मायावती ने मोदी सरकार को बताया दलित विरोधी, बोलीं- सरकार ने तोड़े जातिवाद के रिकॉर्ड

रोहित वेमुला की आत्‍महत्‍या पर मोदी का भावुक होना वोट की राजनीति का हिस्सा - मायावती...

मायावती ने लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को भी आरक्षण के खिलाफ बताया

रोहित वेमुला की आत्‍महत्‍या पर मोदी का भावुक होना वोट की राजनीति का हिस्सा - मायावती

लखनऊ, 28 जनवरी 2016। हैदराबाद में छात्र रोहित वेमुला की संस्थागत हत्या-आत्महत्या विवाद पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने केंद्र की मोदी सरकार को निशाने पर लिया है।

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार ने जातिवाद के पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को भी आरक्षण के खिलाफ बताया।

लखनऊ में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान सुश्री माया‍वती ने कहा कि दलित छात्र की आत्‍महत्‍या और आरक्षण को लेकर जमकर राजनीति हो रही है।

बसपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि लखनऊ आने के बाद रोहित वेमुला की आत्‍महत्‍या पर पीएम मोदी का भावुक होना वोट की राजनीति का हिस्सा था।

उन्होंने कहा- मोदी दलित वोटों के लिए भावुक हुए। जब प्रधानमंत्री ने पूरे मामले में कोई कार्रवाई नहीं की तो फिर भावुक होने का क्‍या मतलब। केंद्र की जातिवादी सोच ने रोहित की जान ली है।

दलित विरोधी है केंद्र की सोच- मायावती

केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए मायावती ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार जातिवादी है और उसने दलित उत्‍पीड़न के अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उन्होंने कहा, केंद्र की सोच दलित विरोधी और संकीर्ण है। एक तरफ मोदी जी बाबा साहेब अंबेडकर की बात करते हैं और दूसरी तरफ दलित छात्रों का अपमान किया जा रहा है।

बसपा प्रमुख ने आगे कहा कि केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने दलितों को लेकर बेहद आपत्तिजनक बयान दिया, लेकिन केंद्र सरकार ने उन पर भी कोई कार्रवाई नहीं की।

सुश्री मायावती ने कहा कि भाजपा, आरएसएस की विचारधारा पर चलती है और इसके राज में न सिर्फ दलित, बल्कि‍ मुसलमानों का भी उत्पीड़न किया जा रहा है। इसे लेकर लगातार आवाज भी उठाई जा रही है।

बसपा प्रमुख ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार और केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार दोनों दलितों को दबाना चाहती हैं, लेकिन उनकी पार्टी समाज के हर हिस्से की बराबरी के लिए लड़ती रहेगी।

मायावती ने कहा कि भाजपा और आरएसएस आरक्षण व्यवस्था में समीक्षा की मांग कर रही है, लेकिन यह बसपा का ही दबाव है कि वह ऐसा नहीं कर पा रही है।

(January 28,2016 04:32 को प्रकाशित)

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