हस्तक्षेप > स्तम्भ > सेक्युलर पर्सपैक्टिव
क्या आरएसएस का सचमुच ह्दय परिवर्तन हो गया है या नई पैकेजिंग में हिन्दुत्व
सबरीमाला में महिलाओं का प्रवेश  मूलतः सभी धर्म पितृसत्तात्मक हैं
सबरीमाला में महिलाओं का प्रवेश : मूलतः सभी धर्म पितृसत्तात्मक हैं

सबरीमाला मामले में उच्चतम न्यायालय ने ऐसे समूहों के बीच बहस को जन्म दिया है जो महिलाओं की समानता के हामी हैं और जो दकियानूसी परंपराओं और आचरण से ...

राम पुनियानी
2018-10-14 18:31:19
घृणा का कोई अंत नहीं होता गुजरात में जो हो रहा है वह राष्ट्रीय शर्म
घृणा का कोई अंत नहीं होता... गुजरात में जो हो रहा है वह राष्ट्रीय शर्म

गुजरात में कहा गया ”हम पांच हमारे पच्चीस‘‘, और “जब एक पिल्ला भी गाड़ी के नीचे आ जाता है तो दुःख होता है‘‘। इसी घृणा के सहारे चुनाव जीते गए।

एल.एस. हरदेनिया
2018-10-09 22:05:24
बाबरी मस्जिद ध्वंस  न्यायपूर्ण समाधान आवश्यक
बाबरी मस्जिद ध्वंस : न्यायपूर्ण समाधान आवश्यक

विवादित भूमि सदियों से सुन्नी वक्फ बोर्ड के नियंत्रण में रही है। सन् 1885 में अदालत ने मस्जिद से लगी भूमि पर हिन्दुओं को एक चबूतरा तक बनाने की अन...

हस्तक्षेप डेस्क
2018-10-07 12:02:03
आरएसएस मुखिया मोहन भागवत के मीठे बोलः शब्दों पर जाएँ या कारगुजारियों पर
आरएसएस मुखिया मोहन भागवत के मीठे बोलः शब्दों पर जाएँ या कारगुजारियों पर?

जो चीज नई थी, वह थी भागवत की भाषा का आरएसएस के प्रमुख विचारक गुरू गोलवलकर की भाषा से भिन्न होना। जहां गुरूजी कहते थे कि मुसलमान, ईसाई और कम्युनिस...

राम पुनियानी
2018-09-28 17:50:51
‘शहरी नक्सलियों’ की गिरफ्तारियां क्यों
‘शहरी नक्सलियों’ की गिरफ्तारियां क्यों?

यह पहली बार नहीं है कि दलितों और आदिवासियों के अधिकारों के रक्षा के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं को बिना किसी सुबूत के गिरफ्तार किया गया है

राम पुनियानी
2018-09-21 21:58:24
वर्ल्ड हिन्दू कांग्रेस  आरएसएस हिन्दुओं का प्रतिनिधि संगठन नहीं है
वर्ल्ड हिन्दू कांग्रेस : आरएसएस हिन्दुओं का प्रतिनिधि संगठन नहीं है

बढ़ते हुए वैश्विक संप्रदायवाद का मुकाबला आवश्यक.... हिन्दू-विरोधी है भाजपा और आरएसएस की विचारधारा

राम पुनियानी
2018-09-16 10:42:55
धर्म की निंदा करना ईशनिंदा नहीं है। ईशनिंदा है अन्याय के विरूद्ध आवाज न उठाना
धर्म की निंदा करना ईशनिंदा नहीं है। ईशनिंदा है अन्याय के विरूद्ध आवाज न उठाना

अगर कोई व्यक्ति यह कहता है कि धर्म की सत्ता को चुनौती देना गलत है तो मैं इसे ईशनिंदा मानता हूं। दुनिया में कोई ऐसा धर्म नहीं है जिसमें यह नहीं कि...

हस्तक्षेप डेस्क
2018-09-14 12:16:47
क्या वाकई आरएसएस की मुस्लिम ब्रदरहुड से तुलना अक्षम्य है
क्या वाकई आरएसएस की मुस्लिम ब्रदरहुड से तुलना अक्षम्य है

हाँ जुड़वां नहीं हैं आरएसएस और मुस्लिम ब्रदरहुड परंतु उनमें अनेक समानताएं हैं... क्या संघ को किसान आत्महत्या पर बोलते सुना ? केरल में क्यों नज़र न...

राम पुनियानी
2018-09-08 21:02:41
अटल बिहारी एक बेहतरीन वक्ता थे परंतु क्या वे अच्छे आदमी भी थे
अटल बिहारी एक बेहतरीन वक्ता थे, परंतु क्या वे अच्छे आदमी भी थे?

जीवन भर संकीर्ण हिन्दू राष्ट्रवाद के लिए काम किया अटल ने... हमेशा संघ के प्रति वफादार बने रहे वाजपेयी...

राम पुनियानी
2018-09-02 10:40:41
सनातन संस्था के आतंकवादी तार
सनातन संस्था के आतंकवादी तार

Searches across Maharashtra terror attack foiled x with links to hardlien Hindu groups held

एल.एस. हरदेनिया
2018-09-01 11:12:23
भारत बना दुनिया की लिंचिंग राजधानी
भारत बना दुनिया की लिंचिंग राजधानी

2014 से माब लिंचिंग की घटनाओं में लगातार वृद्धि.... मॉब लिंचिंग में भाजपा शासित राज्य आगे  .....

अतिथि लेखक
2018-08-13 09:06:45
क्या  वाकई देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं असम के प्रवासी
क्या  वाकई देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं असम के प्रवासी?

मूल मुद्दा असम के नस्लीय और धार्मिक चरित्र में बदलाव का है। इसके कई राजनैतिक और ऐतिहासिक कारण हैं।

राम पुनियानी
2018-08-10 11:00:00
नफरत और हिंसा से मुकाबला कैसे करें अल्पसंख्यक
नफरत और हिंसा से मुकाबला कैसे करें अल्पसंख्यक?

पिछले कुछ वर्षों में धार्मिक अल्पसंख्यकों के विरूद्ध हिंसा में तेजी से वृद्धि हुई है। इस हिंसा का एक चिंताजनक पहलू यह है कि गौमाता और राष्ट्रवाद ...

राम पुनियानी
2018-08-05 21:44:14
सभी मोर्चों पर फेल मोदी सरकार कर रही ‘भारत की अवधारणा‘ पर चोट
मॉब लिंचिंग भाजपा के सत्ता में आने के बाद से चार गुना बढ़ गई गाय से जुड़े मुद्दों पर साम्प्रदायिक हिंसा की घटनाएं
मॉब लिंचिंग :भाजपा के सत्ता में आने के बाद से चार गुना बढ़ गई गाय से जुड़े मुद्दों पर साम्प्रदायिक हिंसा की घटनाएं

मॉब लिंचिंग : यदि अब न चेते तो कब चेतेंगे... साम्प्रदायिक हिंसा से फायदा होता है भाजपा को....

Irfan Engineer
2018-07-24 11:58:16
अन्याय और सामाजिक विषमता के विरोधी थे कबीर फिर भाजपा कबीर पर कब्जा क्यों करना चाहती है
अन्याय और सामाजिक विषमता के विरोधी थे कबीर, फिर भाजपा कबीर पर कब्जा क्यों करना चाहती है

कबीर एक मूर्तिभंजक कवि थे और भारत की मिली-जुली संस्कृति के प्रतीक थे। वे स्वयं को न हिन्दुओं से जोड़ते थे और न मुसलमानों से। वे दोनों धर्मों के कट...

नेहा दाभाड़े
2018-07-13 19:20:19
प्रणब दा  क्या आरएसएस अपनी भारत विरोधी हिन्दू राष्ट्रवादी विचारधारा को त्याग सकता है
प्रणब दा ! क्या आरएसएस अपनी भारत विरोधी हिन्दू राष्ट्रवादी विचारधारा को त्याग सकता है?

प्रणब दा सच यह है कि घृणा की जिस विचारधारा ने गांधी की हत्या की थी, वह अब भी उतनी ही मजबूत है

राम पुनियानी
2018-06-08 09:23:43