मुजफ्फरनगर साम्प्रदायिक हिंसा : कत्ल के बाद अब इंसाफ का कत्ल

और अब सालों बाद कह रहे हैं कि फलां-फलां कह रहे हैं कि स्वाभाविक मौत थी और अब फिर आपका बयान दर्ज होगा....

अतिथि लेखक

इंसाफ का गला तो घोंट ही दिया...अब लाशों का कत्ल

राजीव यादव

मुजफ्फरनगर साम्प्रदायिक हिंसा में मारे गए डूंगर निवासी मेहरदीन के शव का पोस्टमार्टम करवा दोषियों को सजा देने वाले मामले में साढ़े चार साल बाद दूसरी बार आज फिर आईओ बयान दर्ज करेंगे.

राजीव यादव
राजीव यादव, स्वतंत्र पत्रकार, मानवाधिकार कार्यकर्ता, राज्य प्रायोजित आतंकवाद के विशेषज्ञ हैं।

सवाल ये है कि हत्या सितंबर 2013 में हुई और बहुत लेट-लतीफ करते पहली बार पोस्टमार्टम के लिए शव को निकालने की बात कर जनवरी 2014 में मुज़फ्फरनगर बुलाकर बयान दर्ज कहा कि फोर्स नहीं है हिम्मत नहीं है उस जाट बाहुल्य गांव में जाकर लाश निकालने की. कब्र खुदवाने के लिए मेहरदीन के परिजन भी वहाँ मौजूद थे.

और अब सालों बाद कह रहे हैं कि फलां-फलां कह रहे हैं कि स्वाभाविक मौत थी और अब फिर आपका बयान दर्ज होगा.

दर्ज कर लीजिए इंसाफ का गला तो घोंट ही दिया...

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