40 रुपये का सरदार पटेल का कोट और 4.31 करोड़ रुपये का प्रधानसेवक का कोट !

जो सरदार पटेल आम हिंदुस्तानी की तरह अंतिम संस्कार चाहते थे, वैसे पटेल की आत्मा से क्या ज़बरदस्ती नहीं हुई ?...

पुष्परंजन
40 रुपये का सरदार पटेल का कोट और 4.31 करोड़ रुपये का प्रधानसेवक का कोट !

सरदार पटेल का कोट और मोदी का कोट

Sardar Patel's coat and Modi's coat

पुष्परंजन

जो सरदार पटेल आम हिंदुस्तानी की तरह अंतिम संस्कार चाहते थे, वैसे पटेल की आत्मा से क्या ज़बरदस्ती नहीं हुई ?

दो कोट आपके सामने है। एक कोट की अधिकतम क़ीमत है 40 रुपये. दूसरे कोट की क़ीमत है 4.31 करोड़ रुपये ! अहमदाबाद जायेंगे, तो पहले वाला वास्कट सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय स्मारक में आपको टंगा मिल जायेगा। साधारण से सीसे के केस में रखा है। दूसरा नीलाम हुआ कोट हीरा व्यापारी लालजीभाई पटेल की शान बढ़ा रहा है !

उनकी बेटी मणिबेन वल्लभभाई पटेल मुंबई में पली-बढ़ीं। उनके बेटे दाह्याभाई पटेल सांसद थे। 1950 के दिनों में सरदार बल्लभ भाई पटेल के मुंह से खून आने की शिकायत मिली। मणिबेन गंभीर हालत में इलाज के वास्ते उन्हें मुंबई लेकर आयीं। मुंबई स्थित बिरला हाउस में 15 दिसंबर 1950 को सुबह 9.37 पर हार्ट अटैक से सरदार पटेल की मृत्यु हो गयी।

चौपाटी पर उनके दाह संस्कार के वास्ते वृहद आयोजन किया गया था। मगर मणिबेन ने अपने पिता की अंतिम इच्छा से सबको अवगत कराया कि उनकी अंत्येष्टि इस देश के साधारण नागरिक जैसा होना चाहिए। ऐसा ही हुआ। मुंबई के मरीन लाइन के पास सोनापुर में सरदार वल्लभभाई पटेल का अंतिम संस्कार किया गया।

मणिबेन वल्लभभाई पटेल स्वतन्त्रता सेनानी तथा सांसद थीं। वृद्धावस्था में उनके पास धन, मान, आवश्यक वस्तुओं का अभाव रहा।

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