हस्तक्षेप
इस वक़्त सबसे जरूरी काम है भाजपा को सत्ता से बाहर करना
इस वक़्त सबसे जरूरी काम है भाजपा को सत्ता से बाहर करना

जुगनुओं का साथ लेकर रात रोशन कीजिये रास्ता सूरज का देखा तो सुबह हो जाएगी।

अतिथि लेखक
2018-11-17 21:32:44
मीडिया की सांप्रदायिकता  अब किसी ने नहीं लिखा “ख़िलजी की हुईं पद्मावती”
जानिए कैसे मिले थे बिरसा मुंडा
जानिए कैसे मिले थे बिरसा मुंडा

कैंब्रिज युनिवर्सिटी ने कुमार सुरेश सिंह को बीसवीं शताब्दी का सबसे बड़ा बौद्धिक व्यक्ति घोषित किया। वहीं मृणाल सेन ने द ग्रेट सेवन संस ऑफ बंगाल म...

अतिथि लेखक
2018-11-16 18:49:26
क्या मोदी को चुनाव के पहले ही जाना पड़ सकता है
क्या मोदी को चुनाव के पहले ही जाना पड़ सकता है ?

सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस जांच की घोषणा के बाद मोदी का प्रधानमंत्री पद पर बने रहना क्या असंभव नहीं लगता है ?

अरुण माहेश्वरी
2018-11-15 10:58:09
क्या 2019 में 1996 दोहराया जाएगा
क्या 2019 में 1996 दोहराया जाएगा?

‘मोदी के मुकाबले कौन’ का झूठा सवाल .... राज्यस्तरीय व्यावहारिक गठबंधनों की फैडरेशन का ही होगा भाजपाविरोधी गठबंधन

राजेंद्र शर्मा
2018-11-14 10:09:21
नफ़रत के अंधेरे में मुहब्बत का दीपक
नफ़रत के अंधेरे में मुहब्बत का दीपक

आइए आज आपको गुड़गाँव ले चलता हूं, और दीपक से मिलाता हूं जो कि ऑटो रिक्शा चलाकर अपना जीवनयापन करते हैं।

अतिथि लेखक
2018-11-13 23:26:13
अमेरिका में तो खेल हो गया मुंहबली ट्रंप की मनमानी पर लगेगी लगाम
अमेरिका में तो खेल हो गया, मुंहबली ट्रंप की मनमानी पर लगेगी लगाम

अमेरिका में सभी मानते हैं कि ट्रंप को काबू करने के लिए जरूरी था कि संसद में उनकी मनमानी वाले फैसलों को रोका जाए

हस्तक्षेप डेस्क
2018-11-13 12:03:37
ममता ने हमें झूठ का आदी बनाया मोदी ने उस पर हरी-भरी खेती की
ममता ने हमें झूठ का आदी बनाया मोदी ने उस पर हरी-भरी खेती की

राजनीति में संगठित और नियोजित झूठे प्रचार अभियानों को पहचानने का नजरिया विकसित किए बिना मोदी-ममता-केजरीवाल आदि से मुक्ति संभव नहीं है।

जगदीश्वर चतुर्वेदी
2018-11-12 22:34:47
याद आयी आधी रात को --हेलो हेलो हेलो नागपुर मिल गया विकास
याद आयी आधी रात को.. --हेलो हेलो हेलो नागपुर.. मिल गया विकास

याद आयी आधी रात को.. --हेलो हेलो हेलो नागपुर.. मिल गया विकास

राजीव मित्तल
2018-11-12 18:22:26
कहानी दो फैसलों की  आसिया बीबी और सबरीमाला
कहानी दो फैसलों की : आसिया बीबी और सबरीमाला

कुछ दशक पहले तक भारत का चरित्र अपेक्षाकृत लोकतांत्रिक, उदार एवं धर्मनिरपेक्ष था किंतु सन् 1990 के दशक से भारत में पाकिस्तान की तरह रूढ़िवाद हावी ह...

राम पुनियानी
2018-11-12 12:12:00
सामाजिक न्याय की हिस्सेदारी का पूरा धंधा अब एक मुस्लिम विरोधी रुख अख्तियार कर चुका है
सामाजिक न्याय की हिस्सेदारी का पूरा धंधा अब एक मुस्लिम विरोधी रुख अख्तियार कर चुका है

मुसलमानों को ऐसे दलितवादियों से ना सिर्फ चौकन्ने रहने की ज़रूरत है बल्कि हिंदुत्व के इस fifth column को कमज़ोर करने की रणनीति भी बनानी पड़ेगी

शाहनवाज आलम
2018-11-11 12:22:32
मोदी में अभी तक पीएम के सामान्य लक्षण संस्कार आदत और भाषण की भाषा नहीं
मोदी में अभी तक पीएम के सामान्य लक्षण, संस्कार, आदत और भाषण की भाषा नहीं

हिन्दुत्ववादी तानाशाही के 15 लक्ष्य

जगदीश्वर चतुर्वेदी
2018-11-11 11:55:51
जातिवाद और साम्प्रदायिक चिंतन में कुछ अद्भुत साम्य
जातिवाद और साम्प्रदायिक चिंतन में कुछ अद्भुत साम्य

दोनों सोचों के फैलने से कुछ ठेकेदार उभरते हैं जो उस धर्म या जाति के spokesperson बनने की चेष्टा करते हैं।

अतिथि लेखक
2018-11-10 23:49:48
सामने आने लगे नोटबंदी और जीएसटी के बुरे प्रभाव झूठ बोलने में तो मोदी को शर्म नहीं आती
सामने आने लगे नोटबंदी और जीएसटी के बुरे प्रभाव... झूठ बोलने में तो मोदी को शर्म नहीं आती

न काला धन रुका, न नकली नोट छपना बंद हुए, भ्रष्टाचार और बढ़ गया। आतंकवाद और नक्सलवाद पर लगाम लगने की जो बात कही थी वह तो उस समय ही हास्यपूर्ण लग रही थीI

अतिथि लेखक
2018-11-10 16:52:39
मोदी की यह कैसी विक्षिप्त मनोदशा
मोदी की यह कैसी विक्षिप्त मनोदशा !

पागलपन में वे कभी गांधी को अपनाने की कोशिश करते हैं तो कभी पटेल पर हाथ मारते हैं,

अरुण माहेश्वरी
2018-11-10 15:35:35