अखिलेश के प्रोजेक्ट का दोबारा शिलान्यास किया और इनकाउंटरों व मुन्ना बजरंगी की हिरासती हत्या पर मुहर लगा गए मोदी

अखिलेश के प्रोजेक्ट का दोबारा शिलान्यास किया और इनकाउंटरों व मुन्ना बजरंगी की हिरासती हत्या पर मुहर लगा गए मोदी...

अखिलेश के प्रोजेक्ट का दोबारा शिलान्यास किया और इनकाउंटरों व मुन्ना बजरंगी की हिरासती हत्या पर मुहर लगा गए मोदी

मसीहुद्दीन संजरी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज आज़मगढ़ में बहुचर्चित रैली को सम्बोधित किया। बहुचर्चित इसलिए कि रैली में भाग लेने के लिए तमाम स्कूल कालेज बंद करने का सरकारी फरमान जारी किया गया। भीड़ जुटाने के लिए गाड़ी मालकान को प्रशासनिक चाबुक का सामना करना पड़ा। बाहर से बड़ी संख्या में लोगों को लाया गया। स्थानीय स्तर पर पैसों का बड़ा खेल हुआ जो आगामी चुनाव में सम्भावित धन बल की धमक एहसास भी करा गया।

इस दौरे से ठीक पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे पूर्वांचल की किस्मत बदलने वाला करार दिया था। लेकिन सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के दोबारा शिलान्यास के तौर पर सामने आई जो अखिलेश यादव अपने कार्यकाल में 22 दिसम्बर 2016 में रख चुके थे और उस पर काम भी शुरू हो चुका है।

जनपद में एक विश्वविद्यालय की मांग काफी समय से हो रही है लेकिन निराशा ही हाथ लगी। किसी उद्योग के मामले में जनपद की किस्मत शायद अब तक नहीं खुली है। सलाहकारों ने प्रधानमंत्री को यह भी नहीं बताया कि आज़मगढ़ में कांग्रेस से नहीं बल्कि उनका मुकाबला सपा बसपा से है। सूखे की मार झेल रहे इस जनपद में बह कांग्रेस पर ज़्यादा बरसे। बताया कि कांग्रेस ने जो 70 साल में नहीं किया उनकी सरकार ने 4 साल में कर दिखाया।

प्रदेश में अपराधों का सरकारी लेखाजोखा कुछ कहता हो लेकिन प्रधानमंत्री ने बताया कि अपराधी कांप रहे हैं। इस बार तीखी मुस्कान के साथ गर्व करने की बारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की थी और उन्होंने मौका गंवाया भी नहीं। करते भी कैसे इनकाउंटरों का अनुमोदन और मुन्ना बजरंगी की हिरासती हत्या एक साथ सध रही थी। मानवाधिकार आयोग और सुप्रीम कोर्ट के सवालों का इशारों में जवाब भी था।

कहना मुश्किल है कि विकास के नाम कुछ भी गिनाए बिना प्रधानमंत्री ने पाला मारा, मुख्यमंत्री का कामकाज जीत गया या जनता की समझदारी में कुछ इज़ाफ़ा हुआ।

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