केजरीवाल की खांसी तो ख़त्म हो गयी, अब दिल्ली वाले खांस रहे हैं !

दिल्ली में प्रदूषण लेबल आज नहीं तो कल कम हो जायेगा, मगर, क्या चार गुना बढ़े पार्किंग का किराये का लेबल भी कम होगा मुख्यमंत्री जी ?...

पुष्परंजन
हाइलाइट्स

पंजाब और हरियाणा में खेत में परालियों को जलाने का सिलसिला बंद नहीं हो रहा है. नासा द्वारा निरंतर भेजी तस्वीर बता रही है कि 35 मिलियन टन पराली फूँक दी गयी. केजरीवाल और खट्टर ने अपील कर दी है. हो गयी जी ज़िम्मेदारी पूरी. उन्ही के नेता पंजाब में पराली जलाते हुए दिख रहे थे.

पुष्परंजन

पहले दिल्ली को गैस चैम्बर बन जाने दिया, अब नींद खुली है ! बस इतना बता दें, प्रदूषण फ़ैलाने वाले कितने अपराधियों जेल भेजा ?

कहाँ ये पानी का छिड़काव दो हफ्ता पहले कर रहे थे. घंटा नहीं कुछ हुआ !

पहले पूरे वातावरण को ज़हरीला बनने दिया, अब चले हैं दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के सीएम और एलजी बैठक करने. आग लगने पर कुआँ खोदने की इनकी पुरानी बीमारी है.

प्रदूषण पूरी तरह से फ़ैल गया तो स्कूल रविवार तक बंद करने का ऐलान किया. ट्रक सिर्फ ज़रूरी सामान ला पाएंगे. अभी पता नहीं क्या-क्या रोकेंगे, और हाहाकार मचाएंगे ! दिल्ली में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का भट्टा बैठाकर रखा हुआ है.

जब खेत में आग लगाना, कूड़े को जलाना जुर्म है, तो इसका उल्लंघन करने वाले कितने लोगों को जेल में भेजा? किसी नेता, प्रशासक, पुलिसवाले के पास इस प्रश्न का जवाब नहीं है. खेती बिहार, यूपी में भी होती है, मगर वहां किसान खेत में आग नहीं लगाते. क्या पंजाब-हरियाणा के किसानों की इस धांधलेबाजी को रोकने की ताक़त है ?

गज़ब के खरदिमाग है ये नेता, और इस देश के अफसर ! प्रदूषण रोकना है, तो पार्किंग का किराया चार गुना बढ़ा दो ! अरे, इस बहाने पार्किंग माफिया को लूटने का रास्ता दे दिया.

दिल्ली के लुटियन जोन, एम्बेसी वाले इलाक़े, एनसीआर में जहाँ-जहाँ वीवीआईपी, नेता, मंत्री, उद्योगपति रहते हैं, उनके बंगलों में एयर प्यूरीफायर लगे हुए हैं. इस वजह से उन्हें स्वच्छ हवा बंद वातानुकूलित कमरों में मिल रही है. हमारे देश के वीवीआईपी को साफ़ हवा मिलनी चाहिए, बाक़ी दुनिया जाये भाड़ में. इनके कमरों, कार्यालयों से एसी और एयर प्यूरीफायर निकाल दिए जाएँ, तो दुनिया का दर्द समझ में आ जायेगा.

केजरीवाल की खांसी तो ख़त्म हो गयी, अब दिल्ली वाले खांस रहे हैं !

दिल्ली में वीआईपी जान बहुत क़ीमती है. मुख्यमंत्री केजरीवाल इसका ध्यान रखने लगे हैं. लुटियन जोन में पेड़ों पर मिट्टी की धुलाई, सड़कों पर छिड़काव आरम्भ हो गया है. गाज़ीपुर, भलस्वा जैसे कूड़ा केंद्र, पूर्वी-पश्चिम दिल्ली की उपेक्षित बस्तियों का नंबर बाद में.

पंजाब और हरियाणा में खेत में परालियों को जलाने का सिलसिला बंद नहीं हो रहा है. नासा द्वारा निरंतर भेजी तस्वीर बता रही है कि 35 मिलियन टन पराली फूँक दी गयी. केजरीवाल और खट्टर ने अपील कर दी है. हो गयी जी ज़िम्मेदारी पूरी. उन्ही के नेता पंजाब में पराली जलाते हुए दिख रहे थे.

दिल्ली में प्रदूषण लेबल आज नहीं तो कल कम हो जायेगा, मगर, क्या चार गुना बढ़े पार्किंग का किराये का लेबल भी कम होगा मुख्यमंत्री जी ? आप दिल्ली में बसों की संख्या बढाकर पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम कब दुरुस्त करेंगे ? आपके "तैमूरलंग" तो घोषणा कर ट्रांसपोर्ट मंत्रालय से निकल लिए. इमर्जेंसी में ही क्यों? पूरे साल दिल्ली में बस व्यवस्था दुरुस्त क्यों नहीं करते ?कमाल कर दित्ता तुस्सी !

पुष्परंजन की एफबी टाइमलाइन से

 

 

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