योगी सरकार का प्रतिगामी, विकास-विरोधी बजट : माले

भाकपा (माले) ने योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार द्वारा विधानसभा (Vidhan Sabha) में पेश किये गये वर्ष 2019-20 के बजट (Budget of the year 2019-20) को प्रतिगामी और विकास-विरोधी बताया...

लखनऊ, 7 फरवरी। भाकपा (माले) की राज्य इकाई ने योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार द्वारा आज विधानसभा (Vidhan Sabha) में पेश किये गये वर्ष 2019-20 के बजट (Budget of the year 2019-20) को प्रतिगामी और विकास-विरोधी बताया है।

पार्टी राज्य सचिव सुधाकर यादव ने यहां त्वरित प्रतिक्रिया में कहा कि बजट में गाय, अयोध्या और मंदिरों के लिए जहां आवंटन है, वहीं दलित-आदिवासी समाज की भारी उपेक्षा की गई है। पुश्तों से बसे गरीब परिवारों को बिना उचित पुनर्वास किये जबरिया उजड़ा जा रहा है। किसानों की कर्जमाफी का वादा पहले ही छलावा साबित हो चुका है, इसके बावजूद खेती-किसानी को संकट से उबारने के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया है। बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है, लेकिन बजट से लगता है कि केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली की तरह प्रदेश के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल और योगी सरकार के लिए यह कोई ध्यान देने वाली बात ही नहीं है। नए उद्योग-धंधे लगाना तो दूर की बात है। वैदिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रावधान है, पर सार्वजनिक व उच्च शिक्षा की अनदेखी की गई है।

अल्पसंख्यक-कल्याण तो बजट से बाहर ही है। ऊपर से भारी-भरकम दिखने वाला बजट अंदर से खोखला है। इसमें आम जनता खास तौर से गरीबों और कमजोर वर्गों की बेहतरी के लिए कुछ नहीं है। फिजूलखर्ची, प्रदेश पर कर्ज बढ़ाने और जनता की गाढ़ी कमाई की बर्बादी वाला बजट है।

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