मुगल नहीं असल में अंग्रेज़ ही लुटेरे थे और आज हम अंग्रेज़ियत के ही ग़ुलाम हैं

यदि मुगलों ने इस भूमि को लूटा खसोटा होता, तो अंग्रेज़ों के लिए लूटने को बचता ही क्या ?...

अतिथि लेखक
मुगल नहीं असल में अंग्रेज़ ही लुटेरे थे और आज हम अंग्रेज़ियत के ही ग़ुलाम हैं

Not Mughal, in fact the British were the looters and today we are enslaved to Britishism.

अजीत सिंह साहनी उर्फ स्वामी अजीतानंद/फजीतानंद

एक ग़लतफ़हमी दूर कर दूं, मुग़ल एक वंश था, शासक थे।

न वे इस्लाम प्रचारक थे, न वे स्वयं इस्लाम थे।

सिर्फ मुसलमान थे।

और अंग्रेजों के आने से पहले इस भूमि पर लगभग वही काबिज़ थे, यदि उन्होंने इस भूमि को लूटा खसोटा होता, तो अंग्रेज़ों के लिए लूटने को बचता ही क्या ?

असल में अंग्रेज़ ही लुटेरे थे, आज हम अंग्रेज़ियत के ही ग़ुलाम हैं।

ये बात दीगर है कि कोई भी सत्ताधीश आमजन का शोषण ही करता है, सच्चे प्रजातंत्र /समाजवाद/साम्यवाद के बिना ये शोषण ख़त्म नहीं किया जा सकता।

ये देश तो बावजूद तथाकथित मुग़लों की लूट के भी सोने की चिड़िया था।

मुगलों ने पाक कला, वास्तु कला, सिलाई, मीनाकारी, पच्चीकारी, चिकनकारी आदि से हमारी संस्कृति को अद्भुत विस्तार दिया।

ज़ाहिर हो कि हिंदुओं का सबसे महान और पूजनीय ग्रंथ 'रामचरित मानस" भी अकबर काल में उसी के वित्तपोषण से तुलसी ने लिखा।

'तर्क से सोचो, नफ़रत फैलाने वाले गोबर ही भरेंगे आपके दिमाग़ में, और अपनी जेब आपकी मेहनत लूटकर।

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