विश्व पुस्तक मेला : पाकिस्तान का साहित्य कुबूल है, कुबूल है, कुबूल है

शनिवार से शुरू हो रहा है विश्व पुस्तक मेला, पाकिस्तान सहित 35 देशों के प्रकाशक करेंगे शिरकत...

देशबन्धु

-किताबगंज बनेगा किताबों वाला कस्बा

-पढ़ने के साथ सेल्फी प्वाइंट पर सेल्फी और सुनने वाली मिलेंगी किताबें

नई दिल्ली, 4 जनवरी (देशबन्धु)। दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित 45वां विश्व पुस्तक मेला 2018 यहां शनिवार से शुरू होने जा रहा है। आईटीपीओ और नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) द्वारा संयुक्त तौर पर आयोजित होने वाले इस मेले में पाकिस्तान के एक प्रकाशक के शामिल होने के आसार हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार तनावपूर्ण स्थिति के बीच सीमापार से एक प्रकाशक शनिवार से प्रगति मैदान में आयोजित विश्व पुस्तक मेले में अपने स्टॉल को लगाएंगे।

नेशनल बुक ट्रस्ट की निदेशक रीता चौधरी ने यह स्वीकारते हुए मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान की किताबों की अच्छी मांग है। पाठक हमेशा पाकिस्तानी लेखकों की किताबें पसंद करते हैं, इसलिए इस साल प्रकाशक मेले में आए हैं। इस साल विश्व पुस्तक मेले में 35 से ज्यादा देशों के प्रकाशक हिस्सा ले रहे हैं, पिछले साल भी पाकिस्तान का एक वितरक मेले में शामिल हुआ था। वहीं राजकमल प्रकाशन विश्व पुस्तक मेला में 'किताबों का कस्बा’ बसाने की तैयारी में है। ''किताबगंज’’ नामक कस्बे में पाठक छह से 14 जनवरी के बीच प्रगति मैदान में आकर किताबों का आनंद ले सकेंगे।

राजकमल का स्टॉल हॉल नंबर 12 में होगा और स्टॉल नम्बर 247 से 268 तक राजकमल के इस खूबसूरत कस्बे में पाठक किस्सों, कहानियों, यादों-तरानों के साथ किताबों की बस्ती के कुछ खास बाशिंदों से भी मिल पाएंगे। पर्यावरण और जलवायु को ध्यान में रखते हुए पुरानी और नयी चीजों को संजोया जायेगा वहीं स्टाल के मुख्य आकर्षण किताबों पर विशेष छूट व थीम के हिसाब से पर्यावरण की सभी किताबों पर विशेष छूट दी जाएगी। साथ ही कुछ चुनिन्दा किताबों पर एक के साथ एक फ्री किताब भी दी जाएगी, स्टाल में कुछ बेहतरीन सेल्फी पॉइंट का भी इंतजाम किया होगा जहां अपनी व दोस्तों की यादगार सेल्फी ले सकेंगे। साथ ही ऑडियो बुक, हिंदी में पहली बार अब सुनिए किताबें, इस पुस्तक मेले में किताबों को पढऩे के साथ ही उन्हें सुन पाने का नायब अनुभव ले सकेंगे। पुस्तक मेले में रोजाना किताबों का विमोचन, कविता पाठ सहित कई कार्यक्रम भी आयेाजित किए जाएंगे।

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