इस खतरनाक खेल के त्रिपुरा, मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल में नतीजे भी कश्मीर जैसे भयंकर होने हैं

कश्मीर को लेकर राष्ट्र की एकता और अखंडता के साथ खिलावड़ का खतरनाक खेल बदस्तूर जारी है। मौकापरस्त सियासत पूरी कश्मीर घाटी को बाकी देश के खिलाफ दुश्मनों के साथ लामबंद कर रही है।...

इस खतरनाक खेल के त्रिपुरा, मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल में नतीजे भी कश्मीर जैसे भयंकर होने हैं

पलाश विश्वास

कश्मीर को लेकर राष्ट्र की एकता और अखंडता के साथ खिलावड़ का खतरनाक खेल बदस्तूर जारी है। घाटी की जनता को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से बाहर धकेलकर सिर्फ राष्ट्रशक्ति के सैन्यबल से अलगाववादियों का मुकाबला करने की मौकापरस्त सियासत पूरी कश्मीर घाटी को बाकी देश के खिलाफ दुश्मनों के साथ लामबंद कर रही है।

हाल में असम में अल्फा के साथ उसीके एजंडे के तहत सरकार बनाने की सियासत त्रिपुरा, मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल में कामयाब जरूर हुई है, लेकिन इस खतरनाक खेल के नतीजे भी कश्मीर जैसे भयंकर होने हैं।

महबूबा के इस्तीफे के साथ कश्मीर में राज्यपाल शासन या फिर भाजपा के किसी नये गठबंधन की सरकार के पास सैन्य दमन के अलावा कश्मीर में हालात सुधारने का को्ई दूसरा लोकतांत्रिक विकल्प नहीं है, यह भारत देश की एकता और अखंडता के लिए सबसे बड़ा खतरा है।

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