आ गए अच्छे दिन : भारत में भुखमरी के हालात हुए और बदतर, सौंवे पायदान पर लुढ़का

भारत में भुखमरी के हालात लगातार बदतर होते जा रहे हैं जिसकी वजह से ‘ग्लोबल हंगर इंडेक्स’ में देश तीन पायदान नीचे उतर गया है...

हाइलाइट्स

दुनिया भर के देशों में भुखमरी के हालात का विश्लेषण करने वाली गैर सरकारी अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट ‘आइएफपीआरआई’ के अनुसार गत वर्ष भारत दुनिया के 119 देशों के हंगर इंडेक्स में 97 वें स्थान पर था जो इस साल फिसलकर 100 वें स्थान पर पहुंच गया है

नई दिल्ली 13अक्टूबर। खाद्यान्न वितरण प्रणाली में सुधार तथा अधिक पैदावार के लिए कृषि क्षेत्र में नित नए अनुसंधान के दावों के बावजूद भारत में भुखमरी के हालात लगातार बदतर होते जा रहे हैं जिसकी वजह से ‘ग्लोबल हंगर इंडेक्स’ में देश तीन पायदान नीचे उतर गया है।

दुनिया भर के देशों में भुखमरी के हालात का विश्लेषण करने वाली गैर सरकारी अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट ‘आइएफपीआरआई’ के अनुसार गत वर्ष भारत दुनिया के 119 देशों के हंगर इंडेक्स में 97 वें स्थान पर था जो इस साल फिसलकर 100 वें स्थान पर पहुंच गया है और इस मामले में एशियाई देशों में उसकी स्थिति बस पाकिस्तान और बंगलादेश से थोड़ा ही बेहतर है।

इंडेक्स में पाकिस्तान और अफगानिस्तान की स्थिति सबसे बुरी है। हंगर इंडेक्स में किसी भी देश में भुखमरी के हालात का आकलन वहां के बच्चों में कुपोषण की स्थिति,शारीरिक अवरुद्धता और बाल मृत्यु दर के आधार पर किया जाता है।

आईएफपीआरआई की रिपोर्ट के अनुसार भारत में बच्चों में कुपोषण की स्थिति भयावह है। देश में 21 फीसदी बच्चों का पूर्ण शारीरिक विकास नहीं हो पाता इसकी बड़ी वजह कुपोषण है। रिपेार्ट के अनुसार सरकार द्वारा पोषण युक्त आहार के लिए राष्ट्रीय स्तर पर चलाए जा रहे अभियान के बावजूद सूखे और ढ़ांचागत सुविधाओं की कमी के कारण देश में गरीब तबके का एक बड़ा हिस्सा कुपोषण के खतरे से जूझ रहा है।

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