'आंधी' से 'इंदु सरकार' तक : क्या आपातकाल के लिए इंदिरा गाँधी थीं ज़िम्मेदार? #GhumtaHuaAaina

आपातकाल एक ऐसा विषय है, जिसके बारे में आज की पीढ़ी नहीं जानती है और उन्हें इस बारे में पता होना चाहिए... हालाँकि, भंडारकर का यह भी कहना है कि इस फिल्म की कहानी 70% काल्पनिक है...

'आंधी' से 'इंदु सरकार' तक

क्या आपातकाल के लिए इंदिरा गाँधी थीं ज़िम्मेदार?

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राजीव रंजन श्रीवास्तव

आपातकाल देश के लिए हमेशा एक संवेदनशील मुद्दा रहा है, जबकि कांग्रेस के विरोधियों के लिए यह राजनीतिक सुविधा का विषय बनता आया है।

जब-जब कांग्रेस लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की आजादी, उदारता और सामाजिक सौहार्द्र की बात उठाती है, उसके विरोधी उसे असहज करने के लिए यह सवाल पूछते हैं कि आपातकाल किसने लगाया था और किसके समय में लगा था।

दरअसल, 1975 से 77 तक 21 महीने के आपातकाल का वह दौर आज भी देश में भूला नहीं जा सका है और लोकतंत्र की बेहतरी इसी में है कि इसे एक सबक की तरह याद रखा जाए। लेकिन आपातकाल पर फिल्म के जरिए की जा रही राजनीति से देश का कितना भला होगा और लोकतंत्र का कितना? यह एक बड़ा सवाल है। इसी पर चर्चा के लिए हमारे साथ हैं शेष नारायण सिंह और अमलेंदु उपाध्याय।

जी हाँ, समय-समय पर कुछ ऐसी फ़िल्में रुपहले परदे पर आती रहीं हैं जो राजनीति का केंद्र बनी हैं। याद करें कमलेश्वर के उपन्यास पर आधारित फिल्म आंधी को, जिसमें माना गया था कि इसमें इंदिरा गांधी के जीवन को दिखाया गया है, जबकि ऐसा नहीं था।

हाल ही में संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती के सेट पर जिस तरह स्वघोषित संस्कृति के रक्षकों ने तोड़-फोड़ की, वह भी जनता को याद है।

यह लिस्ट काफी लम्बी हो सकती है। अगर एक-एक का ज़िक्र करें तो। लेकिन, इन दिनों आपातकाल पर केंद्रित मधुर भंडारकर की फिल्म इंदु सरकार काफी चर्चा में है। इंदु सरकार की शूटिंग पूरी करने के बाद कोलकाता में मीडिया से चर्चा करते हुए मधुर भंडारकर ने कहा था कि आपातकाल एक ऐसा विषय है, जिसके बारे में आज की पीढ़ी नहीं जानती है और उन्हें इस बारे में पता होना चाहिए।

हालाँकि, भंडारकर का यह भी कहना है कि इस फिल्म की कहानी 70% काल्पनिक है और सिर्फ 30% ही वास्तविकता को दर्शाया गया है। तो, राजनैतिक रूप से विवादास्पद विषय पर बनी इस फिल्म पर राजनीति और विवाद दोनों का होना लाजिमी है और यही कारण है कि कांग्रेस इस फिल्म के प्रदर्शन का विरोध देश भर में कर रही है।

आइए देखें ये चर्चा

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