झूठ के सिवाय इनके पास देने के लिये कुछ नहीं

​​​​​​​आज तक मोदी ने अपनी पूरी राजनीति सिर्फ और सिर्फ झूठ के बल पर चलाई है...

आज तक मोदी ने अपनी पूरी राजनीति सिर्फ और सिर्फ झूठ के बल पर चलाई है

अरुण माहेश्वरी

आज राहुल गांधी की अध्यक्षता में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की पहली बैठक हुई। बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए राहुल ने तीखे शब्दों में मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि इसके पास जनता को देने के लिये सिवाय झूठ के और कुछ भी नहीं है। आज तक मोदी ने अपनी पूरी राजनीति सिर्फ और सिर्फ झूठ के बल पर चलाई है।

राहुल की इस बात की पृष्ठभूमि में मोदी के अब तक के तमाम झूठों की एक पूरी श्रृंखला बोल रही थी। 2 जी घोटाले के झूठ, हर भारतीय के खाते में पंद्रह लाख रुपये पहुंचाने के झूठ, हर साल दो करोड़ नौजवानों को रोजगार देने के झूठ, किसानों को उनकी उपज के लिये लागत मूल्य से डेढ़ गुना देने के झूठ, काला धन और भ्रष्टाचार रोकने के लिये नोटबंदी के झूठ, आतंकवाद के खात्मे के लिये सर्जिकल स्ट्राइक के झूठ, एक नई आर्थिक आजादी के लिये गब्बर सिंह टैक्स के झूठ, पाकिस्तान के साथ मिल कर उनकी सरकार को गिराने की साजिश के झूठ से लेकर नित नये झूठों को गढ़ कर समाज का सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करने के मोदी के तमाम कारनामों पर ही राहुल यह टिप्पणी कर रहे थे।

 सचमुच, थोड़ी सी गहराई में जाने से ही पता चलता है कि हम आज एक ऐसे अजीब से जीव के शासन के तहत रह रहे हैं जिसने चुनाव में जीत-हार को ही राजनीति का परम सत्य मान रखा है। इस पार्टी का जुमलेबाजियों के अलावा अपना दूसरा कोई ऐसा कोई सच नहीं है जिसे वह सबके सामने प्रकट रूप में रख सके। अपने मूलभूत सच को तो ये हमेशा हजार पर्दों के पीछे छिपा कर रखने के अभ्यस्त रहे हैं। असंख्य गोपनीय प्रकार के संगठनों से ये समाज में जिन चीजों को साधने में लगे रहते हैं, वे जनतंत्र में राजनीति के सबसे अधम और अवांछित रूप है। सामाजिक-आर्थिक विषयों को तो जाने दीजिए, सामाजिक नैतिक विषयों में भी ये तमाम प्रकार के ढोंगी बाबाओं के आश्रमों में पलने वाली अनैतिकताओं से सबसे अधिक जुड़े हुए पाए जाते हैं। इनका अपना असली सत्य है सांप्रदायिक घृणा और बड़े-बड़े सामंतों-पूंजीपतियों की सेवा है। समाज के सांप्रदायिक ध्रुवीकरण, जातिवादी विभाजन और मुट्ठी भर इजारेदार घरानों की हितों की साधना के अपने कुत्सित सत्य पर पर्दादारी पर ही इनकी राजनीति टिकी हुई है।

शास्त्र कहते हैं कि शिव (मानव कल्याण) को आप प्राप्त कर पाते हैं या नहीं कर पाते हैं, उससे उसका काम कभी नहीं रुकता है। अग्नि को आप जानते हैं या नहीं जानते, वह हमेशा प्रकाश और ताप देती रहेगी। लेकिन यदि आग की प्रकृति को हम जान लेते हैं कि उससे प्रकाश और ताप मिलता है, तो इस ज्ञान का हम अपने घरों को प्रकाशित रखने और दूसरे कामों के लिये सही ढंग से उपयोग कर सकते हैं। ('वह्निर्यद्यपि विज्ञात: प्रकाशादि करोत्यसौ तथापि योजितो युक्त्या प्रकाशमधिकं गृहे')

हमारे इन भाजपाई शासकों के साथ सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि प्रथमत: तो इनके पास जन-कल्याण का कोई लक्ष्य ही नहीं है। और जब वही नहीं है तो उसे साधने का साधन, उसके प्रयोग का ज्ञान उन्हें हासिल भी नहीं करना हैं ; मोदी जी को अकेले नृत्य करना है। चूंकि इन्हें सिर्फ अपने घृणा के गुह्य लक्ष्यों को साधना है, इसीलिये ये सिर्फ झूठ और झूठ का सहारा ले कर चलने के लिये ही मजबूर है।

हम राहुल गांधी की इस बात से सौ फीसद सहमत है कि मोदी और उनकी सरकार के पास झूठ और झूठ के सिवाय कुछ नहीं है। ये गोपनीय जीवन की करतूतों के अंधकार के अलावा राष्ट्र को और कुछ भी देने में असमर्थ हैं।

 

      

The whole architecture of BJP is about lies, the whole structure is about lies Congress President Rahul Gandhi after the CWC meet

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