जीने की कला सिखाने का दावा करने वाला गृह युद्ध की बात कर रहा

डबल श्री ने कहा है कि हिंदू मंदिर के खिलाफ फैसले को नहीं मानेगा और सरकार उन्हें नहीं रोक पाएगी।? यह बात सरकार, खुफिया एजेंसी, मीडिया या जनता किसने उन्हें बताया?...

डबल श्री की मानसिकता संघी है संघ ने अपनी ज़बान इनके मुंह में ठूंस दी है?

मसीहुद्दीन संजरी

श्री श्री रविशंकर के मुताबिक अगर राम मंदिर बनाने के लिए बाबरी मस्जिद की भूमि हिंदुओं को नहीं दी जाती है तो देश में सीरिया की तरह गृह युद्ध की स्थिति बन जाएगी। श्री श्री की इस आशंका के पीछे कारण अवश्य होगा। उन्हें साफ बताना चाहिए कि ऐसा कौन और क्यों करेगा? जब एक पक्ष न्यायालय का फैसला मानने का एलान कर चुका है तो इसका मतलब यह भी है कि दूसरा पक्ष उसे स्वीकार नहीं करेगा और गृह युद्ध की स्थिति बनाएगा?

श्री श्री के फारमूले के अनुसार हिन्दुत्व पक्ष मान ले कि जमीन बाबरी मस्जिद की है और फिर मुसलमान उसे मंदिर के लिए दे दें। यह अजीब फारमूला है। यह तो कल किसी भी सम्पत्ति को यह कह कर हड़पने का रास्ता खोलने जैसा है कि सम्पत्ति तो आप ही की है लेकिन नहीं देंगे तो गृह युद्ध की नौबत आ जाएगी। यह भाषा तो किसी डान की हो सकती है सभ्य इंसान की नहीं। दर असल अदालत से बाहर समस्या का हल निकालने का पूरा फार्मूला ही न्यायालय को स्वामित्व पर फैसला सुनाने से बचाने और गृह युद्ध की धमकी से डरवा कर भूमि हासिल करने का है, जो न्यायालय की खुली अवमानना करे उसे पुरस्कृत करना किस लोकतांत्रिक मूल्य के तहत है। देश का मुसलमान ही नहीं पूरी दुनिया की नजरें हैं इस मुकदमे पर। वर्तमान सत्ता के सामने यह संकट है कि वह न्यायालय के फैसले को लागू करेगी या जो अब तक करती आई है वही करेगी। संकट न्यायालय के सामने भी रहेगा कि दुनिया फैसले का पोस्टमार्टम जरूर करेगी।

सवाल 1- सकारात्मक सोच और जीने की कला सिखाने का दावा करने वाला हिंसा और गृह युद्ध की बात कर रहा है, यह परिवर्तन अचानक हुआ है या पहले से ही ऐसा था अब सामने आया है?

सवाल 2- डबल श्री की मानसिकता संघी है संघ ने अपनी ज़बान इनके मुंह में ठूंस दी है?

सवाल 3- डबल श्री ने कहा है कि हिंदू मंदिर के खिलाफ फैसले को नहीं मानेगा और सरकार उन्हें नहीं रोक पाएगी।? यह बात सरकार, खुफिया एजेंसी, मीडिया या जनता किसने उन्हें बताया?

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