भाजपा की मदद के बिना क्या यह लूट संभव है ? 2019 के चुनाव के बाद भगवा कॉकस विदेश भागेगा !

भाजपा के कई लोकसभा-विधानसभा चुनाव अकेले यह घोटालेबाज फाइनेंस कर सकता है! इसको कहते हैं -भगवान देता है तो बैंक फाड़कर देता है !...

हाइलाइट्स

मोदीजी की रामभक्ति अब रंग दिखा रही है! वे लोहे को छूते हैं हीरा हो जाता है !वे चिरकुट को छूते हैं साइबर शेर बन जाता है! पहले भारत की मुद्रा चलती ही नहीं थी अब सीधे देश से विदेश की ओर भाग रही है।

जगदीश्वर चतुर्वेदी

वंशवाद के लिए कांग्रेस को गालियां और अम्बानी को वंशवाद के आधार पर पंजाब बैंक लूटने की आजादी का समर्थन! जय श्री राम!

चोरेर मुखे बडो गला! बंगला की यह कहावत पीएम ने सही साबित की। उनको नीरव मोदी के घोटाले के बारे में 2016 में ही सूचित कर दिया गया था। इसके बावजूद कोई कार्रवाई न तो सीबीआई ने की और पीएम ने की!

अब नीरव मोदी और नरेंद्र मोदी के बीच कनेक्शन आप लोग ढूंढते रहिए! ईमानदारी की मोदी गीता टीवी चैनलों से सुनते रहिए ? नीरव मोदी अब देश से जा चुका है!

नीरव अब ललित मोदी की तरह ऐश कर रहा है। सवाल उठता है भाजपा की मदद के बिना क्या यह लूट संभव है ? तकरीबन तीस हजार करोड़ रुपए से अधिक धन लेकर वो चला गया!

भाजपा के कई लोकसभा-विधानसभा चुनाव अकेले यह घोटालेबाज फाइनेंस कर सकता है! इसको कहते हैं -भगवान देता है तो बैंक फाड़कर देता है !

पंजाब नेशनल बैंक का घोटाला यदि यूपीए शासन का होता तो मोदीजी अपने भाषणों में उसका जिक्र जरूर करते।असल में यह घोटाला उनके शासन में हुआ है इसलिए उनके मुंह पर ताला लगा हुआ है।

नीरव मोदी तो पीएम के साथ हाल ही में दावोस में था। गजब ईमानदार जोड़ीदार है!

मोदी के मंत्री कह रहे हैं नीरव मोदी की 1300 करोड़ की संपत्ति जब्त होगी, सवाल यह है लूट तीस हजार करोड़ रुपए की है। अपराध संगीन है, ऐसे में मोदी सरकार ने 2016 में पता चलते ही एक्शन क्यों नहीं लिया ?

अम्बानी आंतरिक चक्र में पीएम उनका, आरबीआई गवर्नर उनका, बैंक लूटने वाले अम्बानी के रिश्तेदार। गजब लुटेरा टी 20टीम है!!

इंतजार करें 2019 के चुनाव के बाद भगवा कॉकस विदेश भागेगा!

विरोधी के ईडी छापे मारती है! नीरव मोदी के यहां छानबीन कर रही है।यह है मीडिया और ईडी की गुलाम भाषा।

मोदीजी ने त्रिपुरा को हीरे के सौदागर की तरह हीरा देने का वायदा किया है। त्रिपुरा वालो देख लो मोदी नामक हीरे का व्यापारी पंजाब बैंक लूट के भाग गया, कहीं मोदीजी त्रिपुरा की शांति लूटकर न भाग जाएं!

नीरव मोदी एक जनवरी स्विट्जरलैंड चला गया, 23जनवरी को उसने दावोस में पीएम के साथ फोटो खिंचवाया, उसका भाई निशाल बेल्जियम एक जनवरी चला गया, मेहुल चौकसी छह जनवरी को देश छोड़कर चला गया। इसे कहते हैं चोरों के अच्छे दिन!

आखिरकार वे नाम क्यों नहीं बता रहे, नाम बताने से देश की सुरक्षा को कोई खतरा पैदा नहीं होगा-

मुख्‍य सूचना आयुक्‍त आरके माथुर ने सूचना का अधिकार कानून (आरटीआई) के तहत दाखिल अर्जी पर ऐसे लोगों की सूची सौंपने को कहा है जो वर्ष 2014-2017 के बीच प्रधानमंत्री की आधिकारिक यात्रा पर उनके साथ गए थे। उन्‍होंने सरकार की आपत्तियों को खारिज कर दिया है।

देश में अब तक का सबसे बैंक घोटाला हुआ है लेकिन पीएम और वित्तमंत्री के पास प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का समय नहीं है। यही है हिंदू धर्म !

“कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएनबी घोटाले को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी पर करारा हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि इंडिया को लूटने वाले नीरव मोदी ने जिस 'गाईड' का सहारा लिया उसके मुताबिक पहले पीएम मोदी को गले लगाना होता है और फिर उनके साथ डावोस में नज़र आना होता है। वहीं वे आगे लिखते हैं कि फिर 12,000 करोड़ रुपए लूटने होते हैं और उसके बाद माल्या की तरह देश छोड़कर भाग जाना होता है। राहुल ने ट्वीट में लिखा है कि इन सबके बीच सरकार बस इतना करती है कि वो अपनी निगाहें मोड़ लेती है।“ (एबीपी न्यूज)

मोदीजी की रामभक्ति अब रंग दिखा रही है! वे लोहे को छूते हैं हीरा हो जाता है !वे चिरकुट को छूते हैं साइबर शेर बन जाता है! पहले भारत की मुद्रा चलती ही नहीं थी अब सीधे देश से विदेश की ओर भाग रही है।

तिलस्मी हिंदूपुत्र हो तो मोदी जैसा ! बैंक लुट जाएं लेकिन जनता चूँ तक न करे! गाय कट जाएं हिंदू उफ़ तक न करें! युवा लड़के लड़कियाँ सरेआम पीटे जाएं युवा प्रतिवाद तक न करें! लड़कियों के साथ बलात्कार की घटनाएँ 70 साल का रिकार्ड तोड़ दें लेकिन लड़कियों के प्रतिवाद जुलूस न निकलें ! किसान आत्महत्या करके आँकड़ों का अम्बार लगा दें, संसद बेचैन न हो! इसे ही कहते हैं मुखौटे वाला मोदी जो हर कातिल और ज़ालिम में रमा हुआ है!

(जगदीश्वर चतुर्वेदी की एफबी टिप्पणियों का समुच्चय)

 

 

हस्तक्षेप से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें
facebook फेसबुक पर फॉलो करे.
और
facebook ट्विटर पर फॉलो करे.
"हस्तक्षेप"पाठकों-मित्रों के सहयोग से संचालित होता है। छोटी सी राशि से हस्तक्षेप के संचालन में योगदान दें।