हस्तक्षेप > स्तम्भ > नया ज़माना
मुक्तिबोध के बहाने नामवर सिंह पर बहस
मुक्तिबोध के बहाने नामवर सिंह पर बहस

अस्‍मि‍ता वि‍मर्श मूलत: पूंजीवादी वि‍मर्श है। क्‍या अस्‍मि‍ता वि‍मर्श अस्‍मि‍ता, जा‍ति, धर्म, भाषा, नस्‍ल, गोत्र, वर्ग आदि‍ के आधार पर तय होगा या...

जगदीश्वर चतुर्वेदी
2017-11-15 22:21:17
इक ओंकार सतिनाम करता पुरखु निरभउ निरवैर
इक ओंकार सतिनाम करता पुरखु निरभउ निरवैर

गुरु नानकदेव की रचनाएं और जीवनशैली देखने के बाद नए किस्म के व्यक्ति और नए किस्म के मूल्यबोध की सृष्टि होती है।

जगदीश्वर चतुर्वेदी
2017-11-04 23:42:50
पटेल को पूजकर क्या संघ हिन्दुत्व और हिन्दू राष्ट्रवाद को भूलने को तैयार है
पटेल को पूजकर क्या संघ हिन्दुत्व और हिन्दू राष्ट्रवाद को भूलने को तैयार है ?

संघ परिवार और मोदी बेहूदे तर्क दे रहे हैं कि पटेल किसी दल की थाती नहीं हैं वे हमारे स्वाधीनता संग्राम के नायक हैं और वे सबके हैं। इनसे कोई पूछे ...

जगदीश्वर चतुर्वेदी
2017-11-01 12:14:33
नेहरू का पत्नी प्रेम कमला को बेइंतिहा प्यार करते थे पं नेहरू
नेहरू का पत्नी प्रेम... कमला को बेइंतिहा प्यार करते थे पं. नेहरू

मुश्किल यह है कि नेहरू पर हमले करने वाले, पहलु नेहरू का चुनते हैं, और नजरिया अपना जोड़ देते हैं, और इस तरह वे नेहरू की 'कलंकगाथा' निर्मित करते हैं।

जगदीश्वर चतुर्वेदी
2017-10-31 23:26:47
धर्म और फिदेल कास्त्रो धर्म गरीब के दुखों की अभिव्यक्ति है मार्क्सवाद भी गरीबों के दुखों की अभिव्यक्ति है
धर्म और फिदेल कास्त्रो.... धर्म गरीब के दुखों की अभिव्यक्ति है.. मार्क्सवाद भी गरीबों के दुखों की अभिव्यक्ति है

फिदेल के धर्म संबंधी नजरिए को अभिव्यंजित करने वाली शानदार किताब है ´फिदेल एंड रिलीजन´,यह किताब FREI BETTO ने लिखी है। इसमें फिदेल से उनकी 23घंटे ...

जगदीश्वर चतुर्वेदी
2017-10-30 23:00:07
“धर्म उत्पीड़ित प्राणी की आह है एक हृदयहीन संसार का हृदय है” मार्क्स ने ही कहा था बंधु
“धर्म उत्पीड़ित प्राणी की आह है, एक हृदयहीन संसार का हृदय है” मार्क्स ने ही कहा था बंधु

आधुनिककाल में धर्म का उपभोक्तावाद और पूंजीप्रेम सबसे बड़ा ईंधन है। इन दोनों के बिना धर्म जी नहीं सकता। धर्म वैचारिक और भौतिक दोनों ही स्तरों पर उ...

जगदीश्वर चतुर्वेदी
2017-10-29 12:08:37
क्या इतिहास का निर्माण नेता करते हैं ॽ
क्या इतिहास का निर्माण नेता करते हैं ॽ

क्या इतिहास की सृष्टि किसी विचारधारा विशेष के जरिए होती है ॽ इस तरह के तर्क बुर्जुआ नेता और विचारक लंबे समय से देते रहे हैं।

जगदीश्वर चतुर्वेदी
2017-10-24 09:48:57
भारत धीरे धीरे जर्मनी बन रहा है हम सब हिंदू और वो हिटलर
भारत धीरे धीरे जर्मनी बन रहा है हम सब हिंदू और वो हिटलर

सिर्फ एक चीज की मांग बढ़ी है और सप्लाई बढ़ी है वो हैं हथियार, दिलचस्प है हिटलर को भी हथियार का उत्पादन पसंद था इनको भी पसंद है, उसे भी बलि लेने क...

जगदीश्वर चतुर्वेदी
2017-10-04 23:52:53
मोदी ने अराजकता को रूटीन बना दिया अराजकता में उनको रामराज्य दिखता है
मोदी ने अराजकता को रूटीन बना दिया, अराजकता में उनको रामराज्य दिखता है

मोदी ने अराजकता को रूटीन बना दिया है। वे किसी भी समस्या का समाधान नहीं करते और न समाधान करने देते हैं, अराजकता में उनको रामराज्य दिखता है।

जगदीश्वर चतुर्वेदी
2017-09-24 21:21:31
देश कभी हत्यारों से न तो बनता है और चलता है लोकतंत्र को हम कत्लघर में तब्दील होने नहीं देंगे
देश कभी हत्यारों से न तो बनता है और चलता है, लोकतंत्र को हम कत्लघर में तब्दील होने नहीं देंगे

मोदी जनसंघर्षों की बजाय मीडिया प्रौपेगैंडा से निकले पीएम हैं। मीडियानिर्मित नेता हमेशा जनता के साथ गद्दारी करते हैं। लोकतंत्र को हम कत्लघर में त...

जगदीश्वर चतुर्वेदी
2017-09-10 23:40:16
बेहतरीन इंसान महान देशभक्त लोकतंत्र के पुजारी और गंभीर बुद्धिजीवी थे ईएमएस नम्बूदिरीपाद
बेहतरीन इंसान, महान देशभक्त, लोकतंत्र के पुजारी और गंभीर बुद्धिजीवी थे ईएमएस नम्बूदिरीपाद

भारत के कम्युनिस्टों और क्रांतिकारियों ने आजादी की जंग में जबर्दस्त कुर्बानियां दीं और बाद में लोकतंत्र के निर्माण के लिए सबसे ज्यादा कुर्बानियां...

जगदीश्वर चतुर्वेदी
2017-09-03 11:44:54
मोदी और आरएसएस आक्रामक प्रचार अभियान से अपनी असफलताओं को छिपाने में सफल रहे
मोदी और आरएसएस आक्रामक प्रचार अभियान से अपनी असफलताओं को छिपाने में सफल रहे

मोदी आम जनता की रेशनल पसंद नहीं हैं बल्कि वे मजबूरी में,  विकल्प के अभाव में सत्ता में आए हैं। वहीं दूसरी ओर मोदी के प्रचार अभियान ने विकल्प बना...

जगदीश्वर चतुर्वेदी
2017-08-20 12:36:28
मोदीजी आपका हश्र भी आपातकालीन इंदिरा जैसा होगा
मोदीजी, आपका हश्र भी आपातकालीन इंदिरा जैसा होगा!!

लालक़िले की प्राचीर से आज मोदीजी का भाषण सुनकर यही लगा चलो देश निश्चिंत हुआ देश में मोदी शासन में बहुत तरक्की हुई है। देश बुलंदियों को छू रहा है।...

जगदीश्वर चतुर्वेदी
2017-08-15 10:55:31
मित्रता के मायने  सत्य की कसौटी साहित्य नहीं मनुष्य का जीवन है
मित्रता के मायने : सत्य की कसौटी साहित्य नहीं, मनुष्य का जीवन है

मित्रता के लिए जरूरी है "मैं" भाव को न छोड़ें। सबसे अच्छी दोस्त होती है माँ! दोस्त बनना है तो माँ जैसा त्याग और निस्वार्थ प्रेम पैदा करो।

जगदीश्वर चतुर्वेदी
2017-08-06 22:59:41
उठो और जागो  खतरे में हैं संवैधानिक मान्यताएं ´घृणा´के बिना मोदी से प्यार पैदा नहीं होता
उठो और जागो : खतरे में हैं संवैधानिक मान्यताएं.... ´घृणा´के बिना मोदी से प्यार पैदा नहीं होता

मोदी की मीडिया रणनीति की धुरी है ´घृणा´... इस समूची प्रक्रिया में सत्य क्या यह महत्वपूर्ण नहीं रह जाता, सिर्फ मीडिया में जो बताया गया है वह महत्व...

जगदीश्वर चतुर्वेदी
2017-07-28 13:46:21
कर्नाटक  आरएसएस से जुड़े लोग हिंदी विरोध की ध्वजा संभाले हुए हैं वहां संघ को हिंदी नहीं कन्नड़ चाहिए
कर्नाटक : आरएसएस से जुड़े लोग हिंदी विरोध की ध्वजा संभाले हुए हैं, वहां संघ को हिंदी नहीं कन्नड़ चाहिए

सवाल यह है आरएसएस को घृणा इतनी पसंद क्यों है? क्या घृणा से देश को महान बनाया जा सकता है?

जगदीश्वर चतुर्वेदी
2017-07-21 09:36:04
नीतीश को भाजपा में जाना है तो जल्दी जाएं पर सच बताएं भाजपा से क्या सौदा हुआ
नीतीश को भाजपा में जाना है तो जल्दी जाएं पर सच बताएं भाजपा से क्या सौदा हुआ ?

दोषी लालू यादव के साथ समझौता और मात्र एफआईआर वाले तेजस्वी यादव के साथ नाराजगी ! कमाल की घटिया राजनीति पढ़ी है नीतीश बाबू! भाजपा के साथ जाना है तो...

जगदीश्वर चतुर्वेदी
2017-07-15 00:14:07
इस्रायल आतंकवाद का सबसे बड़ा सर्जक राष्ट्र  इस्रायल से मित्रता भारत की आतंकवाद के खिलाफ नैतिक पराजय
इस्रायल आतंकवाद का सबसे बड़ा सर्जक राष्ट्र : इस्रायल से मित्रता भारत की आतंकवाद के खिलाफ नैतिक पराजय

इस्रायल आतंकवादी देश है और उसके इस चरित्र में विगत छह दशकों में कोई बदलाव नहीं आया है। अमेरिका का साथ जब इस्रायल को गैर आतंकवादी राष्ट्र न बना सक...

जगदीश्वर चतुर्वेदी
2017-07-05 09:30:29