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कारपोरेट राजनीति का विज्ञापन बनी दिल्ली
कारपोरेट राजनीति का विज्ञापन बनी दिल्ली

कारपोरेट राजनीति साम्प्रदायिक राजनीति से अविभाज्य है. लेकिन देश का सेकुलर खेमा यह मानने को कतई तैयार नहीं है. वह कारपोरेट राजनीति को चलाये रख कर ...

डॉ. प्रेम सिंह
2018-12-26 21:08:54
बजट - हम “विकास” काम सूत्र के अनंत आसन का अभ्यास करते रहेंगे बहरहाल
बजट - हम “विकास” काम... सूत्र के अनंत आसन का अभ्यास करते रहेंगे बहरहाल

दुल्हन का घूँघट उठाये बिना सुहागरात से पहले भागे दूल्हों के हवाले है राजकाज और दुल्हन अभी भी घूँघट में हैं सिर्फ हवाओं में कं... डोम गुब्बारे हैं...

पलाश विश्वास
2018-11-15 10:38:10