बड़े अक्षरों में लिखना होगा डॉक्टरों को मशविरा!

नई दिल्ली। अगर स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी तो आपके डॉक्टर को अंग्रेजी के बड़े अक्षरों में दवा का नुस्खा लिखना होगा। एजेंसियों की मार्फत मीडिया में आई खबरों के मुताबिक भारतीय चिकित्सा परिषद ने उस अधिसूचना के मसौदे को मंजूरी प्रदान कर दी है जिसमें डॉक्टरों के लिए नुस्खे को बड़े अक्षरों में लिखने को अनिवार्य किया गया है। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि अक्सर इस प्रकार की शिकायतें आती रही हैं कि डॉक्टरों की लिखी भाषा को कैमिस्ट पढ़ नहीं पाते और दवाओं के मिलते-जुलते नामों के कारण मरीज को गलत दवा दे देते हैं। सूत्रों ने बताया कि अधिसूचना का मसौदा स्वास्थ्य मंत्रालय की मंजूरी के बाद ही प्रभाव में आयेगा। स्वास्थ्य मंत्रालय इस विचार को अमली जामा पहनाने का इच्छुक है। इस सम्बंध में फैसला लिए जाने के बाद देश भर में डॉक्टरों को निर्देश जारी कर उन्हें इनका पालन करने को कहा जायेगा। डॉक्टरों की भाषा को पढ़ नहीं पाने का मुद्दा सालों से बहस में रहा है लेकिन पिछले कुछ सालों से इस मुद्दे का समाधान किये जाने की माँग लगातार बढ़ रही थी।

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