अब कोई भाजपाई गुजरात के विकास का नाम ही नहीं लेता

पिछले विधान सभा में भाजपा की 17 सीटें गुजरात में घट गईं। अब मोदी का विकास नंगा हो गया।...

अतिथि लेखक

अब कोई भाजपाई गुजरात के विकास का नाम ही नहीं लेता

हरे राम मिश्र

नरेंद्र मोदी पहले पूरे देश में गुजरात का कथित विकास बेचते थे। उग्र हिंदुत्व की चटनी में विकास को लपेट कर खूब बेचा गया। मोदी की ब्रांडिंग पूरे देश में हुई। मोदी प्रधानमन्त्री बन गए। लेकिन उनकी ब्रांडिंग की पॉलिटिक्स जल्द ही बेनकाब हो गई।

पिछले विधान सभा में भाजपा की 17 सीटें गुजरात में घट गईं। अब मोदी का विकास नंगा हो गया।

अब कोई भाजपाई गुजरात के विकास का नाम ही नहीं लेता।

लेकिन असल संकट यह है कि भाजपा के पास अब बेचने और ब्रांडिंग की पॉलिटिक्स करने के लिए कुछ नया प्रोडक्ट ही नही बचा है। क्योंकि आज भाजपा में दो गुजराती चेहरों के अलावा सब गुमशुदा हैं। वाही पूरी भाजपा बन चुके हैं।

संकट यह है कि अब किस नाम पर वोट माँगा जाए।

इसीलिए भाजपा ने मन्दिर निर्माण का शिगूफा छोड़ दिया है।

दलाल चैनल, बिकाऊ मौलाना और निठल्ले बीमार संत मोदी सरकार के लिए दिन रात मजदूरी में जुट गए।

लेकिन क्या ये लोग राजस्थान, मध्य प्रदेश और छतीसगढ़ में भाजपा की नाव किनारे लगा पाएंगे? 2019 के लिए भी कई अशुभ संकेत दिखाई पड़ रहे हैं।

#नरेंद्र_मोदी सरकार ने #नोट_बंदी की दूसरी सालगिरह का #जश्न क्यों नहीं मनाया?

#भाजपा भी इस मुद्दे पर बोलने से बच रही है।

आखिर इतना डर क्यों है?

(हरे राम मिश्र, लेखक स्वतंत्र पत्रकार व राजनातिक विश्लेषक हैं।)

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