संविधान ही इस देश का माई-बाप है माननीय मंत्री जी !

अमूमन भाजपा, संघ और तमाम दक्षिणपंथी लोगों को सेक्युलिरज्म यानी धर्मनिरपेक्षता शब्द पर खासी आपत्ति है। वे अक्सर बहस करते हैं कि संविधान में इसे क्यों रखा जाना चाहिए।...

राजीव रंजन श्रीवास्तव

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री के शपथग्रहण समारोह में शामिल हुए और हिमाचल प्रदेश में इसी सिलसिले में पहुंचे। उनकी तमन्ना यही है कि देश के हर राज्य में वे भाजपा की सरकार बनवाएं और अपनी पसंद के मुख्यमंत्री बनाकर उन्हें शपथ लेता देखें। शपथग्रहण में शपथ लेने वाले व्यक्ति को यह कहना ही पड़ता है कि मैं विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखूँगा। लेकिन अगर केन्द्रीय राज्य मंत्री अनंत कुमार हेगड़े का बस चले तो वे इस अनिवार्यता को खत्म करवा दें। कम से कम उनके बयान से तो यही संकेत मिलते हैं।

अमूमन भाजपा, संघ और तमाम दक्षिणपंथी लोगों को सेक्युलिरज्म यानी धर्मनिरपेक्षता शब्द पर खासी आपत्ति है। वे अक्सर बहस करते हैं कि संविधान में इसे क्यों रखा जाना चाहिए। लेकिन हेगड़े ने तो एक कदम आगे बढ़ाते हुए इसे भविष्य में बदल देने की भविष्यवाणी भी कर दी है। उनका कहना है कि संविधान में पहले भी कई बदलाव हुए हैं...

तो माननीय मंत्री जी संविधान ही इस देश का माई-बाप है! कैसे समझें इस रिपोर्ट से

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