हस्तक्षेप
सांताक्रूज़ में क्रास का अपवित्रीकरणः तथ्यान्वेषण रपट
निरंकुश जनसंहार ही राष्ट्रवाद की नई संस्कृति वतन सेना के हवाले up-बंगाल में भी हालात तेजी से कश्मीर जैसे बन रहे
निरंकुश जनसंहार ही राष्ट्रवाद की नई संस्कृति, वतन सेना के हवाले! UP-बंगाल में भी हालात तेजी से कश्मीर जैसे बन रहे

UP जीतने के बाद वहां मध्ययुगीन सामंती अंध युग में जिस तरह दलितों,  अल्पसंख्यकों,  स्त्रियों के खिलाफ युद्ध जारी है, उससे बाकी देश में युद्ध क्षेत...

पलाश विश्वास
2017-05-25 16:55:01
बहनजी का सहारनपुर दौरा  मिश्राजी का वैचारिक प्रभाववर्चस्व
बहनजी का सहारनपुर दौरा : मिश्राजी का वैचारिक प्रभाव/वर्चस्व

मायावतीजी बहुजन की जमीन पर टिकी रहतीं तो देश की सबसे बड़ी नेता के रूप में उभरने की हर सलाहियत रखती थीं। अभी भी एक वैचारिक रूप से आक्रामक दलित नेतृ...

अतिथि लेखक
2017-05-25 13:31:43
जातिगत अत्याचारों से बचने के लिए दलित अपना रहे हैं बौद्ध धर्म और इस्लाम
जातिगत अत्याचारों से बचने के लिए दलित अपना रहे हैं बौद्ध धर्म और इस्लाम

दलितों का कहना है कि आदित्यनाथ की सरकार, केवल ठाकुरों की सरकार है। दलितो ने यह धमकी दी है कि अगर आदित्यनाथ, भगवा ब्रिगेड द्वारा दलितों पर किए जा ...

राम पुनियानी
2017-05-25 12:18:02
जुमलेबाजी के तीन साल  जश्न के शोर में कहीं सच फिर से दब न जाए
जुमलेबाजी के तीन साल : जश्न के शोर में कहीं सच फिर से दब न जाए?

नमामि-गंगे, स्वच्छ-भारत, मेक इन इंडिया,जन धन योजना से लेकर 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' जैसी योजनाएँ भी धरातल से गायब हो गईं हैं। इसके अतिरिक्त काला धन...

अतिथि लेखक
2017-05-24 13:15:00
बाहुबली का “दक्षिण दोष”  बाहुबली ने हिन्दुत्व के तथाकथित वैभवशाली अतीत पर फिल्म की राह खोल दी
बाहुबली का “दक्षिण दोष” : बाहुबली ने हिन्दुत्व के तथाकथित वैभवशाली अतीत पर फिल्म की राह खोल दी

हिंदुत्ववादियों ने बाहुबली सीरीज का जोरदार स्वागत किया है यह फिल्म क्षत्रिय गौरव का रौब दिखाती है और कटप्पा के सामंती वफ़ादारी को एक आदर्श के तौर ...

हस्तक्षेप डेस्क
2017-05-23 17:04:13
आखिर ये बुद्धिजीवी जनमत को पोलराइज़ क्‍यों नहीं करते
आखिर ये 'बुद्धिजीवी' जनमत को पोलराइज़ क्‍यों नहीं करते ?

हमारे यहां ही बुद्धिजीवी इतना पोलराइजि़ंग यानी बांटने वाला जीव होता है या कहीं और भी? 'बुद्धिजीवी' शब्‍द इतना घृणित क्‍यों बना दिया गया है? इसे ...

अभिषेक श्रीवास्तव
2017-05-23 11:29:51
भीम आर्मी का शानदार प्रोटेस्‍ट इस सरकार ब्राह्मणवाद या हिंदुत्‍व के लिए ही नहीं बल्कि यथास्थिति के लिए भी ख़तरा है
भीम आर्मी का शानदार प्रोटेस्‍ट इस सरकार, ब्राह्मणवाद या हिंदुत्‍व के लिए ही नहीं, बल्कि यथास्थिति के लिए भी ख़तरा है

जंतर-मंतर की अराजक और भयंकर असर्टिव भीड़ एक उम्‍मीद के साथ मेरे मन में डर भी पैदा करती है। भीम आर्मी का शानदार प्रोटेस्‍ट इस सरकार, ब्राह्मणवाद ...

अभिषेक श्रीवास्तव
2017-05-23 00:32:38
अच्छाजी बिलकिस बानो केस में पीड़िता के अमिकस क्यूरी हरीश साल्वे राष्ट्रवादियों के हैं
अच्छाजी! बिलकिस बानो केस में पीड़िता के अमिकस क्यूरी हरीश साल्वे राष्ट्रवादियों के हैं !

विपक्ष नवाज़ शरीफ से पूछ रहा है कि क्या प्रधानमंत्री मोदी से कोई सीक्रेट डील हुई है? ऐसे बयानों का क्या अर्थ निकालें कि नवाज शरीफ ने जानबूझ कर यह...

अतिथि लेखक
2017-05-22 20:19:33
विचारधारा को कुएं में कैद मत करिए वरना यह समाज मौत का कुआं बन जाएगा।
विचारधारा को कुएं में कैद मत करिए वरना यह समाज मौत का कुआं बन जाएगा।

मतभेद को ज़ाहिर करने के पचास तरीके हैं। हर व्यक्ति का तरीका अलग-अलग हो सकता है, इसे समझिये। विचारधारा को कुएं में कैद मत करिए वरना यह समाज मौत का ...

अभिषेक श्रीवास्तव
2017-05-22 00:18:02
राजीव गांधी के हत्यारे  लिट्टे vp चंद्रशेखर और गोयनका और उनके दोनों अखबार ही नहीं बल्कि एक पूरा जमावड़ा था
राजीव गांधी के हत्यारे : लिट्टे VP, चंद्रशेखर और गोयनका और उनके दोनों अखबार ही नहीं बल्कि एक पूरा जमावड़ा था

1991 में राजीव गांधी की मौत के बाद चंडीगढ़ आये प्रभाष जोशी ने खुलेआम कहा था कि अब राजीव गांधी नहीं रहे, हम अपने अखबार का सुर नर्म करेंगे...

राजीव मित्तल
2017-05-21 12:46:11
अच्छे दिन के 3साल  मोदी सरकार पर नज़र रखने अब तक असफल रही कांग्रेस
अच्छे दिन के 3साल : मोदी सरकार पर नज़र रखने अब तक असफल रही कांग्रेस

कांग्रेस का ड्राइंग रूम की पार्टी बन जाना इस देश की भावी राजनीति के लिए अच्छा संकेत नहीं है।

शेष नारायण सिंह
2017-05-21 11:58:31
गुंडई बाजार और दहशत का मिश्रण बना भगवा गमछा
गुंडई, बाजार और दहशत का मिश्रण बना भगवा गमछा

बहुत हद तक आप कह सकते हैं कि इस साल की गरमी भाजपा के नाम है। आखिर मौसम से लड़ने के तरीके में आए इस बदलाव का क्या मतलब है, क्या किसी दूसरे रंग ...

शाहनवाज आलम
2017-05-21 11:25:35
भगाना  भारत में लोकतंत्र केवल दबंगई का है और इस वक्त लम्पट उसका ज्यादा लाभ उठा रहे हैं
भगाना : भारत में लोकतंत्र केवल दबंगई का है और इस वक्त लम्पट उसका ज्यादा लाभ उठा रहे हैं

भगाना का मामला भारत की राजनैतिक और सामाजिक व्यवस्था की पोल खोलता है। ये दिखाता है कि भारत में लोकतंत्र केवल दबंगई का है और इस वक्त लम्पट उसका ज्य...

Vidya Bhushan Rawat
2017-05-21 11:04:48
बाद में मोमबतियां जलाने से बेहतर है जीते जी प्रोफेसर वाघमारे के साथ संघर्ष में शामिल हो जायें
बाद में मोमबतियां जलाने से बेहतर है जीते जी प्रोफेसर वाघमारे के साथ संघर्ष में शामिल हो जायें

दलित प्रोफेसर वाघमारे के जातीय उत्पीड़न की अंतहीन दास्तान

अतिथि लेखक
2017-05-20 00:09:50