हस्तक्षेप
गुजरात में विकास सचमुच पागल हो गया है
गुजरात में विकास सचमुच पागल हो गया है

गुजरात में विकास सचमुच पागल हो गया है। वर्ना विकास का नाम और ऐसे काम!

राजेंद्र शर्मा
2017-10-22 22:35:06
मोदी सरकार का जीएसटी लागू करने का तरीका बहुत ही ग़ैर-ज़िम्मेदाराना  केंद्रीय राजस्व सचिव की आत्म स्वीकृति
मोदी सरकार का जीएसटी लागू करने का तरीका बहुत ही ग़ैर-ज़िम्मेदाराना : केंद्रीय राजस्व सचिव की आत्म स्वीकृति

यह बात और कोई नहीं, खुद भारत सरकार का राजस्व सचिव कह रहा है।

अरुण माहेश्वरी
2017-10-22 19:56:48
अदम गोंडवी  समय से मुठभेड़
अदम गोंडवी : समय से मुठभेड़,

आज जो विकास की बातें कहकर अपनी राजनीति चमकाने में लगे हैं और जनता को झांसापट्टी देना चाहते हैं, उनके चरित्र को अदम ने ग़ज़ल-दर-ग़जल उजागर किया है

अतिथि लेखक
2017-10-22 19:25:54
अपना धर्म खोना  धार्मिक आजादी के मामले महिलाओं का मूल अधिकार कहां ठहरता है
अपना धर्म खोना : धार्मिक आजादी के मामले महिलाओं का मूल अधिकार कहां ठहरता है?

लंबे समय से शादी और धर्म की संस्था को महिलाओं के शोषण का प्रतीक माना जा रहा है. ऐसे में न्यायपालिक की भूमिका अहम हो जाती है. गुजरात उच्च न्यायालय...

इकाॅनोमिक ऐंड पाॅलिटिकल वीकली
2017-10-22 10:10:13
‘‘काल के कपोल पर रूकी हुई अश्रु की एक बूंद’’ ताजमहल और विघटनकारी राजनीति के खेल
‘‘काल के कपोल पर रूकी हुई अश्रु की एक बूंद’’ ताजमहल और विघटनकारी राजनीति के खेल

ताजमहल की महत्ता को कम करने का प्रयास, भारतीय इतिहास के पुनर्लेखन की हिन्दुत्ववादी परियोजना का हिस्सा है। इस परियोजना के अंतर्गत इतिहास की सांप्र...

राम पुनियानी
2017-10-21 13:44:07
योगीजी राममंदिर नहीं रामराज्य चाहिए  गोरखपुर भी उसी यूपी में है जहाँ अयोध्या है
योगीजी, राममंदिर नहीं, रामराज्य चाहिए : गोरखपुर भी उसी यूपी में है जहाँ अयोध्या है

निजी आस्था का तमाशा किया जाएगा, तो सवाल क्यों नहीं उठने चाहिए। केवल अयोध्या तक आदित्यनाथ योगी का शासन नहीं है। गोरखपुर भी उन्हीं के प्रदेश में आत...

राजीव रंजन श्रीवास्तव
2017-10-20 16:10:47
​​​​​​​खेतों में जहर  आंकड़ों में सिमटकर रह जाएं यवतमाल की मौतें
​​​​​​​खेतों में जहर : आंकड़ों में सिमटकर रह जाएं यवतमाल की मौतें

पिछले 16 साल में महाराष्ट्र के विदर्भ में तकरीबन 14,000 किसानों ने आत्महत्या की है. कीटनाशक के इस्तेमाल से कई मजदूरों और किसानों की मौत हुई है. अ...

इकाॅनोमिक ऐंड पाॅलिटिकल वीकली
2017-10-20 15:38:52
गुजरात में अनुसूचित जातियों के विरूद्ध हिंसा में तेज़ी से बढ़ोत्तरी हुई है
गुजरात में अनुसूचित जातियों के विरूद्ध हिंसा में तेज़ी से बढ़ोत्तरी हुई है

अब, जबकि हिन्दुत्व की विचारधारा से प्रेरित और संचालित सरकार भारत पर शासन कर रही है तब यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि हम जाति व्यवस्था के मुद्दे पर ह...

नेहा दाभाड़े
2017-10-20 15:07:17
मोदी जैसे लफ़्फ़ाज़ के शासन के रहते भारत कभी भी मंदी से निकल नहीं पायेगा
मोदी जैसे लफ़्फ़ाज़ के शासन के रहते भारत कभी भी मंदी से निकल नहीं पायेगा

अर्थ-व्यवस्था को मंदी से निकलना आने वाले कई सालों तक असंभव होगा

अरुण माहेश्वरी
2017-10-18 18:27:48
जब भाजपा देश की सबसे अमीर पार्टी बन रही थी तब संतोषी भात माँगते हुए भूख से मर गई
जब भाजपा देश की सबसे अमीर पार्टी बन रही थी तब संतोषी भात माँगते हुए भूख से मर गई

अमीर राजा की गरीब प्रजा ... ये वही समय था, जब आधे हिंदुस्तान में देवी पूजा का उत्साह था और देश के नीति-नियंता भी इस उत्सव में सराबोर थे। ग्लोबल ह...

राजीव रंजन श्रीवास्तव
2017-10-18 13:36:15
मुदस्सिर क्या सोचता होगा इन खाक हो गए झरोखों को देखकर
मुदस्सिर क्या सोचता होगा इन खाक हो गए झरोखों को देखकर?

दाने-दाने को मोहताज ये परिवार और मुदस्सिर के हाथों में सूखी रोटी उस नफ़रत के फलसफे की देन है जो इंसान को इंसान से धर्म के नाम पर भेद करना सिखाती है...

अतिथि लेखक
2017-10-17 23:29:50
दीनदयाल उपाध्याय  गोलवलकरी सांचे में ढला व्यक्तित्व
दीनदयाल उपाध्याय : गोलवलकरी सांचे में ढला व्यक्तित्व !

महाराष्ट्र का सातारा या उत्तर प्रदेश के बलिया जैसे कई स्थानों पर ब्रिटिश शासन को समाप्त घोषित कर ‘‘समानान्तर सरकारें’’ कायम की गयीं। जनता का दमन ...

सुभाष गाताडे
2017-10-16 17:04:11
जानलेवा योजना  मुंबई में 23 रेल यात्रियों की मौत से क्या शहरी विकास के योजनाकार कुछ सबक लेंगे
जानलेवा योजना : मुंबई में 23 रेल यात्रियों की मौत से क्या शहरी विकास के योजनाकार कुछ सबक लेंगे?

लोकल ट्रेनों के नेटवर्क पर हर रोज 10 लोगों की मौत होती है. 2016 में 3,202 लोगों की मौत हुई और 3,363 लोग घायल हुए. इस साल दुर्घटनाओं में मरने वालो...

इकाॅनोमिक ऐंड पाॅलिटिकल वीकली
2017-10-16 10:54:42
कोई मोदी से पूछो तो जरा फसल चौपट होने से गरीब किसान का क्या होगा जिसका सब कुछ तबाह हो चुका
कोई मोदी से पूछो तो जरा, फसल चौपट होने से गरीब किसान का क्या होगा जिसका सब कुछ तबाह हो चुका

इन आंकड़ाबाज अफसरों, नेताओं को यह बताने की जरूरत है कि आम आदमी की मुसीबतों को आंकड़ों में घेर कर उनके जले पर नमक छिड़कने की संस्कृति से बाज आएं।

शेष नारायण सिंह
2017-10-16 10:18:36
जागते रहो  सावधान  वे फिर अयोध्या लौट आये हैं
जागते रहो ! सावधान ! वे फिर अयोध्या लौट आये हैं!

क्यों वे योगी को मोदी से बड़ा करने लगे हैं?  कोई कैसे समझ सकता है कि गुजरात व हिमाचल से लेकर केरल व बंगाल तक के वोटरों को खास हिन्दुत्ववादी संदेश...

कृष्ण प्रताप सिंह
2017-10-16 10:04:25