जाति वोट बैंक राजनीति तो साम्प्रदायिकता की धुरी है, अपनी धुरी से भाजपा को डर क्यों ?

अचानक अमित शाह से लेकर निचले स्तर के भाजपा नेताओं को गुजरात में जाति का डर सताने लगा है। लेकिन यह सच है कि गुजरात में मोदी एंड कंपनी को परेशानियों में जरूर डाल दिया है राहुल गांधी के प्रचार अभियान ने।...

जगदीश्वर चतुर्वेदी

अजब मूर्खता हैतू हिंदू कि मैं हिंदू !!

असल में इनमें कोई हिंदू नहीं है। विश्वास न हो तो देख लो राहुल,अमित शाह,नरेन्द्र मोदी किसी के सिर पर न चोटी है न इनका चुनाव घोषणापत्र हिंदू है।

दिलचस्प बात है कि बिहार से लेकर यूपी तक भाजपा-आरएसएस ने जाति संगठनों का जाल फैलाया हुआ है, चुनावों के पहले वे इन राज्यों में जाति सम्मेलनों का आयोजन कर रहे थे, यही हाल गुजरात का है, लेकिन अचानक अमित शाह से लेकर निचले स्तर के भाजपा नेताओं को गुजरात में जाति का डर सताने लगा है। हम तो कहना चाहते हैं कि जाति संगठन और जाति वोट बैंक राजनीति तो साम्प्रदायिकता की धुरी है,अपनी धुरी से भाजपा यदि डर रही है तो कहीं न कहीं उनको हारने का डर सता रहा है, यह बात दीगर है कि कांग्रेस जब तक हरा नहीं देती, भाजपा की हार काल्पनिक सत्य ही कही जाएगी, लेकिन यह सच है कि गुजरात में मोदी एंड कंपनी को परेशानियों में जरूर डाल दिया है राहुल गांधी के प्रचार अभियान ने। दूसरी बात यह कि गुजरात में भाजपा के जनाधार में तेजी से गिरावट आ रही है।

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