अत्यंत अमीर नेहरू घराने का परिवारवाद जिसके बारे में चर्चा करने की भक्तों की औकात ही नहीं

एक समय तो मोतीलालजी और जवाहरलाल जी दोनों बापलेक कारागृह में साथ बंद थे, उस समय जवाहरलालजी की माताश्री स्वरूपराणी नेहरू ने कॉग्रेस के काम का धुरा संभाली थीं....

अत्यंत अमीर नेहरू घराने का परिवारवाद जिसके बारे में चर्चा करने की भक्तों की औकात ही नहीं

अनुराग ओझा

अत्यंत अमीर नेहरू घराने का परिवारवाद .....

यह है परिवार वाद जिसके बारे में चर्चा करने की भक्तों की औकात ही नहीं है

1) मोतीलाल नेहरू को नमक सत्त्याग्रह में भाग लेने के कारण 2 वर्ष जेल का दंड भोगना पड़ा।

2) जवाहरलाल नेहरू को 9 वर्ष से अधिक जेल में रहना पड़ा।

3) एक समय तो मोतीलालजी और जवाहरलाल जी दोनों बापलेक कारागृह में साथ बंद थे, उस समय जवाहरलालजी की माताश्री स्वरूपराणी नेहरू ने कॉग्रेस के काम का धुरा संभाली थीं. मोतीलाल नेहरू के निधन के बाद, जवाहरलालजी कारागृह में बंद थे तभी पुलिस के हल्ले से माता स्वरूपराणी नेहरू जख्मी होकर रस्ते पर बेसुध स्थिति में पड़ी थीं और पुलिस हल्ला में उनके मृत होने की ख़बर फैल गयी थी. जवाहरलाल जी कारागृह में बंद होने के कारण घायल मां को मिलने जा नहीं पाए।

4) जवाहरलालजी की पत्नी कमला नेहरूं की तबियत खराब होने के बावजूद 1 वर्ष कारागृह बंद रहीं। बाद में तबियत ज्यादा बिगड़ने के कारण उनकी रिहाई हुई‌।

5) लड़की इंदिरा गांधी को भारत छोडो आंदोलन में सहभागी होने के कारण उन्हें 2 वर्ष की सजा हुई. उल्लेखनीय यह है कि उनकी शादी के ठीक 6 महीने में नवदंपति जेल में थे।

6) जंवाई फेरोज गांधी को भी भारत छोडो आंदोलन में भाग लेने के कारण 2 वर्ष जेल में रहना पडा़।

7) जवाहरलालजी की सबसे छोटी बहन कृष्णा हठीसिंह भी देश की आजादी के लिए 2 वर्षा कारावास में बंद रहीं.

8) जवाहरलालजी से छोटी बहन विजयालक्ष्मी पंडित भी आजादी के आंदोलन में 3 वर्ष कारावास में रहीं।

9) विजय लक्ष्मी पंडित के पति रणजीत सीताराम पंडित को भी 3 वर्ष की सजा हुई थी, उसमें ढाई वर्ष वे कारावास में बिताए और वहीं कारागृह में ही 1944 में उनकी मृत्यु हो गयी।

10) मोतीलालजी का भतीजा ब्रजकुमार नेहरू और उनकी पत्नी रामेश्वरी नेहरू भी भारत छोड़ो आंदोलन में सहभागी हुए थे.

यह सब भी तो परिवारवाद है, लेकिन इस बारे में कोई क्यों नहीं बोलता ??

Anurag Ojha की एफबी टाइमलाइन से साभार

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