ये कैसे अच्छे दिन? हर हफ्ते 90 किसान आत्महत्या कर रहे

हस्तक्षेप
Updated on : 2016-04-14 12:18:27
सही जानकारी के लिए श्वेत पत्र जारी करे केंद्र सरकार : कांग्रेस नई दिल्ली । कांग्रेस ने सरकार पर सूखे से निपटने के लिए पर्याप्त उपाय नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा,  इसके कारण हर हफ्ते 90 किसान आत्महत्या कर रहे है और देश को सही जानकारी देने के लिए इस संबंध में श्वेतपत्र जारी किया जाना चाहिए। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने बुधवार को पार्टी की नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा, देश के दस राज्यों में सूखे की स्थिति अत्यधिक खराब है। सूखे तथा कर्ज से परेशान होकर हर सप्ताह देश में करीब 90 किसान आत्महत्या कर रहे हैं। लगातार दूसरे साल देश के विभिन्न हिस्सों में सूखे की स्थिति और खराब हो रही है लेकिन मोदी सरकार सूखे के लिए बजट 2016-17 में इसके लिए बजट प्रावधान 5000 करोड़ रुपए किया है, जो वर्ष 2013-14 के दौरान 97000 करोड़ रुपए था। सिंघवी ने कहा, देश के दस राज्यों में 246 जिले सूखे की चपेट में हैं। महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। वहां प्रतिदिन करीब नौ किसान सूखे के कारण आत्महत्या कर रहे हैं। राज्य के विदर्भ और मराठवाड़ा जिलों की स्थिति ज्यादा खराब है। उनका कहना था कि देश खतरनाक जल संकट से जूझ रहा है और 91 बड़े जलाशयों में जल का स्तर क्षमता से 30 प्रतिशत से भी कम रह गया है। मनरेगा के बजट में कटौती की केंद्र सरकार ने कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सरकार ने सूखाग्रस्त क्षेत्रों के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना-मनरेगा की राशि भी जारी नहीं की है, जिसके कारण वहां स्थिति और खराब हुई है। उल्टे सरकार ने मनरेगा के लिए बजट में कटौती की है जिससे ग्रामीणों के सामने बड़ा संकट पैदा हुआ है। उनका कहना था कि देश में तीन दशक बाद सबसे ज्यादा सूखा पड़ा है लेकिन सरकार ने सूखा से निबटने के लिए बजट में कटौती करके जनमानस को संकट में डाल दिया है। (इनपुट्स देशबन्धु)
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