मंदसौर रेप केस : समाज में बढ़ रहे इस तरह के वहशीपन का विरोध हर स्तर पर होना ही चाहिए

मध्यप्रदेश के मंदसौर में आठ वर्षीय बच्ची के साथ जिस तरह का पाशविक दुष्कर्म हुआ है, वह न सिर्फ मध्यप्रदेश सरकार के माथे पर एक और कलंक है बल्कि मानवता को शर्मसार करनेवाला भी है।

अतिथि लेखक
Updated on : 2018-07-01 12:04:04

जयशंकर गुप्ता

मध्यप्रदेश के मंदसौर में आठ वर्षीय बच्ची के साथ जिस तरह का पाशविक दुष्कर्म हुआ है, वह न सिर्फ मध्यप्रदेश सरकार के माथे पर एक और कलंक है बल्कि मानवता को शर्मसार करनेवाला भी है। शर्मनाक। जघन्य, बर्बर और पाशविक कृत्य। निंदा के लिए कठोरतम शब्द भी काफी नहीं। फास्ट ट्रैक कोर्ट से इस मामले की सुनवाई कर बर्बर दरिंदे को उसके किए की उचित सजा मिलनी चाहिए।

यह अच्छी बात है कि बलात्कारी दरिंदे के किए के विरुद्ध उसके समुदाय के लोग सड़कों पर आकर उसका पुरजोर विरोध करने के साथ ही उसके बहिष्कार की बात कर रहे हैं। बलात्कारी और पीड़ित किसी भी जाति, धर्म और समुदाय के हो सकते हैं, भारतीय समाज में बढ़ रहे इस तरह के वहशीपन का विरोध हर स्तर पर होना ही चाहिए।

( जयशंकर गुप्ता, लेखक देशबन्धु के कार्यकारी संपादक हैं। )

Topics - Jaishankar Gupta, Mandsaur Rape Case, मंदसौर रेप केस, मंदसौर गैंगरेप की जांच, मंदसौर गैंगरेप, मंदसौर बलात्कार, मध्यप्रदेश, Jaishankar Gupta, Investigation of Mandsaur gangrape, mandsaur district map

संबंधित समाचार :