मोदी के याराना पूंजीवाद को शुभ संदेश नहीं राहुल गांधी का आगे बढ़ना

शुभ तो भारत के कोटि कोटि श्रमजीवियों के लिए भी नहीं है जो मोदी सरकार के याराना पूंजीवाद से जार-जार हैं और बेहतर विकल्प की उम्मीद में थे।...

अतिथि लेखक
मोदी के याराना पूंजीवाद को शुभ संदेश नहीं राहुल गांधी का आगे बढ़ना

मधुवन दत्त चतुर्वेदी

राहुल गांधी से वैश्विक पूंजीवाद नरेंद्र मोदी को विस्थापित करने के लिए तैयार है। लंदन से राहुल की रिपोर्टिंग और उस पर बीजेपी की प्रतिक्रियाएं यही संकेत दे रही हैं। मोदी के याराना पूंजीवाद को यह शुभ संदेश नहीं है।

शुभ तो भारत के कोटि कोटि श्रमजीवियों के लिए भी नहीं है जो मोदी सरकार के याराना पूंजीवाद से जार-जार हैं और बेहतर विकल्प की उम्मीद में थे।

मैं चाहता था राहुल मोदी के बरअक्स यहां से ऊपर उठते। लेकिन वहां से उठकर उनका आना आज के सूरते हाल में स्वीकार्य तो होगा सुखद नहीं। इसे भारतीय वामपंथ को बढ़ावा देकर सुखद बनाया जा सकता है।

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