ओली होंगे नेपाल के छठे कम्युनिस्ट प्रधानमन्त्री

काठमाण्डू 10 अक्टूबर। अगर रात भर में कोई चमत्कार नहीं हुआ तो कल नेकपा एमाले के अध्यक्ष के पी शर्मा ओली नेपालके 38वें प्रधानमन्त्री के रूप में शपथ लेंगे। संविधान निर्माण में अहम् भूमिका निर्वाह करने वाले तीन प्रमुख दल एमाले, नेपाली कांग्रेस एवम् एमाओवादी में यह सहमति हुई थी कि संविधान निर्माण के बाद ओली नेपाल के प्रधानमन्त्री होंगे । सहमति तोड़ते हुए नेपाली कांग्रेस ने सुशील कोइराला को फिर से प्रधानमन्त्री पद का उम्मीदवार बनाने का निर्णय लिया। पूर्व प्रधानमन्त्री शेरबहादुर देउवा, जो इन्डो अमेरिकी धुरी के नेपाल में समर्थक माने जाते हैँ, उन्होंने कोइराला का प्रस्ताव किया है। नेकपा एमाले को एमाओवादी, राप्रपा और कइ छोटे दलोँ का समर्थन प्राप्त है। गौरतलब है कि माओवादी के 30 केन्द्रीय सदस्य ने ओली का विरोध किया है, इनमें से सिर्फ प्रभू साह ही सांसद हैँ। अगर यह समीकरण नहीँ टूटा तो केपी ओली को 329 मत मिलेंगे जबकि बहुमत के लिए 299 ही काफी है। ओलीसे पहले पाँच कम्युनिस्ट प्रधानमन्त्री बन चुके हैँ। पहली कम्युनिस्ट सरकार का स्वर्गीय मनमोहन अधिकारी के नेतृत्व में 1994 नवंबर में गठन हुवा था, जिनका सुशासन अब भी नेपाली जनता याद करती है, उस सरकार में केपी ओली गृहमन्त्री थे। प्रधानमंत्री सुशील कोइराला ने फिलहास प्रधानमंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया है, जो एक औपचारिकता मात्र है। योगीश खरेल

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