हस्तक्षेप
आपकी कृपा कब होगी प्रभु
आपकी कृपा कब होगी 'प्रभु'?

क्या इस बार भी हर बार की तरह झूठ दिलासा ही दिलाया जाएगा या फिर भविष्य में ऐसे हादसे फिर न दोहरायें इसके लिए आप कोई सख्त कदम उठाएंगे?

अतिथि लेखक
2017-08-20 22:44:40
राहुल गांधी के लिए अपने पिता से अच्छा प्रेरक उदाहरण और कौन हो सकता है
राहुल गांधी के लिए अपने पिता से अच्छा प्रेरक उदाहरण और कौन हो सकता है

राजीव गांधी भी राजनीति में नौ सिखुआ थे, लेकिन शनैः शनैः उन्होंने स्वयं को रूपांतरित किया और भारतीय राजनीति एवं समाज के लिए अनेक श्लाघनीय उपक्रम किये।

अतिथि लेखक
2017-08-20 13:04:45
मोदी और आरएसएस आक्रामक प्रचार अभियान से अपनी असफलताओं को छिपाने में सफल रहे
मोदी और आरएसएस आक्रामक प्रचार अभियान से अपनी असफलताओं को छिपाने में सफल रहे

मोदी आम जनता की रेशनल पसंद नहीं हैं बल्कि वे मजबूरी में,  विकल्प के अभाव में सत्ता में आए हैं। वहीं दूसरी ओर मोदी के प्रचार अभियान ने विकल्प बना...

जगदीश्वर चतुर्वेदी
2017-08-20 12:36:28
बाढ़नामा  मज़ाक चालू आहे
बाढ़नामा : मज़ाक चालू आहे......!

गरीब-गुरबों की झोंपड़ियां उजाड़ने, परिवार के परिवार साफ करने, पानी में लाशें तैराने, गांव और शहर बरबाद करने का शिलान्यास कराने की कोई जरूरत नहीं पड़ती।

राजीव मित्तल
2017-08-20 00:34:42
बाढ़  एक ऐसा सालाना तमाशा जिसके दर्शक हजारों में और झेलने वाले लाखों-करोड़ों में
बाढ़ : एक ऐसा सालाना तमाशा, जिसके दर्शक हजारों में और झेलने वाले लाखों-करोड़ों में

वो पानी में, इनमें पानी नहीं... इतने विशाल पैमाने पर बाढ़ को इतने सारे लोगों के झेलने का रिकार्ड गिनीज बुक में दर्ज नहीं कराया जा सकता है क्या

राजीव मित्तल
2017-08-18 23:51:53
जिन जेलों में जाने के डर से संघियों जंगे-आज़ादी में हिस्सा नहीं लिया था उन्हीं जेलों में जवाहरलाल नेहरू का लंबा समय गुजरा
जिन जेलों में जाने के डर से संघियों जंगे-आज़ादी में हिस्सा नहीं लिया था, उन्हीं जेलों में जवाहरलाल नेहरू का लंबा समय गुजरा

जो नेहरू को खलनायक बनाने की कोशिश कर रहे हैं, उनसे पूछो उनके राजनीतिक पूर्वज सावरकर जिन्ना उन दिनों ब्रिटिश हुकूमत की वफादारी के इनाम के रूप में...

शेष नारायण सिंह
2017-08-18 21:37:11
भारत शूद्रों का ही देश है
भारत शूद्रों का ही देश है

हिंदुत्व की राजनीति को ही मजबूत बनाता है साझी विरासत सम्मेलन... शूद्र धर्मः हिंदुत्व में शूद्रों की अटूट आस्था ही अस्पृश्यता का रसायनशास्त्र ह...

पलाश विश्वास
2017-08-18 20:41:39
बाढ़नामामुजफ्फरपुर से  आह आया बाढ़ का मौसम
बाढ़नामा...मुजफ्फरपुर से : आह, आया बाढ़ का मौसम....

आम पर बौर लगते ही शासन और प्रशासन स्तर पर खेला शुरू हो जाता है कि इस बार कैसा होगी बाढ़। क्या रंग-रूप होगा गंडक, कोसी, बागमती और उनकी संग-सहेलियों...

राजीव मित्तल
2017-08-18 10:19:45
शरदजी को जेपी मूवमेंट के नास्टैल्जिया से बाहर आकर राहुल के नैरेटिव को अपनाना होगा
शरदजी को जेपी मूवमेंट के नास्टैल्जिया से बाहर आकर राहुल के नैरेटिव को अपनाना होगा

युवाओं की भारी उपस्थिति अगर उम्मीद जगाती है तो सवाल भी उठाती है कि कौन सा नारा इन्हें बाँध कर रख पाएगा। मुझे शक़ है कि "मोदी हटाओ देश बचाओ" का नार...

अभिषेक श्रीवास्तव
2017-08-18 09:43:16
प्रिय प्रधानमंत्री जी ऐसा होगा क्या न्यू इंडिया
प्रिय प्रधानमंत्री जी, ऐसा होगा क्या न्यू इंडिया?

लाल किला पर जब आप न्यू इंडिया का बात किये तो कुछ नया सा लगा. जीएसटी, भ्रष्टाचार, पिछली सरकार की विफलता और अबकी बार की उपलब्धियों को गिनाते-गिनाते...

हस्तक्षेप डेस्क
2017-08-17 11:15:37
गोरखपुर जनसंहार और राजनीतिक और प्रशासनिक असंवेदनशीलता
गोरखपुर जनसंहार और राजनीतिक और प्रशासनिक असंवेदनशीलता

अमित शाह का बयान कि देश में पहली बार नहीं हुआ इतना बड़ा हादसा जन्माष्टमी तो मनाएंगे, इतने बड़े पद पर बैठे एक जिम्मेदार शख्स से इस तरह के बयान की उम...

अतिथि लेखक
2017-08-16 23:51:46
रवींद्र की चंडालिका में बौद्धमय भारत की गूंज है तो नस्ली रंगभेद के खिलाफ निरंतर जारी चंडाल आंदोलन की आग भी है
रवींद्र की चंडालिका में बौद्धमय भारत की गूंज है तो नस्ली रंगभेद के खिलाफ निरंतर जारी चंडाल आंदोलन की आग भी है

चंडालिका का सामाजिक यथार्थ सुदूर अतीत का बौद्धकालीन यथार्थ नहीं है यह रवींद्र समय का चंडाल वृत्तांत है

पलाश विश्वास
2017-08-16 20:36:16
क्या हमें आज आजादी का उत्सव मनाना चाहिए या गंवाए गए मौकों पर दुख जताना चाहिए
क्या हमें आज आजादी का उत्सव मनाना चाहिए या गंवाए गए मौकों पर दुख जताना चाहिए?

दलित सीवर साफ करते हुए मर रहे हैं, महिलाओं पर हमले हो रहे हैं और मुसलमानों को पीट-पीटकर मार दिया जा रहा है. तो क्या हमें आज आजादी का उत्सव मनाना ...

अतिथि लेखक
2017-08-16 19:13:10
और चौथी बार जीवित हो गया साजिद बड़ा
...और चौथी बार जीवित हो गया साजिद बड़ा !

बटला हाउस फर्जी इनकाउंटर के बाद से लापता मोहम्मद साजिद (बड़ा) के बारे में इससे पहले कम से कम तीन बार खुफिया एजेंसियों और विश्वस्त सूत्रों से हवाल...

मसीहुद्दीन संजरी
2017-08-16 17:36:32
साहेब के लोग मीडिया और टेरर पॉलिटिक्स
साहेब के लोग, मीडिया और टेरर पॉलिटिक्स

याद कीजिए राजधानी में सैफुल्लाह फर्जी एनकाउंटर के वीडियो गिरफ्तारी और एक बेबस बाप से उसके बेटे को जबरन आतंकी कहलवाया जा रहा था मोदी जी सोमनाथ के ...

अतिथि लेखक
2017-08-16 17:16:44