आपातकाल : इतिहास का सबसे बड़ा सबक है कि सबक कोई नहीं सीखता!

सबसे अधिक उत्पीड़न सीपीएम तथा नक्सलाइटों का ही हुआ था। उन्होंने तो माफ़ी भी नहीं मांगी।

अतिथि लेखक
Updated on : 2018-06-27 10:55:54

आपातकाल : इतिहास का सबसे बड़ा सबक है कि सबक कोई नहीं सीखता!

अशोक कुमार पाण्डेय

इमरजेंसी से 6 माह ज़्यादा है मेरी उम्र। सोशलिस्ट नाना और लगभग काँग्रेस विरोधी पापा से इमरजेंसी की कभी तारीफ़ नहीं सुनी। नाना की तो नौकरी जाते बची थी। बड़ा हुआ तो पढ़ा बहुत कुछ। जानता हूँ हालात सामान्य नहीं थे, साजिशें थीं फिर भी इमरजेंसी को डिफेंड नहीं कर सकता। एक टीवी चैनल पर आदरणीय पात्रा जी को जवाब देते हुए जो कहा था वह आज भी सच मानता हूँ - इमरजेंसी आज़ाद भारत के इतिहास का काला पन्ना था।

आसान है कहना कि कम्युनिस्ट तो पक्ष में थे। देखेंगे तो सीपीआई के अलावा कोई नहीं था पक्ष में और सबसे अधिक उत्पीड़न सीपीएम तथा नक्सलाइटों का ही हुआ था। उन्होंने तो माफ़ी भी नहीं मांगी। उस वक़्त युवा होता अगर मैं तो निश्चित तौर पर इमरजेंसी का विरोधी होता।

किसी नेता को हक़ नहीं कि वह लोकतंत्र की क़ीमत पर देश मे अनुशासन या कुछ और स्थापित करे। किसी को यह हक़ नहीं कि बाक़ी लोगों को राष्ट्रविरोधी घोषित करे। जनता की अभिव्यक्ति की आज़ादी लोकतंत्र में सर्वोपरि है। दुर्भाग्य यह था कि उस दौर में सोशलिस्टों ने जनसंघ को मुख्यधारा में लाने में भूमिका निभाई। जनसंघ जिसका वजूद लोकतंत्र का प्रतिपक्ष था, संविधान का प्रतिपक्ष था और देश के सामाजिक ताने-बाने को विच्छिन्न करने के लिए प्रतिबद्ध। तो जो एकता बनी उसने 1977 में इंदिरा को बाहर का रास्ता तो दिखाया लेकिन एक दीर्घकालिक राजनैतिक विकल्प नहीं खड़ा कर सका। 1980 में वह फिर लौट आईं।

मेरे लिए न तो 77 की जीत जनता पार्टी को पाक साफ़ साबित कर पाती है न 80 की जीत इंदिरा जी को। हां, इतना ज़रूर है कि काँग्रेस के लिए यह नियम नहीं अपवाद था। उसके मूल में तानाशाही या साम्प्रदायिकता नहीं। इमरजेंसी हो या 84 दोनो ही विचलन थे। न 75 के पहले न उसके बाद वहाँ तानाशाही को समर्थन मिला जैसे न 84 के पहले या बाद वहाँ सिखों के लिए घृणा मिली।

तो जो अपराध है वह अपराध है। उसकी सज़ा मिली। माफी भी मांगी गई। अब उससे सिर्फ़ सबक सीखने चाहिए... और किसी ने कहा है कि इतिहास का सबसे बड़ा सबक है कि सबक कोई नहीं सीखता!

(अशोक कुमार पाण्डेय, #कश्मीरनामा के लेखक हैं, उनकी एफबी टाइमलाइन से साभार)

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