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 सरकार ने माना बुरी स्थिति में है भारतीय अर्थव्यवथा
सरकार ने माना बुरी स्थिति में है भारतीय अर्थव्यवथा

2012-13 के बाद दूसरी तिमाही में अब तक की सबसे कम विकास दर 6.3 फीसदी इस साल दर्ज की गई

इकाॅनोमिक ऐंड पाॅलिटिकल वीकली
2017-12-16 22:14:02
क्या हमें वाकई इंदिरा गांधी और नरेंद्र मोदी की तुलना करनी चाहिए
क्या हमें वाकई इंदिरा गांधी और नरेंद्र मोदी की तुलना करनी चाहिए?

अमित शाह चुनाव जीत सकते हैं लेकिन इंदिरा के लिए जो भूमिका पीएन हक्सर की थी और जवाहरलाल नेहरू के लिए वीके कृष्ण मेनन और पीसी महालनोबिस की थी, वह भ...

इकाॅनोमिक ऐंड पाॅलिटिकल वीकली
2017-12-03 16:54:12
रॉबर्ट मुगाबे के पतन के जश्न में लोग व्यावहारिक सवाल पूछना भी भूल गए
रॉबर्ट मुगाबे के पतन के जश्न में लोग व्यावहारिक सवाल पूछना भी भूल गए

मुगाबे के बाद राष्ट्रपति बने इमर्सन मनांगवा ने आजादी और समृद्धि वाले भविष्य का वादा किया है. उन्हें एक समय के अपने गुरू मुगाबे से ऐसी पार्टी मिली...

इकाॅनोमिक ऐंड पाॅलिटिकल वीकली
2017-12-01 23:14:25
इंसानी जीवन इतना सस्ता कि गरीब मजदूर की मौत होती है तो कहीं कोई गुस्सा नहीं दिखता
इंसानी जीवन इतना सस्ता कि गरीब मजदूर की मौत होती है तो कहीं कोई गुस्सा नहीं दिखता

​​​​​​​संकट में मजदूर : ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के नाम पर मजदूरों की सुरक्षा को नजरंदाज किया जा रहा है

इकाॅनोमिक ऐंड पाॅलिटिकल वीकली
2017-11-24 12:40:36
एक नाकामी थी नोटबंदी देश को इसके शासकों से मुक्त कराने की जरूरत
एक नाकामी थी नोटबंदी. देश को इसके शासकों से मुक्त कराने की जरूरत...

आर्थिक आजादी के लिए इस शासक वर्ग के खिलाफ एक क्रांतिकारी अभियान की जरूरत है. क्योंकि शासकों ने लोकतंत्र का इस्तेमाल भी अपने हितों की रक्षा करने क...

इकाॅनोमिक ऐंड पाॅलिटिकल वीकली
2017-11-23 14:09:45
हास्य और गुस्से का साथ कितना संभव
हास्य और गुस्से का साथ कितना संभव?

सीधे सोशल मीडिया पर कार्टून पोस्ट करना एक नया चलन है. यहां अच्छी-बुरी प्रतिक्रियाएं तुरंत आती हैं. कोई रोकटोक नहीं है. प्रिंट के मुकाबले सोशल मीड...

इकाॅनोमिक ऐंड पाॅलिटिकल वीकली
2017-11-22 23:23:56
जब तक भारत तेल का विकल्प नहीं अपनाता तब तक इस मोर्चे पर समस्या लगातार बढ़ेंगी
जब तक भारत तेल का विकल्प नहीं अपनाता तब तक इस मोर्चे पर समस्या लगातार बढ़ेंगी

तेल की कीमतों में गिरावट से ओपेक देश प्रभावित हुए. इनमें से कई का बजट बहुत हद तक तेल से होने वाली कमाई पर निर्भर था.

इकाॅनोमिक ऐंड पाॅलिटिकल वीकली
2017-11-11 11:32:55
लेमन समाजवाद  बैंकों में पूंजी लगाने का सरकार का निर्णय जवाबों से अधिक सवाल खड़े करता है
लेमन समाजवाद : बैंकों में पूंजी लगाने का सरकार का निर्णय जवाबों से अधिक सवाल खड़े करता है

2017-18 का बजट बैंकिंग क्षेत्र को लेकर बहुत प्रभावी नहीं था. तो फिर अब बैंकों में पूंजी लगाने का निर्णय क्यों लिया गया?

इकाॅनोमिक ऐंड पाॅलिटिकल वीकली
2017-11-11 09:59:13
प्रतिशोध और प्रतिरोध पर अधिक निर्भर दिखती है हमारी न्याय व्यवस्था
अदालतों को याचिकाकर्ताओं की सुविधा का ख्याल रखना चाहिए न कि सरकारों की सुविधा का
अदालतों को याचिकाकर्ताओं की सुविधा का ख्याल रखना चाहिए न कि सरकारों की सुविधा का

न्याय तक पहुंच सिर्फ अदालतों की स्थापना की जगह तक सीमित नहीं है बल्कि यह पूरी न्याय तंत्र से संबंधित है. भले ही अदालतें लोगों की पहुंच में हों ले...

इकाॅनोमिक ऐंड पाॅलिटिकल वीकली
2017-11-07 22:08:12
अपना धर्म खोना  धार्मिक आजादी के मामले महिलाओं का मूल अधिकार कहां ठहरता है
अपना धर्म खोना : धार्मिक आजादी के मामले महिलाओं का मूल अधिकार कहां ठहरता है?

लंबे समय से शादी और धर्म की संस्था को महिलाओं के शोषण का प्रतीक माना जा रहा है. ऐसे में न्यायपालिक की भूमिका अहम हो जाती है. गुजरात उच्च न्यायालय...

इकाॅनोमिक ऐंड पाॅलिटिकल वीकली
2017-10-22 10:10:13
​​​​​​​खेतों में जहर  आंकड़ों में सिमटकर रह जाएं यवतमाल की मौतें
​​​​​​​खेतों में जहर : आंकड़ों में सिमटकर रह जाएं यवतमाल की मौतें

पिछले 16 साल में महाराष्ट्र के विदर्भ में तकरीबन 14,000 किसानों ने आत्महत्या की है. कीटनाशक के इस्तेमाल से कई मजदूरों और किसानों की मौत हुई है. अ...

इकाॅनोमिक ऐंड पाॅलिटिकल वीकली
2017-10-20 15:38:52
जानलेवा योजना  मुंबई में 23 रेल यात्रियों की मौत से क्या शहरी विकास के योजनाकार कुछ सबक लेंगे
जानलेवा योजना : मुंबई में 23 रेल यात्रियों की मौत से क्या शहरी विकास के योजनाकार कुछ सबक लेंगे?

लोकल ट्रेनों के नेटवर्क पर हर रोज 10 लोगों की मौत होती है. 2016 में 3,202 लोगों की मौत हुई और 3,363 लोग घायल हुए. इस साल दुर्घटनाओं में मरने वालो...

इकाॅनोमिक ऐंड पाॅलिटिकल वीकली
2017-10-16 10:54:42
क्यों गौरी जिंदा है स्वतंत्र प्रेस की वास्तविक भूमिका के लिए हमें संघर्ष करना चाहिए
क्यों गौरी जिंदा है? स्वतंत्र प्रेस की वास्तविक भूमिका के लिए हमें संघर्ष करना चाहिए

राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप अक्सर मीडिया को झूठा कहते हैं. भारत में भी यह काम मई, 2014 से चल रहा है जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने. पत्रकारों की हत...

इकाॅनोमिक ऐंड पाॅलिटिकल वीकली
2017-10-14 23:04:19
बड़ी-बड़ी घोषणाओं के बाद तीन साल की मोदी सरकार के पास दिखाने के लिए कुछ खास नहीं
बड़ी-बड़ी घोषणाओं के बाद तीन साल की मोदी सरकार के पास दिखाने के लिए कुछ खास नहीं

सरकारी खर्चे में कटौती करके और रोजगार सृजन के उपाय नहीं करके मांग को और खराब स्थिति में पहुंचा दिया गया. इसके बाद सरकार ने नोटबंदी करके स्थिति और...

हस्तक्षेप डेस्क
2017-10-10 09:47:20
बुलंद आवाज bhu की छात्राओं की
बुलंद आवाज BHU की छात्राओं की

छात्राओं की सुरक्षा की चिंता को उनके खिलाफ हथियार नहीं बनाया जा सकता. महिलाओं के लिए असुरक्षित समझे जाने वाले दिल्ली में स्थापित JNU यह दिखाता है...

इकाॅनोमिक ऐंड पाॅलिटिकल वीकली
2017-10-08 22:25:08
सरदार सरोवर बांध का सच  मोदी की संवेदनहीनता की पराकाष्ठा बांध में मंदिरों ने पैसा नहीं लगाया
सरदार सरोवर बांध का सच : मोदी की संवेदनहीनता की पराकाष्ठा, बांध में मंदिरों ने पैसा नहीं लगाया

सरदार सरोवर बांध ऐसे विकास का प्रतीक है जो न्याय और टिकाऊ विकास की अवधारण पर आधारित नहीं है

इकाॅनोमिक ऐंड पाॅलिटिकल वीकली
2017-10-02 14:27:43
भाजपा के सुधार के एजेंडे में ग्रामीण भारत कभी शामिल रहा ही नहीं
भाजपा के सुधार के एजेंडे में ग्रामीण भारत कभी शामिल रहा ही नहीं

जीएसटी की वजह से खेती की लागत बढ़ गई है. हालांकि इन मसलों पर भाजपा लोगों के समर्थन का दावा करती है लेकिन जमीनी हालात ऐसे हैं जिनसे स्थिति पलट सकती है.

इकाॅनोमिक ऐंड पाॅलिटिकल वीकली
2017-10-02 13:16:11