भाजपा के लिए परेशानी का सबब बनी उसकी हिंदुत्व वाली छवि

हाइलाइट्स

बदरुद्दीन अजमल ने ठुकराया सुषमा का ऑफर

BJP को समर्थन देने का सवाल ही नहीं उठता

असम में बढ़ी भाजपा की मुश्किल

केंद्र की मोदी सरकार देश में सभी जातियों को लुभाने के लिए सबका साथ सबका विकास का नारा लगाती है...लेकिन अब भी भाजपा की हिंदुत्व वाली छवि उसके लिए परेशानी का सबब बनी हुई है...देश के ज्यादातर राज्यों में भाजपा की सरकार होने के बावजूद कुछ समुदाय ऐसे हैं, जो भाजपा का साथ कतई देने को तैयार नहीं हैं...जी हां असम में भाजपा की सरकार है...पर वहां भी मुस्लिमों ने भाजपा का साथ देने से इंकार कर दिया है.

दरअसल असम की बड़ी पार्टियों में से एक एआईयूडीएफ के अध्यक्ष बदरुद्दीन अजमल ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को येरुशलम पर फिलिस्तीन का साथ देने पर बधाई दी थी...उन्होंने ट्विटर पर टैग करते हुए भारत सरकार को धन्यवाद दिया था...

इस ट्वीट का जवाब देते हुए सुषमा ने बदरुद्दीन को थैंक्यू कहा...साथ ही भाजपा के लिए समर्थन मांगते हुए लिखा कि...अब आप हमारे लिए वोट करें...

सुषमा स्वराज के धन्यवाद को तो बदरुद्दीन ने स्वीकार कर लिया...लेकिन वोट करने की अपील को खारिज करते हुए भाजपा पर ही हमला बोल दिया...

ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के अध्यक्ष ने ट्वीट कर साफ किया कि उनका भाजपा के साथ जाने का सवाल ही नहीं उठता है।

बदरुद्दीन अजमल ने लिखा कि...मैडम, हमारा वोट हमेशा भारत के लिए है, जिस दिन भाजपा बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक समुदाय के बीच अंतर करना छोड़ देगी, उस दिन मेरा वोट आपके लिए होगा... बदरुद्दीन अजमल  ने कहा कि...सांप्रदायिक ध्रुवीकरण चरम पर है,,,जिस दिन भाजपा इसे खत्म करेगी...हम उसका साथ देंगे...

आपको बता दें कि...एआईयूडीएफ प्रमुख और असम के धुवरी से सांसद बदरुद्दीन अजमल राज्य में मुस्लिम नेता के तौर पर जाने जाते हैं...उनकी इस तरह से सत्तारुढ़ पार्टी की मुखालफत करना भाजपा को भारी पड़ सकता है...

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