बहनजी, जनता समझ रही है आप भाजपा की मदद कर रही हैं

बहनजी जिस वोट को अपना बैंक मानकर बैठी हैं, वह दरक चुका है...

अतिथि लेखक
बहनजी, जनता समझ रही है आप भाजपा की मदद कर रही हैं

बहनजी जिस वोट को अपना बैंक मानकर बैठी हैं, वह दरक चुका है

पीयूष रंजन यादव

सुश्री मायावती जी की आज की प्रेस वार्ता में उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की गलतियों की वजह से देश की जनता उसे कड़ी सजा दे चुकी है और अब भी उसे माफ करने के मूड में नहीं है। कांग्रेस क्षेत्रीय दलों को कमजोर करना चाहती है। उन्होंने श्री दिग्विजय सिंह जी को जिम्मेदार ठहराते हुए गठबंधन न होने का ठीकरा उनके सर फोड़ते हुए भी श्री राहुल जी और आदरणीय सोनिया गांधी जी को गठबंधन का हिमायती बताया है।

यह उनका अधिकार है और उनकी समझ है कि वे समझौता करें या न करें और जैसा भी करें उसके लिये अपनी सहूलियत के हिसाब से जो चाहे वह कारण बता दें।

लेकिन ध्यान दें कि जिस वोट को वे अपना बैंक मानकर बैठी हैं, वह दरक चुका है 2014 में वह सब हिन्दू हो गया और यूपी से आपके सांसद शून्य हो गये। यह अलार्म था यहां से इन्हें अपने तौर तरीकों में बदलाव करना चाहिए था, जो नहीं किया और यूपी विधानसभा चुनाव 2017 में फिर वही रिजल्ट दोहराया गया। सीट आईं कुल उन्नीस।

आप कांग्रेस को जली रस्सी बता लें, अहंकारी बता लें लेकिन यह समझ लें कि देश का अल्पसंख्यक वोट यह अच्छी तरह से समझ रहा है कि आप अपनी तरफ से समझौता न करके भाजपा की मदद कर रही हैं। वह दलित समाज जिसका इस शासन काल में उत्पीड़न हुआ है, शोषण हुआ है और उस शोषण से संघर्ष करने के लिये नया नेतृत्व समाज में उभरा है, वह भी समझ रहा है कि आप उनके लिये नहीं अपनी महत्वाकांक्षा के लिये दलित समाज की ताकत का उपयोग कर रही हैं।

कांग्रेस आज भी यह हैसियत रखती है कि जिस भी क्षेत्रीय दल से समझौता करेगी उस दल की तरफ अल्पसंख्यक वोटों का ध्रुवीकरण होगा और आप अपने अकेले वोट बैंक के बल पर सीटें हरवा तो सकतीं है लेकिन जीत नहीं पाएंगी। अफसोस ये है कि सरकार जीतने वाले बनाते हैं, हारने वाले रिकार्ड के लिये जब तब याद किए जाते हैं।

खैर आगे आप जानें।

फिलहाल तो कांग्रेस ने भी आपके आदेश को शिरोधार्य कर लिया है।

(पीयूष रंजन यादव, लेखक उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सदस्य हैं।)

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