लहू पानी है अगर वो कश्मीरियों का है! ये लोकतंत्र की हार है, ये भारत की हार है

दोगला हो गया है हमारा समाज... किसने मारा कैसर को? देश के एक हिस्से के नागरिकों पर देश की ही सेना ज़ुल्म कर रही है, और सरकार ने ऐसा माहौल बना दिया है कि बाकी देश के नागरिक उस ज़ुल्म को जस्टिफाई कर रहे है...

जौहर सिद्दीकी

लहू पानी है अगर वो कश्मीरियों का है!

कश्मीरी अपनी कुछ मांगे ले कर सड़क पर उतर आते हैं, भारत की सरकार समेत भारत की सेना उन मांगों को सुनने के बजाय उनके साथ जानवरों जैसा सलूक कर रही हैं।

क़ैसर अहमद जो कि सड़क पर अपनी माँग मंगवाने के लिए प्रदशन कर रहे थे, भारत सरकार की बहादुर सेना ने उस निहत्थे क़ैसर के बदन पर गाड़ी चढ़ा ढ़ी और जिससे आज उनका इंतेक़ाल हो गया।

किसने मारा कैसर को?

उनके मार दिए जाने से ये सवाल ज़िंदा हो गया है। जिस सेना ने क़ैसर के बदन पर गाड़ी चढ़ाई देश के बाकी हिस्से के ज़्यादातर नागरिक उस भारतीय नागरिक के मार दिए जाने पर सेना का गुणगान गा रहे हैं, सेना से सवाल करने के बजाय ये जानना तक नहीं चाहते हैं कि क़ैसर सड़क पर क्यों थे?

कश्मीरियों से कश्मीर है, और हम कश्मीरियों के यक़ीन को एक एक कर खोते चले जा रहे हैं, एक कश्मीरी शाल वाला अगर जाड़े के दिन में आप के मुहल्ले में आ जाता है तो कुछ लोग उसे वहीं आतंकवादी कह कर कटाक्ष करते हैं, और फिर वही लोग टीवी पर बैठ कर क़ैसर के बदन पर जीप चढ़ा देने को सही कहते हैं, और फिर वही चाहते भी हैं, ये भारत को अपना देश माने, जबकि इतना कुछ होते हुए भी वो अपने हाथ मे कश्मीर सहित भारत का झण्डा थामे मिलते हैं।

दोगला हो गया है हमारा समाज

हमारा समाज दोगला हो गया है, देश के एक तबके का नागरिक प्रदशन करते हुए तोड़ फोड़ कर सकता है, लूट मचा सकता है, सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुँचा सकता है, बलात्कार कर सकता है लेकिन दूसरे तबके का नागरिक संविधान के ज़रिए दिए गए अपने अधिकारों को भी नहीं मांग सकता है, अगर मांगता है तो बदले में उसे अपने चेहरे पर पैलेट गन से छलनी निशान मिलती है, उसे अपने बदन पर सेना की चढ़ी हुई जीप मिलती है, उसे मौत मिलती है।

आज क़ैसर की मौत पर नहीं, मौत की वजह पर बात कीजिये, बात कीजिये सेना ने क्यों क़ैसर के बदन पर जीप चढ़ाई, बात कीजिये क़ैसर क्यों सड़क पर था, बात किये क़ैसर ने कौन सा ऐसा गुनाह किया था जो भारत के संविधान से परे था, बात कीजिये इंडो-पाक रेज़्यूलेशन 47 में क्या बातें कही गई थी जिसे पूरा नहीं किया गया, बात कीजिये कूनन और पोषपुरा में कश्मीरी लड़कियों के साथ बलात्कार किसने और क्यों किया था, बात कीजिये, क्यों बार बार कश्मीर में मौजूद भारत की सेना कश्मीरियों के घर के अंदर घुस कर मर्द के सामने उनकी औरतों को तलाशी लेती है।

आज हमने कश्मीरियों के लहू को पानी बना दिया है, देश के एक हिस्से के नागरिकों पर देश की ही सेना ज़ुल्म कर रही है, और सरकार ने ऐसा माहौल बना दिया है कि बाकी देश के नागरिक उस ज़ुल्म को जस्टिफाई कर रहे हैं, ये आपसी भाईचारे की हार है, ये लोकतंत्र की हार है, ये भारत की हार है।।

(जौहर सिद्दीकी की एफबी टाइमलाइन से साभार )

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