..यह आसिफा का बदला था ? अब तुम लो मंदसौर का बदला... औरतें चिथड़ रही हैं ..और दुनिया में फिर शर्म से तार-तार है तिरंगा

पूरा यक़ीन ..हर बार की तरह ...तुम ...फिर से दबा ही दोगे ..यह रेप वाली बात ...मुद्दा गरम होगा  ...किस धर्म के लड़कों ने ...इस रेप को दिया है अंजाम

अतिथि लेखक
Updated on : 2018-07-01 10:41:53

डॉ. कविता अरोरा

आओ चर्चा करें ...मंदसौर की रेप वाली बात पर ...

उम्र छोटी थी... बच्ची थी.. स्कूल जाती थी... कहाँ कितने घाव.. कितनी सर्जरी...

चलो कुछ रोज़ तलक.. तफ़सील से दिन रात इसी मुद्दे पर एक हो..

आओ... चैनलों की चर्चाओं में...

हम..चीखें चिल्लायें...

दिखायें टी.वी पर.. खादी कुरते वालों के.. चेहरों से टपकता हुआ...दर्द....

मल दें अखबारो के हर्फ़ो पे रेप की कालिख..

जुटायें आँकड़े किस की सरकार में.. कमबख़्त रेप की दर..कितनी थी..क्या थी.....

फिर से हिन्दू..सिर्फ़ हिन्दू बच्चियों की पैरवी करें...

और

बेक़सूर मुसलमानी औरतों पर उठ जायें बदले की.. कुछ घिनौनी आँखें....

आओ उछालें...इक दूसरे के मज़हबों पे कीचड़....

मुझे यक़ीन है ....पूरा यक़ीन ..हर बार की तरह ...तुम ...फिर से दबा ही दोगे ..यह रेप वाली बात ...मुद्दा गरम होगा ...किस धर्म के लड़कों ने ...इस रेप को दिया है अंजाम...

..यह आसिफा का बदला था ? अब तुम लो मंदसौर का बदला... औरतें चिथड़ रही हैं ..और दुनिया में फिर शर्म से तार-तार है तिरंगा

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