पैंथर्स पार्टी ने मोदी सरकार के इजरायल से बराक मिसाइल खरीदने पर किया सवाल, विपक्ष की खामोशी पर जताया आश्चर्य

पैंथर्स सुप्रीमो ने वामपंथी और कांग्रेस के सांसदों की खामोशी पर आश्चर्य प्रकट किया कि समाजवाद का ढोल पीटने वाले भी मोदी सरकार की इस देश विरोधी नीति पर क्यों खामोश हैं।...

हाइलाइट्स

प्रो.भीमसिंह ने देश के राजनीतिक दलों को चेतावनी दी कि 53 अरब देशों के साथ भारत की मित्रता अतिवाश्यक है और भारत के हित में है। इजरायल से सौदेबाजी करना सिर्फ यहूदीवाद को समर्थन देना है। उन्होंने भारत के राजनीतिक दलों से भारत और फिलस्तीन की दोस्ती को मजबूत करने के लिए अपील की।

     नेशनल पैंथर्स पार्टी के मुख्य संरक्षक एवं सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रो.भीमसिंह ने इजरायल से 131 बराक मिसाइलें और रूस से 240 बमों की 1714 करोड़ रुपये की खरीददारी पर मोदी सरकार से सवाल किया।

प्रो.भीमसिंह ने कहा कि नंगे पांव भारत के बच्चे दिल्ली की सड़कों, भारत की महान राजधानी में भीख मांग रहे हैं, परंतु इन बच्चों के सुरक्षा व सम्माननीय अस्तित्व को सुनिश्चित करने के लिए कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार इजरायल से अवांछित बंदूकें और मिसाइलों को खरीदने के लिए 1714 करोड़ रुपये का खर्च कर सकती है, परंतु 10/20 करोड़ रुपये से भारत की राजधानी में भीख मांगने वाले बच्चों की समस्या का समाधान नहीं कर सकती। 

पैंथर्स सुप्रीमो ने वामपंथी और कांग्रेस के सांसदों की खामोशी पर आश्चर्य प्रकट किया कि समाजवाद का ढोल पीटने वाले भी मोदी सरकार की इस देश विरोधी नीति पर क्यों खामोश हैं।

उन्होंने सांसदों की चुप्पी पर अफसोस जाहिर किया कि संसद चल रहा थी और मोदी सरकार इजरायल से सौदा कर रही थी, जबकि भारत ने फिलस्तीन से दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि इजरायल के साथ ऐसा सौदा करना भारत की शान और परम्परा के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि 1967 के बाद से ही इजरायल ने फिलस्तीन पर कब्जा जमाया हुआ है, जिसका संयुक्त राष्ट्रसंघ ने भी विरोध किया है, इजरायल ने फिलस्तीन की जमीन पर गैरकानूनी कब्जा कर रखा है। उस इजरायल के साथ भारत सरकार को लेन-देन करना शोभा नहीं देता। यह समझौता भारत-फिलस्तीन की दोस्ती के विपरीत है और ना ही भारत के हित में है।

प्रो.भीमसिंह ने देश के राजनीतिक दलों को चेतावनी दी कि 53 अरब देशों के साथ भारत की मित्रता अतिवाश्यक है और भारत के हित में है। इजरायल से सौदेबाजी करना सिर्फ यहूदीवाद को समर्थन देना है। उन्होंने भारत के राजनीतिक दलों से भारत और फिलस्तीन की दोस्ती को मजबूत करने के लिए अपील की। इजरायल के साथ रक्षा सौदों से भारत की सभ्यता, संस्कृति और फिलस्तीन के साथ दोस्ती मजबूत नहीं हो सकती। प्रो.भीमसिंह ने विपक्षी दलों पर विशेष रूप से वामपंथियों और कांग्रेस को जागृत करने और उनकी अंतरात्मा और राष्ट्रीय जिम्मेदारी के अनुसार कार्य करने का अनुरोध किया, ताकि भारत की फिलस्तीन एवं अरबों के प्रति दोस्ती में कोई दरार न आए।

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