मोदी ने अराजकता को रूटीन बना दिया, अराजकता में उनको रामराज्य दिखता है

मोदी ने अराजकता को रूटीन बना दिया है। वे किसी भी समस्या का समाधान नहीं करते और न समाधान करने देते हैं, अराजकता में उनको रामराज्य दिखता है।...

हाइलाइट्स

मोदी सरकार की राष्ट्रीय नीति है सामान्य स्थिति मत रहने दो, सामान्य को एब्नार्मल करो,फिर हमले करो, कहो राष्ट्रद्रोह है, वाम-कांग्रेस का खेल है, बाहरी ताकतों का खेल है, बाहरी ताकतों से मिले हैं, इस तरह अराजकता को एक सिस्टम, रूटिन बना दो।

 #अबकी_बार_बेटी_पर_वार

जगदीश्वर चतुर्वेदी

मोदी सरकार की राष्ट्रीय नीति है सामान्य स्थिति मत रहने दो, सामान्य को एब्नार्मल करो,फिर हमले करो, कहो राष्ट्रद्रोह है, वाम-कांग्रेस का खेल है, बाहरी ताकतों का खेल है, बाहरी ताकतों से मिले हैं, इस तरह अराजकता को एक सिस्टम, रूटिन बना दो। रोहित वेमुला की घटना से लेकर कन्हैया कुमार की घटना तक, नोटबंदी से लेकर ई-पेमेंट तक, बीएचयू की घटना से लेकर कश्मीर तक यही पैटर्न है।

मोदी ने अराजकता को रूटीन बना दिया है। वे किसी भी समस्या का समाधान नहीं करते और न समाधान करने देते हैं, अराजकता में उनको रामराज्य दिखता है।

बीएचयू में लड़कियों के साथ छेड़खानी हुई, उसके खिलाफ वीसी ने कार्रवाई न करके छात्र-छात्राओं के खिलाफ ही एक्शन लिया, 2अक्टूबर तक वि वि बंद कर दिया, होस्टल खाली कराए जा रहे हैं, यानी छेड़खानी जायज है, लगता यही है छेड़खानी करने वालों को विवि प्रशासन जानता है, वे राजनीतिक रसूख वाले लोग हैं, लड़कियों ने उनकी शिकायत करके चुनौती दी है. निंदनीय है वीसी का आचरण, वे इस पर न तो माफी मांग रहे हैं और न शर्मिंदा है, बल्कि कह रहे हैं बाहरी तत्व भडका रहे हैं। सवाल यह है क्या लड़कियों की इज्जत और शरीर की रक्षा करना अपराध है, क्या गुंडागर्दी का विरोध करना अपराध है, क्या लोकल स्तर पर इसका विरोध, राष्ट्रीय स्तर पर इसका विरोध करना राष्ट्रद्रोह है, क्या वीसी का अहंकार इतना बड़ा है कि वि वि बंद कर दिया जाए, इसका मतलब है मामला कुछ और है जिसे वीसी छिपा रहे हैं।

मोदीपंथी लड़कियों से डरते हैं ! सोनिया के सामने टेंशन में रहते हैं, वाम के डर से नींद नहीं आती, आदिवासियों की जंग से बीमार पड़े हैं, इसीलिए पिटने पर गऊ हैं -गऊ हैं, चिल्लाते हैं!!

भाजपा शिक्षा में हठधर्मिता, अराजकता और मनमानी कर रही है, बीएचयू की घटना उसका नमूना मात्र है। वीसी का रूख क्षत्रपों जैसा है जो शिक्षा के लिए कलंक की बात है।

नवरात्र में लडकियों पर बर्बर लाठीचार्ज सिर्फ हिन्दुत्ववादी सरकार और उसके चमचे अधिकारी ही करा सकते हैं।

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