अंबेडकर ग्राम और लोहिया ग्राम के आधार पर सुविधाएँ न दी जायें-खरवार

राष्ट्रीय समता छात्र संगठन की संगोष्ठी संपन्न। वाराणसी, 9 फरवरी। उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों पर हमला बोलते हुए प्रोफेसर आरएन खरवार ने कहा है कि किसी भी ग्राम को अंबेडकर ग्राम और लोहिया ग्राम के आधार पर सुविधाएँ न दी जायें।  प्रोफेसर खरवार स्वयंवर वाटिका लंका में राष्ट्रीय समता छात्र संगठन की तरफ से “समता एक विमर्श” विषय पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के तौर पर बोल रहे थे। प्रोफेसर आरएन खरवार ने कहा कि, समाज में वैज्ञानिक तरीके से ही समता कायम की जा सकती है। उन्होंने मुफ्त और समान शिक्षा व्यवस्था को सभी तबकों के लिए जरूरी बताते हुए अपने अमीरका के दिनों के अनुभव को साझा किया। प्रो. ने आरक्षण व्यवस्था को समाज की गैर बराबरी दूर करने के लिए जरुरी हथियार बताया। सभा में चौधरी राजेन्द्र ने बाजार और विचार की लड़ाई को इंगित करते हुए 1947 और 1992 की घटनाओं को याद किया जिसने देश में विभाजन पैदा करने का काम किया था। वहीं शिवकुमार राही ने आदिवासियों के साथ हो रहे गैर बराबरी की समस्या को रेखांकित किया। शिवकुमार ने दबे हुए लोगों को समाज के अगली पंक्ति में खड़े होने का आह्वान किया। सिंगरौली से आए अविनाश चंचल ने आदिवासियों के जल-जंगल-जमीन की लड़ाई के बारे में विस्तार से बताते हुए पूँजीवादी व्यवस्था की खामियों को गिनाया। साथ ही, राहुल और मोदी द्वारा बहुप्रचारित विकास मॉडल को भी फेल बताया। वहीं मीडिया के शोध छात्र राजीव रंजन ने मीडिया में जारी गैर समानता के मुद्दे पर विस्तार से बताया अपने विचार रखें। प्रियंका और तव्सुस्म ने लड़कियों के साथ हो रहे भेदभाव पर अपनी बात रखी। सभा की अध्यक्षता कर रहे कवि आत्मा ने छात्रों से समाज में बदलाव लाने का आह्वान किया। उन्होंने पूंजीवादी आधारित गैर समानता वाली व्यवस्था को नकारने पर बल दिया। संगोष्ठी का संचालन सुनील ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन अरुण पटेल ने दिया। इस मौके पर नागेन्द्र, राहुल, प्रशांत, रामायण, अनूपमोहन, संतोष, अमृत राजकुमार, विकास आदि ने संबोधित किया।

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