जेरूसलम पर अमेरिका के फैसले से इजरायल में तबाही बढ़ेगी : ईरान

अमेरिका के इस कदम से मुसलमानों के बीच एकता दोगुनी हो जाएगी और यहूदी शासन का पतन हो जाएगा...

नई दिल्ली 12 दिसंबर। ईरान के रक्षा मंत्री आमिर हतामी ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जेरूसलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता देने के फैसले से इजरायल में तबाही बढ़ेगी।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के हवाले से बताया गया है कि हतामी ने कहा कि ट्रंप के अमेरिकी दूतावास को तेल अवीव से हटाकर जेरूसलम ले जाने का फैसला मध्यपूर्व में भावी संघर्ष के लिए जिम्मेदार होगा।

हतामी ने कहा,

"अमेरिका के इस कदम से मुसलमानों के बीच एकता दोगुनी हो जाएगी और यहूदी शासन का पतन हो जाएगा।"

हतामी ने कहा कि ईरान, अमेरिका और इजरायल द्वारा एकतरफा रूप से लिए गए इस कदम की निंदा करता है।

ईरान के रक्षामंत्री ब्रिगेडियर जनरल अमीर हातेमी ने मंगलवार को तुर्की के रक्षामंत्री नूरुद्दीन जानीकली से टेलीफ़ोनी बातचीत में कहा कि तेल अवीव से बैतुल मुक़द्दस अमरीकी दूतावास को स्थानांतरित करने का ट्रम्प का फ़ैसला, एक ग़ैर ज़िम्मेदाराना फ़ैसला है और इसका मुख्य कारण अतिग्रहणकारी ज़ायोनी शासन को और अधिक मज़बूत करना है।

ब्रिगेडियर जनरल अमीर हातेमी ने दाइश की तबाही पर तुर्क सरकार और राष्ट्र को बधाई देते हुए कहा कि दाइश की तबाही, क्षेत्रीय तथा ईरान, तुर्की और रूस के बीच सहयोग का मुंह बोलता परिणाम है और इस घटना ने अमरीका और ज़ायोनी शासन के क्रोध को भड़क उठा।

ईरानी रक्षामंत्री ने यमन में हो रहे अपराधों की ओर संकेत करते हुए कहा कि यमन के निहत्थे लोगों का निर्दयता से जनसंहार, एक संपूर्ण मानव त्रासदी है और विश्व समुदाय तथा इस्लामी देशों को अधिक संवेदनशीलता के साथ बमबारी को समाप्त करवाने तथा अत्याचारग्रस्त राष्ट्र का परिवेष्टन समाप्त करने के लिए प्रयास करना चाहिए।

ईरान सशस्त्रबलों के चीफ ऑफ स्टाफ मोहम्मद बाघेरी ने चेताते हुए कहा कि ट्रंप का यह फैसला इजरायल में विद्रोह की शुरुआत है।

 

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