल रहे कार्यकर्ता गिरफ्तार

अहमदाबाद : क्या अहमदाबाद पुलिस भारत पाक मैत्री नहीं चाहती ? इस विषय में कोई आधिकारिक सूचना तो नहीं है, लेकिन उसने जिस तरह से साबरमती आश्रम के बाहर भारत पाक मैत्री एवं शांति यात्रा के पदयात्रियों को गिरफ्तार किया, उससे संदेश यही जा रहा है कि अहमदाबाद पुलिस भारत पाक मैत्री नहीं चाहती।

बता दें कि मैग्सेसे पुरस्कार से सन्मानित संदीप पाण्डेय और उनके साथियों द्वारा आयोजित “भारत पाक मैत्री एवं शांति यात्रा” को अहमदाबाद पुलिस ने पद यात्रा की अनुमति नहीं दी।

इस यात्रा के मीडिया इंचार्ज कलीम सिद्दीकी ने बताया कि पुलिस का कहना था यात्रा अहमदाबाद जिले से बाहर किसी स्थान से निकालें परन्तु यात्रा अहमदाबाद के साबरमती आश्रम से आरंभ होना तय था। पदयात्री जैसे ही आश्रम से बाहर निकले पुलिस संदीप पाण्डेय, मंजिल नानावती, एजाज़ मरयम, कौशर अली सय्यद, तनुश्री बेन, अलोक पाण्डेय, मेहुल कुमार वेर्सोवा इत्यादि कको डिटेन कर रानिप पुलिस स्टेशन ले गई जहाँ उन्हें दो से ढाई घंटे रखकर अहमदाबाद में यात्रा न करने की सलाह दी गई।

कलीम सिद्दीकी ने बताया कि पुलिस स्टेशन से छूटने के बाद यात्रा को अडालज (गाँधी नगर) से प्रारंभ कर दिया गया है प्रातः 8 बजे साबरमती आश्रम से यात्रा का श्री गणेश करने के लिए बड़ी संख्या में गांधीवादी, सिविल सोसाइटी तथा नेता विधायक उपस्थित थे। कार्यक्रम को गाँधी भजन से आरंभ किया गया।

संदीप पाण्डेय ने यात्रियों तथा अन्य उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि 1962 से अब तक भारत चीन सीमा पर कोई सैनिक शाहीद नहीं हुआ, क्योंकि दोनों सरकारों ने गोली न चलाने की अकथित संधि कर रखी है। इसी प्रकार से भारत-पाकिस्तान के बीच सीमा पर गोली नहीं चलनी चाहिए। यह दोनों सरकारें तय करें कि न तो भारत का न ही पाकिस्तान का कोई सैनिक शहीद होगा।

पाण्डेय ने कहा कि हम न तो व्यास नदी के पानी के बंटवारे में मानते हैं न ही दोनों देश की जनता के दिलों के बंटवारा। भारत-पाकिस्तान की भाषा एवं संस्कृति एक है जिस दिन जनता चाहेगी जर्मनी की ही तरह सरहदों को तोड़ देगी यह राजनैतिक लोग कुछ नहीं कर पाएंगे।

आतंकवाद के प्रश्न पर पाण्डेय ने कहा आतंकवादी वीज़ा पासपोर्ट लेकर नहीं आते हैं। आम जनता को आतंकवाद के बहाने से वीज़ा न देना ठीक नहीं। आतंकवादी बिना वीज़ा के ही आते हैं।

श्री पाण्डेय ने कुलदीप नैय्यर के हवाले से बताया जब नैय्यर साहब ने नेशनल असेम्बली की सदस्य वहीदा मीर दीप से कहा कि मुंबई हमले के मास्टर माइंड हाफिज सईद के खिलाफ पाकिस्तान सरकार कुछ ठोस कार्यवाही नहीं कर रही है इसने हमारे 160 लोगो को मार दिया तो वहीदा का जवाब था इन लोगों ने आपके सिर्फ 160 ही मारे हैं हमारे पांच छ हज़ार लोग मार दिए हैं फिर भी हम कुछ नहीं कर पा रहे हैं।

आतंकवाद से पीड़ित है पाकिस्तान भी

India-Pak Friendship and Peace Tourपाण्डेय ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान भी आतंकवाद से पीड़ित हैं। भारत को आतंक के खिलाफ लड़ाई में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेरा तजुर्बा है पाकिस्तान में कुछ समस्याएँ हैं, लेकिन जनता बहुत अच्छी है। वहां हमारे कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नर यूनिफार्म में आकर बैठ जाते हैं, जबकि भारत में इस प्रकार के कार्यक्रम से अधिकारी डरते हैं।

सरहद पर कम होगा तनाव तो बचे पैसे किसानों पर खर्च किया जा सकते हैं

दसाडा से दलित विधायक नौशाद सोलंकी ने कहा कि वह भी इस यात्रा का हिस्सा बनने आए हैं। वह भी अपना अधिक से अधिक समय 12 दिनों तक यात्रा को देंगे। यह यात्रा गांधीजी के आश्रम से शांति का सन्देश लेकर पाकिस्तान की सरहद पर जा रही है। यह वही सन्देश है जिसे बापू ने इसी जगह से पूरे विश्व को दिया था।

श्री सोलंकी ने कहा कि सरहद पर मरने वाला सिपाही गरीब किसान का सपूत होता है। रक्षा में खरबों रुपये खर्च किए जाते हैं यदि सरहद पर तनाव कम होगा तो बचे पैसे किसानों पर खर्च किया जा सकते हैं।

सीमा पर नहीं मरने चाहिए हमारे जवान - जिग्नेश मेवानी

India-Pak Friendship and Peace Tourदलित विधायक जिग्नेश मेवानी ने कहा कि केंद्र और राज्य में अशांति वाली सरकार है। दोनों सरकारों को शांति की बात अच्छी नहीं लगती, इसलिए आश्रम से पदयात्रा की अनुमति नहीं दी गई है। सभी साथी डिटेन होने की लिए तैयार रहें। अशांति वाले शांति मार्च नहीं निकलने देंगे। पाकिस्तानी सीमा को हिन्दू मुस्लिम नजरिये से न देख हम सब को चिंता करना चाहिए कि जिस प्रकार से चीन सीमा पर सैनिक नहीं मरते हैं उसी प्रकार से हमारे सैनिक पाकिस्तान सीमा पर नहीं मरना चाहिए।

वाघ बकरी चाय के निदेशक पीयूष देसाई ने कहा कि उनकी इच्छा थी कि वह भी इस प्रकार की यात्रा कपें और उन्होंने 2 अक्तूबर से 30 जनवरी तक की यात्रा का प्लान सोचा भी था लेकिन कर नहीं पाये। उन्होंने कहा कि संदीप जी की इस यात्रा में शामिल होकर उन्हें बहुत ख़ुशी हो रही है।

देसाई ने बताया कि आने वाले दिनों में रोटरी क्लब भारत और रोटरी क्लब पकिस्तान दोनों मिलकर इस प्रकार से दिलों को जोड़ने वाली यात्रा का आयोजन करेगा।

एक बिजनेस एम्पायर में तब्दील हो गए एक मुस्लिम मित्र के दिए 10 हजार रुपए

India-Pak Friendship and Peace Tourदेसाई ने कहा वाघ बकरी चाय कारोबार उनके दादाजी ने ऐसे समय में शुरू किया था जब कारोबार में नुकसान उठाकर माली तौर पर खाली थे, तो एक मुस्लिम मित्र फिर से कारोबार करने के लिए दस हज़ार रुपये दिए थे। वह दस हज़ार आज एक बिजनेस एम्पायर में तब्दील हो गया है। आप को बता दें वाघ बकरी चाय समूह आज गुजरात का ही नहीं बल्कि भारत में चाय का अग्रणी ब्रांड है।

विधायक इमरान खेडावाला ने कि वह 1986 में पाकिस्तान जा चुके हैं। वहां लगता ही नहीं है कि यह कोई और देश है। भाषा संस्कृति सब एक जैसी ही है। वहां तो उन्होंने उस समय वहां दुकानों के बोर्ड गुजराती में लिखे देखे थे। उन्होंने कहा कि सरहद पर कोई सैनिक शहीद न हो इसलिए बापू का सन्देश अहिंसा और शांति ही सही रास्ता है।

असीम रॉय, जो दिल्ली से गाजा तक की यात्रा कर चुके हैं, ने कहा कि जर्मनी की ही तरह एक दिन भारत पाकिस्तान की सरहदी दीवार टूटेगी। जब जनता खड़ी होगी सरकारें कुछ नहीं कर पाएंगी। प्रशासन द्वारा यात्रा में बाधा पैदा करने से इनमें से कोई भी रुकेगा नहीं। हम आगे भी इस प्रकार का कार्यक्रम करते रहेंगे।

इस यात्रा को समर्थन देने के लिए केवल सामाजिक संग्ठन ही नहीं आईआईएम एवं आईआईएटी से बहुत से छात्र और प्रोफेसर भी आये थे।

 

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