मोदी के तानाशाही सनक के फैसलों से देश को भारी नुकसान हुआ

नोटबंदी से हुई तबाही साबित है, साबित है कि ये एक तानाशाह का सनकी और बेबकूफना फैसला था जिससे करोड़ों लोगों को बेजा तकलीफ हुई। ...

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हाइलाइट्स

कुल मिलाकर देखें तो जिसे भक्तगण 'साहसिक' और 'चौंकानेवाले' फैसले कहकर खुद को तथा अपने जैसे लोगों को दिलासा दे रहे हैं वे वस्तुतः 'मनमाने' और 'अचानक' लिए गए बुद्धिहीन तानाशाही सनक के फैसले रहे हैं जिनसे देश को भारी नुकसान हुआ है

 

साहसिक और चौंकानेवाले ?

मधुवन दत्त चतुर्वेदी

कुछ मोदीभक्त अब भी अब भी समझते हैं कि नोटबंदी, इजरायल यात्रा, पाकिस्तान में बिन बुलाए जाना या तीन तलाक पर स्टैंड लेना आदि मोदी के साहसिक और चौंकाने वाले निर्णय थे। वे इनके हवाले से कट्टर हिंदुत्व को देश की दुर्दशा के बाबजूद दिलासा दे रहे हैं कि मोदी निकट भविष्य में इसी तरह राम मंदिर और धारा 370 पर बड़े फैसले लेकर चौंकाने वाले हैं।

प्रचंड बहुमत, पार्टी पर एकाधिकार एवम तानाशाही तौर तरीकों के रहते नरेन्द्र मोदी 'मनमाने' और 'अचानक' फैसले लेते रहे हैं लेकिन उनमें 'बुद्धिमत्ता का अभाव' रहा है जिसके चलते वे फैसले देश के लिए घातक रहे हैं।

नोटबंदी से हुई तबाही साबित है, साबित है कि ये एक तानाशाह का सनकी और बेबकूफना फैसला था जिससे करोड़ों लोगों को बेजा तकलीफ हुई।

नवाज शरीफ से मोदी की गलबहियां बेशक बिनबुलाये मेहमान के तौर पर उनकी अम्मा के चरण स्पर्श के लिए पाकिस्तान में जहाज उतार देने तक चलीं गयीं लेकिन उसका नतीजा भी पहले से ज्यादा होस्टाइल पाकिस्तान की शक्ल में सामने आया। आतंकवाद, घुसपैठ और सीमा उल्लंघन की घटनाएं बढ़ीं, सर्जिकल स्ट्राइक के ढोल बेशक बजे, लेकिन विवाद में रहे और बेअसर भी।

स्वांग और नौटंकियों के स्तरहीन कलाकार की स्टाइल से देश विदेश में घूम कर, विदेशी नेताओं से चिपट-चिपट कर मोदी ने कहा कि 'डंका बज रहा है' परंतु 'मेक इन इंडिया' का हाल गोरखपुर अस्पताल में जाते रहे बच्चों सा ही रहा है। पड़ौसियों से रिश्ते बिगड़े और दुनिया में दोस्त कम हुए हैं। इजरायल यात्रा को किसी तरह साहसिक नहीं कहा जा सकता। यहाँ हुए सब सौदे देश विरोधी थे और इजरायल के पार्टनर किन्तु पीएम के देशी यार सरमायेदारों के मुनाफे के लिए थे।

कुल मिलाकर देखें तो जिसे भक्तगण 'साहसिक' और 'चौंकानेवाले' फैसले कहकर खुद को तथा अपने जैसे लोगों को दिलासा दे रहे हैं वे वस्तुतः 'मनमाने' और 'अचानक' लिए गए बुद्धिहीन तानाशाही सनक के फैसले रहे हैं जिनसे देश को भारी नुकसान हुआ है

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