हस्तक्षेप
भाजपाआरएसएस को हराना ही अभी सीपीआईएम का मुख्य कर्तव्य
भाजपा/आरएसएस को हराना ही अभी सीपीआई(एम) का मुख्य कर्तव्य

आने वाले दो दिन सीपीआई(एम) के जीवन के बेहद महत्वपूर्ण दिन साबित होने वाले हैं। इसमें नई केंद्रीय कमेटी, पोलिट ब्यूरो का गठन होगा और महासचिव का भी...

अरुण माहेश्वरी
2018-04-21 17:11:40
भाजपा सरकार के अफसरों ने खुद पुष्टि की आसिफा का बलात्कार और हत्या को मन्दिर-प्रांगण या देवीस्थान के अन्दर अंजाम दिया गया
भाजपा सरकार के अफसरों ने खुद पुष्टि की आसिफा का बलात्कार और हत्या को मन्दिर-प्रांगण या देवीस्थान के अन्दर अंजाम दिया गया

दैनिक जागरण कुछ भी काहे, यह बात प्रमाणित हो चुकी है कि कठुआ काण्ड में आसिफा का बलात्कार और उसकी हत्या को मन्दिर-प्रांगण या देवीस्थान के अन्दर अंज...

अतिथि लेखक
2018-04-21 16:58:25
डियर सरकारो आपको यह समझना चाहिए कि स्वास्थ्य सेवाएं लोक सेवा हैं और ये सरकार की ही जिम्मेदारी है
डियर सरकारो आपको यह समझना चाहिए कि स्वास्थ्य सेवाएं लोक सेवा हैं और ये सरकार की ही जिम्मेदारी है

2015 में औसतन हर सीजीएचएस लाभार्थी पर 6,300 रुपये खर्च हुए. जबकि पूरे स्वास्थ्य क्षेत्र पर सरकार औसतन 1,100 रुपये खर्च करती है. मतलब सीजीएचएस वाल...

इकाॅनोमिक ऐंड पाॅलिटिकल वीकली
2018-04-21 14:54:56
इतिहास का पुनर्मिथकीकरण  यानी इतिहास लिखना अब इतिहासकारों का नहीं सरकार का काम है
इतिहास का पुनर्मिथकीकरण : यानी इतिहास लिखना अब इतिहासकारों का नहीं, सरकार का काम है

इतिहास के पुनर्लेखन की यह कसरत, कुछ और नहीं, इतिहास के पुनर्मिथकीकरण का कुत्सित प्रयास है। लेकिन अब तो शंबूकों ने तीरंदाजी सीख ली है और एकलव्यों...

ईश मिश्र
2018-04-21 13:05:44
सीपीआईएम की बाईसवीं कांग्रेस  यह सिद्धांतों की लड़ाई है या गुटबाजी
सीपीआई(एम) की बाईसवीं कांग्रेस : यह सिद्धांतों की लड़ाई है या गुटबाजी !

असली संकट अपनी बढ़ती हुई राजनीतिक-अदृश्यता से मुक्ति का है !

अरुण माहेश्वरी
2018-04-20 22:59:05
राम नवमी से राम मंदिर तक  सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के पुराने रास्ते पर भाजपा चुनाव आ रहे हैं न
राम नवमी से राम मंदिर तक : सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के पुराने रास्ते पर भाजपा, चुनाव आ रहे हैं न !

संघ परिवार योजनाबद्ध तरीके से बिहार और पश्चिम बंगाल में राम भक्ति का माहौल बना रही है.

इकाॅनोमिक ऐंड पाॅलिटिकल वीकली
2018-04-20 22:04:35
हाँ मोदीजी हाँ जो कठुआ में हुआ वाकई वो 70साल में कभी नहीं हुआ
हाँ मोदीजी हाँ! जो कठुआ में हुआ वाकई वो 70साल में कभी नहीं हुआ

यदि राहुल गांधी मोमबत्ती जुलूस नहीं निकालते तो न तो शायद उन्नाव के अपराधी गिरफ्तार होते और न कठुआ के, और जनता भी शायद खामोश रही आती। यह अलग बात ह...

ललित सुरजन
2018-04-19 16:03:14
स्कूली शिक्षा का मूल्यांकन जरूरी
स्कूली शिक्षा का मूल्यांकन जरूरी

शिक्षण के मूल्यांकन के लिए परीक्षाओं की एक सीमित भूमिका ही होनी चाहिए

इकाॅनोमिक ऐंड पाॅलिटिकल वीकली
2018-04-19 15:55:50
समस्या यहीं है  बाहर रणभूमि है और हम फेसबुक- whatsapp का लोगो बदल कर आयुष्मान भवः - आयुष्मान भवः खेल रहे हैं
समस्या यहीं है . बाहर रणभूमि है और हम फेसबुक- whatsapp का लोगो बदल कर आयुष्मान भवः - आयुष्मान भवः खेल रहे हैं

मैं एक मार्क्सवादी हूँ, मुझे अलग से स्त्रीवादी होने की आवश्यकता नहीं.

अतिथि लेखक
2018-04-17 23:10:06
अहिंसा की नहीं बल्कि मूर्खता की पराकाष्ठा बनता जा रहा है यह उपवास
अहिंसा की नहीं बल्कि मूर्खता की पराकाष्ठा बनता जा रहा है यह उपवास

गांधी ने यह भी कहा था कि अहिंसा के पुजारी के शस्त्रागार में उपवास अंतिम हथियार है। जब इंसानी चतुराई काम नहीं करती, तो अहिंसा का पुजारी उपवास करता है।

अतिथि लेखक
2018-04-17 22:30:45
भारत का ‘दलित स्प्रिंग’’ अन्य पिछड़े वर्ग तथा हिन्दुत्व मंसूबे
भारत का ‘दलित स्प्रिंग’’, अन्य पिछड़े वर्ग, तथा हिन्दुत्व मंसूबे

बौद्ध देशों में – चीन, जापान, वेतनाम, कोरिया, म्यांमार – धर्म और धर्मनिरपेक्षता का हमेशा टकराव रहा। इससे या तो साम्यवादी एक पार्टी शासन की स्थापन...

अतिथि लेखक
2018-04-17 21:31:16
क्या हत्या व बलात्कार का पक्षधर भी है ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद ’
क्या हत्या व बलात्कार का पक्षधर भी है ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद ’?

नवयुवकों को जिस प्रकार धर्म व जाति के नाम पर वरगला कर या उकसा कर उन्हें किसी भी समुदाय विशेष के विरुद्ध आक्रामक तेवर दिखाने का प्रशिक्षण दिया जा ...

तनवीर जाफ़री
2018-04-16 23:21:36
बुझता हुआ चिराग हैं मोदी पर बीजेपी के पास नहीं कोई विकल्प
बुझता हुआ चिराग हैं मोदी, पर बीजेपी के पास नहीं कोई विकल्प

व्यवस्था में कोई परिवर्तन नहीं आया जिससे हमारा जीवन आसान हो सके। हां, समाज में यह परिवर्तन अवश्य आया कि सवर्ण हिंदुओं का एक वर्ग अब कट्टर बन गया ...

अतिथि लेखक
2018-04-15 22:46:22
अलविदा भाई वैद्य   संघर्ष जारी रहेगा
अलविदा भाई वैद्य  : संघर्ष जारी रहेगा

भाई बहुमुखी प्रतिभा के धनी और अध्ययनशील व्यक्ति थे. लेकिन उनकी शख्सियत मूलत: राजनीतिक थी. समाजवादी आंदोलन की कोख में पले भाई पर गाँधी के साथ फुले...

डॉ. प्रेम सिंह
2018-04-15 16:14:38
नागरनामा पर बिपिन तिवारी का दिलचस्प आलेख
नागरनामा पर बिपिन तिवारी का दिलचस्प आलेख

बिपिन तिवारी जोशीले जवान लेखकों से दूर अध्ययन के आधार पर जो मूल्य पेश कर रहे हैं वह सराहने योग्य भी है और सीखने योग्य भी.

अतिथि लेखक
2018-04-14 23:21:15